rajpaldular
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देश का दुर्भाग्य था कि सुभाषचन्द्र बोस की अंग्रेज़ो से युद्ध से पहले ही मौत हो गयी।
देश का दुर्भाग्य ही था कि सरदार पटेल की जगह नेहरू को प्रधानमन्त्री बना दिया गया।
देश का दुर्भाग्य ही था कि लाल बहादुर शास्त्री को धोखे से मार दिया गया।
और वर्तमान में देश का दुर्भाग्य ही होगा यदि हम इस बार वल्लभभाई पटेल जैसे मजबूत इरादों वाले नरेन्द्रभाई मोदी को प्रधानमन्त्री ना बन पाए।
(याद रहे- युग दोहरा रहा है, केजरीवाल इस समय नेहरु की भूमिका में है, नेहरु की तरह वो भी कश्मीर को पाकिस्तान को देने के पक्ष में है और मोदी जी वल्लभभाई पटेल की भूमिका में, जो सशक्त एवं समृद्ध दिन्दुस्तान बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।)
हे भारत राष्ट्र के बुद्धिशील नागरिकों, आओ इस बार हम नया इतिहास बनाएँ -- दोहराएँ नहीं।।।