Saharanpur Riots - So called minority ( Muslims ) attacked other minority (Sikhs)

rathiji

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Friends,

I started this thread to discuss and understand the reason of Muslims burning Sikhs shops & properties , vandalizing their homes. Was this a deliberate attack ? or Muslims were in some danger because of Sikhs? Did Sikhs destroy any Mosque to build their Gurudwara or they lost case from high court and forcefully acquired land ? Whose fault this was ? How a mob become so angry that they burnt property of billions ? Which party , which institution , which religion must be held responsible for it.

Truthful & constructive views are welcome.
 
Friends,

I started this thread to discuss and understand the reason of Muslims burning Sikhs shops & properties , vandalizing their homes. Was this a deliberate attack ? or Muslims were in some danger because of Sikhs? Did Sikhs destroy any Mosque to build their Gurudwara or they lost case from high court and forcefully acquired land ? Whose fault this was ? How a mob become so angry that they burnt property of billions ? Which party , which institution , which religion must be held responsible for it.

Truthful & constructive views are welcome.
SP govt which has almost 3 years left is behind all this, after LS results they have gone mad and doing simply anything which will please seculars. Why such incidents are happening in UP only? Seculars ko shaant karna need of the hour hai.
 
After LS result. Therese a party which is doing bloody things with UP. Everyone know that party name:tongue:
That party worker creating all this situation. Its all about politics
 
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Bhai Aman, ar Hudda or Chautala tujhe bhadka de ke saare jat mullo ke makaan or dukaan fuk denge Haryana me??
 
Bhai Aman, ar Hudda or Chautala tujhe bhadka de ke saare jat mullo ke makaan or dukaan fuk denge Haryana me??

ha ha ha sahi kha bhai.


Per ye jo dharna ya pardasn karte hai. usmain 95% worker hi hote hai kisi bhi party ke. Pumping dene ka kaam India main ye politician hi karte hai logo ko. che wo congress ho, BJP ho ya Aap. Muslim ko pump dene wale tho bahut leaders hai bhai.



Mandir se mike utrane wali baat dekh lo ab
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Were Sikhs alone fighting Muslims or Hindus and Sikhs fought jointly? Anyone has details of the incidence?

RK^2
 
Were Sikhs alone fighting Muslims or Hindus and Sikhs fought jointly? Anyone has details of the incidence?

RK^2

The dispute began when Sikhs started construction work at a disputed sight. Sikhs say they have high court order to construct a gurudwara there. Muslims say there was a mosque there (though it seems quite false as they say no one visited that mosque as it was built inside). Muslims attacked Sikhs and Punjabi Hindus shops and soon the riot turned Sikhs+Jains+Punjabi Hindus vs Muslims. A Punjabi Hindu businessman Harish Kochar (57 year old) was shot dead after asking his name. 2 Muslims youths Arif and Sarfaraz were also killed. Some 4-5 people from both side are still missing.
 
The dispute began when Sikhs started construction work at a disputed sight. Sikhs say they have high court order to construct a gurudwara there. Muslims say there was a mosque there (though it seems quite false as they say no one visited that mosque as it was built inside). Muslims attacked Sikhs and Punjabi Hindus shops and soon the riot turned Sikhs+Jains+Punjabi Hindus vs Muslims. A Punjabi Hindu businessman Harish Kochar (57 year old) was shot dead after asking his name. 2 Muslims youths Arif and Sarfaraz were also killed. Some 4-5 people from both side are still missing.
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The word "disputed sight" itself is created by bloody media , they never show the genuine news when it is matter of muslim. How the site can be "disputed" now when high court gave verdict in favor of sikhs. Sikhs had high court order now and their ownership of land was well-accepted by high court and gave verdict in Sikhs favor few months back. At that time when Sikhs went on for construction on this site, govt. administration of Saharanpur stopped Sikhs from construction because it could provoke muslims as per them..ridiculous!!..is this govt. admin a whore and dance on the eyes of muslims??....is there no law and order for muslims?...... When Sikhs won the case why govt. admin did not stand up with Sikhs .

After few months Sikhs finally stood up on their own, did construction ....in muslims dominated areas, announcement were done from mosque during prayer...(they plan everything during paryer...koi inse pooche yeh kaisi namaaz hai....?....), muslims gathered and attacked on gurudwara....rest of the story everyone knows.............


hey hai dange ke mukhya aaropi moharaam ali urf pappu ki kahani...dainik jagran ki jubani..


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सहारनपुर : दंगे के मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू की गिरफ्तारी के बाद से परत दर परत पूरा मामला खुलता जा रहा है। दंगा सुनियोजित था और गुरुद्वारा रोड व अंबाला रोड को पूरी तरह से तबाह करने की योजना थी। इसके लिये पप्पू के गुर्गे आगजनी के लिये सौ लीटर केमिकल लेकर आये थे। पप्पू पर पुलिस ने एनएसए तामील कर दी है। 1दंगे के दो मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू व भतीजे इरशाद की गिरफ्तार से कई रहस्यों से पर्दा उठा है। इसमें कुछ ऐसे राज है, जिनकी पुष्टि के लिये खुफिया विभाग की टीम ने पप्पू से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए हैं। इनमें कुछ नेताओं के नंबर भी बताए जा रहे हैं, जिनसे पप्पू ने घटना से करीब 2-3 घंटे पहले मोबाइल पर बात थी। पप्पू ने शहर को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने के लिये प्लानिंग की थी, जिसका पता पप्पू के बेटे दानिश, भतीजे इरशाद व हाजी इरफान को 24 घंटे पहले चल गया था। पूछताछ के दौरान पप्पू के बेटे दानिश ने पुलिस के सामने इसका खुलासा भी किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पप्पू के कहने पर उसके गुर्गों ने कुतुबशेर चौराहे के पास ही शुक्रवार सौ लीटर केमिकल डिब्बों में भर रख दिया था। पप्पू की प्लानिंग थी कि अगर वार्ता सफल नहीं हुई तो उसका इशारे मिलते ही भीड़ में शामिल गुर्गे आगजनी व लूटपाट शुरू कर दें। अधिकारियों को उस पर शक न हो इसलिये वह भीड़ को समझाने का नाटक करता रहा। बात न बनने पर भीड़ में शामिल दानिश, भतीजा इरशाद के साथ आये सौ से अधिक युवकों ने पप्पू का इशारा मिलते ही लूटपाट व आगजनी शुरू कर दी। अपनी योजना में पप्पू अस्सी फीसदी सफल भी रहा। लेकिन उसे नहीं पता थी कि वह अपने बिछाये जाल में खुद फंस जाएगा। सांप्रदायिक हिंसा का तीसरा मास्टर माइंड हाजी इरफान जो विवादित प्लाट के मुकदमे में वादी है। वह आज तक विवादित स्थल तक पर नहीं गया था। उसने भी पप्पू के इशारे पर ही मुकदमा दर्ज कराया था। मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू पर एनएसए लगा दी गई है और बाकी आरोपियों पर एनएसए लगाने की तैयारी है। 1पप्पू की संपत्ति भी होगी कुर्क 1कुछ सालों में अथाह संपत्ति के मालिक बने मोहर्रम अली उर्फ पप्पू की संपत्ति का लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। हालांकि अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, पर बताया गया कि डेढ़ दशक पूर्व किराये के मकान में रहने वाले पप्पू अब करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। उसके विरुद्ध पहले भी कई मुकदमे है। पप्पू की संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच खुफिया विभाग कर रहा है। 1राजनीतिक कनेक्शन ?1पुलिस के अनुसार पप्पू कांग्रेस नेता इमरान मसूद का सहयोगी है। हालांकि इमरान ने कहा कि पप्पू से मेरा कोई संबंध नहीं है और उस दिन मौके पर भीड़ को समझाते समय पप्पू ने मेरे साथ अभद्रता की और लोगों को मेरे खिलाफ उकसाया। मोहर्रम अली पप्पू पूर्व सभासद रह चुका है और पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। इनके खिलाफ पहले भी सहारनपुर के जनकपुरी, मंडी और कुतुबशेर थानों में बवाल करने से लेकर फर्जीवाड़े तक के दर्जनभर मामले हैं। गुरुद्वारा सिंहसभा का भी आरोप है कि 2001 में मोहर्रम अली पप्पू ने अपने को पर्दे के पीछे रखकर अब्दुल वहाब नाम के एक शख्स से वाद दायर करवाया। इसी के चलते यह विवाद इतना बढ़ा। 110 लाख लेने के बाद भी पप्पू ने कराया दंगा 1एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि पप्पू ने स्वीकार किया है कि विवादित जमीन का मामला निस्तारित करने के लिए पप्पू ने गुरूद्वारा कमेटी से 25 लाख मांगे थे। दो किश्तों में 10 लाख का भुगतान भी हो चुका था। 15 जुलाई से इस स्थान पर निर्माण चल रहा था। जब पप्पू को लगा कि उसे अब पैसा नही मिलेगा तो वह अचानक 25 जुलाई की रात तीन बजे थाने पहुंचा। पप्पू ने सहरी के वक्त का फायदा उठाया और कुतबुशेर मस्जिद के शहीद करने की अफवाह उड़ा भीड़ एकत्र कर ली और आगजनी शुरूकरवा दी।सहारनपुर : दंगे के मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू की गिरफ्तारी के बाद से परत दर परत पूरा मामला खुलता जा रहा है। दंगा सुनियोजित था और गुरुद्वारा रोड व अंबाला रोड को पूरी तरह से तबाह करने की योजना थी। इसके लिये पप्पू के गुर्गे आगजनी के लिये सौ लीटर केमिकल लेकर आये थे। पप्पू पर पुलिस ने एनएसए तामील कर दी है। 1दंगे के दो मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू व भतीजे इरशाद की गिरफ्तार से कई रहस्यों से पर्दा उठा है। इसमें कुछ ऐसे राज है, जिनकी पुष्टि के लिये खुफिया विभाग की टीम ने पप्पू से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लिए हैं। इनमें कुछ नेताओं के नंबर भी बताए जा रहे हैं, जिनसे पप्पू ने घटना से करीब 2-3 घंटे पहले मोबाइल पर बात थी। पप्पू ने शहर को सांप्रदायिक हिंसा में झोंकने के लिये प्लानिंग की थी, जिसका पता पप्पू के बेटे दानिश, भतीजे इरशाद व हाजी इरफान को 24 घंटे पहले चल गया था। पूछताछ के दौरान पप्पू के बेटे दानिश ने पुलिस के सामने इसका खुलासा भी किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पप्पू के कहने पर उसके गुर्गों ने कुतुबशेर चौराहे के पास ही शुक्रवार सौ लीटर केमिकल डिब्बों में भर रख दिया था। पप्पू की प्लानिंग थी कि अगर वार्ता सफल नहीं हुई तो उसका इशारे मिलते ही भीड़ में शामिल गुर्गे आगजनी व लूटपाट शुरू कर दें। अधिकारियों को उस पर शक न हो इसलिये वह भीड़ को समझाने का नाटक करता रहा। बात न बनने पर भीड़ में शामिल दानिश, भतीजा इरशाद के साथ आये सौ से अधिक युवकों ने पप्पू का इशारा मिलते ही लूटपाट व आगजनी शुरू कर दी। अपनी योजना में पप्पू अस्सी फीसदी सफल भी रहा। लेकिन उसे नहीं पता थी कि वह अपने बिछाये जाल में खुद फंस जाएगा। सांप्रदायिक हिंसा का तीसरा मास्टर माइंड हाजी इरफान जो विवादित प्लाट के मुकदमे में वादी है। वह आज तक विवादित स्थल तक पर नहीं गया था। उसने भी पप्पू के इशारे पर ही मुकदमा दर्ज कराया था। मास्टर माइंड मोहर्रम अली उर्फ पप्पू पर एनएसए लगा दी गई है और बाकी आरोपियों पर एनएसए लगाने की तैयारी है। 1पप्पू की संपत्ति भी होगी कुर्क 1कुछ सालों में अथाह संपत्ति के मालिक बने मोहर्रम अली उर्फ पप्पू की संपत्ति का लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। हालांकि अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, पर बताया गया कि डेढ़ दशक पूर्व किराये के मकान में रहने वाले पप्पू अब करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। उसके विरुद्ध पहले भी कई मुकदमे है। पप्पू की संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच खुफिया विभाग कर रहा है। 1राजनीतिक कनेक्शन ?1पुलिस के अनुसार पप्पू कांग्रेस नेता इमरान मसूद का सहयोगी है। हालांकि इमरान ने कहा कि पप्पू से मेरा कोई संबंध नहीं है और उस दिन मौके पर भीड़ को समझाते समय पप्पू ने मेरे साथ अभद्रता की और लोगों को मेरे खिलाफ उकसाया। मोहर्रम अली पप्पू पूर्व सभासद रह चुका है और पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है। इनके खिलाफ पहले भी सहारनपुर के जनकपुरी, मंडी और कुतुबशेर थानों में बवाल करने से लेकर फर्जीवाड़े तक के दर्जनभर मामले हैं। गुरुद्वारा सिंहसभा का भी आरोप है कि 2001 में मोहर्रम अली पप्पू ने अपने को पर्दे के पीछे रखकर अब्दुल वहाब नाम के एक शख्स से वाद दायर करवाया। इसी के चलते यह विवाद इतना बढ़ा। 110 लाख लेने के बाद भी पप्पू ने कराया दंगा 1एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि पप्पू ने स्वीकार किया है कि विवादित जमीन का मामला निस्तारित करने के लिए पप्पू ने गुरूद्वारा कमेटी से 25 लाख मांगे थे। दो किश्तों में 10 लाख का भुगतान भी हो चुका था। 15 जुलाई से इस स्थान पर निर्माण चल रहा था। जब पप्पू को लगा कि उसे अब पैसा नही मिलेगा तो वह अचानक 25 जुलाई की रात तीन बजे थाने पहुंचा। पप्पू ने सहरी के वक्त का फायदा उठाया और कुतबुशेर मस्जिद के शहीद करने की अफवाह उड़ा भीड़ एकत्र कर ली और आगजनी शुरूकरवा दी।

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yeh padhiye...kaise admisntration ne high court ke order ke baad bhi sikho ko gurudwara ka construction nahi karne diya..........muslims agar kahi shamil ho to admin. ko saanp sonngh jaata hai...sab lawa nd order bhool jaata hai....kitna dar hai sarkaar main muslims main..


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दंगा या गंदा सियासी हथकंडा!


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संजीव जैन, सहारनपुर 1सहारनपुर जल रहा था और सूबे की अखिलेश सरकार सो रही थी। तीन लोगों की मौत और 34 के घायल होने के बाद सरकारी तंद्रा टूटी तो कफ्यरू के साये में अब धरपकड़ और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। कुतुबशेर थाना क्षेत्र के 32 हथियारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। 1सांप्रदायिकता की राजनीति में डूबी इस जंग ने पिछले 22 साल से शांत शहर सहारनपुर को निशाना बना लिया। दंगे का मुख्य आरोपी मोहर्रम अली पप्पू समेत उसके गुर्गे समेत सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके है, पर अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर जो रंग दिया जा रहा है, उससे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी के माथे पर पसीना आ रहा है। सत्तासीन पार्टी से जुड़े एक कद्दावर नेता आरोप लगा रहे है कि यह कार्रवाई एक वर्ग पर ही क्यों हो रही है? क्यों उनके मुकदमे नही लिखे जा रहे हैं? दूसरे वर्ग के लोगों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है? बहरहाल, पुलिस चिह्न्ति अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा कि गया है कि अभी तक जिन 52 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें 27 मुस्लिम व 25 हिन्दू है। कफ्यरू में जिन 48 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें 19 ही मुस्लिम है जबकि 29 हिन्दू। बाकायदा निर्धारित प्रारूप पर पुलिस प्रशासन ने शासन को यह रिपोर्ट प्रेषित की है। एडीजी डीएस चौहान, आइजी आलोक शर्मा, खेल सचिव भुवनेश कुमार, डीआइजी दीपक रतन व खुफिया विभाग ने दंगे की बाबत शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें गृह विभाग का मानना है कि 11 अफसरों की लापरवाही दंगे में साबित हुई है। नगर मजिस्ट्रेट कुंज बिहारी अग्रवाल ने सबसे बड़ी लापरवाही की है, जिनके द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी गुरुद्वारे की जमीन पर निर्माण रोकने का आदेश दिया गया। बहरहाल, इस रिपोर्ट के आधार पर अभी तक किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। दंगे के छह दिन बाद इस मामले की जांच सहारनपुर के बजाय मेरठ मंडल के कमिश्नर भूपेन्द्र सिंह को सौंपी गयी है। सहारनपुर के मामले से हाइकामन इतना आहत है कि शुक्रवार को लखनऊ में होने वाली डीएम, कप्तान, डीआइजी, आइजी व कमिश्नर की बैठक को निरस्त कर दिया गया। इस दंगे के बाद सियासी दल अखिलेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ सपा हाईकमान के इशारे पर कुछ भाजपा नेताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने की तैयारी हो रही है। हालांकि पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है न ही कोई सपा नेता मुंह खोलने के लिए तैयार है। बहरहाल, सियासी दल दंगे भड़काने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने में जुटे हुए हैं। पुलिस की मानें तो मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है पर जिन नेताओं ने इस दंगे की नींव रखी, उनके बारे में कोई भी अफसर मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है। बहरहाल, इसमें शक नहीं है कि शुरुआत में जो मामला दो पक्षों का था, वो जल्द ही सिख बनाम मुस्लिम और उसके बाद हिंदू-मुस्लिम झगड़े में बदल गया। उप्र में पिछले दिनों अलग-अलग जिलों में जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा हो रही है उसकी वजह से शक जताया जा रहा है कि उप्र मिशन 2017 व सहारनपुर समेत 12 विस सीटों पर उप चुनाव को ध्यान में रखकर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिशें हो रही हैं। सवाल ये है कि क्या सहारनपुर में हुए दंगे के पीछे भी यही साजिश रची गई और अगर ये साजिश है तो फायदा किसे होगा? फिलहाल सहारनपुर जनपद में सपा कोटे में सात विस सीट में मात्र एक सीट है। जाहिर है कि करीब ढाई साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में सहारनपुर के मतदाता ने सोच-समझ कर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया और सभी पार्टियों में वोट बंट गया लेकिन इस दंगे के बाद ध्रुवीकरण सियासी हालात बदल सकता है।संजीव जैन, सहारनपुर 1सहारनपुर जल रहा था और सूबे की अखिलेश सरकार सो रही थी। तीन लोगों की मौत और 34 के घायल होने के बाद सरकारी तंद्रा टूटी तो कफ्यरू के साये में अब धरपकड़ और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। कुतुबशेर थाना क्षेत्र के 32 हथियारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। 1सांप्रदायिकता की राजनीति में डूबी इस जंग ने पिछले 22 साल से शांत शहर सहारनपुर को निशाना बना लिया। दंगे का मुख्य आरोपी मोहर्रम अली पप्पू समेत उसके गुर्गे समेत सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके है, पर अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर जो रंग दिया जा रहा है, उससे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी के माथे पर पसीना आ रहा है। सत्तासीन पार्टी से जुड़े एक कद्दावर नेता आरोप लगा रहे है कि यह कार्रवाई एक वर्ग पर ही क्यों हो रही है? क्यों उनके मुकदमे नही लिखे जा रहे हैं? दूसरे वर्ग के लोगों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है? बहरहाल, पुलिस चिह्न्ति अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा कि गया है कि अभी तक जिन 52 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें 27 मुस्लिम व 25 हिन्दू है। कफ्यरू में जिन 48 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें 19 ही मुस्लिम है जबकि 29 हिन्दू। बाकायदा निर्धारित प्रारूप पर पुलिस प्रशासन ने शासन को यह रिपोर्ट प्रेषित की है। एडीजी डीएस चौहान, आइजी आलोक शर्मा, खेल सचिव भुवनेश कुमार, डीआइजी दीपक रतन व खुफिया विभाग ने दंगे की बाबत शासन को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें गृह विभाग का मानना है कि 11 अफसरों की लापरवाही दंगे में साबित हुई है। नगर मजिस्ट्रेट कुंज बिहारी अग्रवाल ने सबसे बड़ी लापरवाही की है, जिनके द्वारा कोर्ट के आदेश के बाद भी गुरुद्वारे की जमीन पर निर्माण रोकने का आदेश दिया गया। बहरहाल, इस रिपोर्ट के आधार पर अभी तक किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। दंगे के छह दिन बाद इस मामले की जांच सहारनपुर के बजाय मेरठ मंडल के कमिश्नर भूपेन्द्र सिंह को सौंपी गयी है। सहारनपुर के मामले से हाइकामन इतना आहत है कि शुक्रवार को लखनऊ में होने वाली डीएम, कप्तान, डीआइजी, आइजी व कमिश्नर की बैठक को निरस्त कर दिया गया। इस दंगे के बाद सियासी दल अखिलेश सरकार की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ सपा हाईकमान के इशारे पर कुछ भाजपा नेताओं के विरुद्ध मुकदमे दर्ज करने की तैयारी हो रही है। हालांकि पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है न ही कोई सपा नेता मुंह खोलने के लिए तैयार है। बहरहाल, सियासी दल दंगे भड़काने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने में जुटे हुए हैं। पुलिस की मानें तो मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है पर जिन नेताओं ने इस दंगे की नींव रखी, उनके बारे में कोई भी अफसर मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है। बहरहाल, इसमें शक नहीं है कि शुरुआत में जो मामला दो पक्षों का था, वो जल्द ही सिख बनाम मुस्लिम और उसके बाद हिंदू-मुस्लिम झगड़े में बदल गया। उप्र में पिछले दिनों अलग-अलग जिलों में जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा हो रही है उसकी वजह से शक जताया जा रहा है कि उप्र मिशन 2017 व सहारनपुर समेत 12 विस सीटों पर उप चुनाव को ध्यान में रखकर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिशें हो रही हैं। सवाल ये है कि क्या सहारनपुर में हुए दंगे के पीछे भी यही साजिश रची गई और अगर ये साजिश है तो फायदा किसे होगा? फिलहाल सहारनपुर जनपद में सपा कोटे में सात विस सीट में मात्र एक सीट है। जाहिर है कि करीब ढाई साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में सहारनपुर के मतदाता ने सोच-समझ कर अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया और सभी पार्टियों में वोट बंट गया लेकिन इस दंगे के बाद ध्रुवीकरण सियासी हालात बदल सकता है।अफवाह की सूचना पर दौड़ती व लोगों से दुकान खोलने की अपील करती पुलिस (दाएं)।6दंगों में कार्रवाई में होने लगा शासन का हस्तक्षेप16सत्ताधारी पार्टी के एक नेता ने आरोप लगाया कि एक ही वर्ग के लोगों पर कार्रवाई क्यों 1
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Jab tayi mulla-yam ar "secular" neta rahvenge, Ye nyu e sir fodenge. Inka ek e ilaaj se... Likh dyunga te Dr Saab post delete kar denge.. Samajh to Gaye hoge ;)
 
पुलिस के अनुसार जिस तरह से आपत्तिजनक तस्वीरों को एडिट और फिर पोस्ट किया गया है, उससे लगता है कि इसमें सिमी का हाथ है.€€€कुछ दिन पहले बरेली में हुई हिंसा के तार अब हैदराबाद से जुड़ते दिख रहे हैं. एक फेसबुक पोस्ट के बाद बरेली के एक हिस्से में धार्मिक दंगे भड़क गए थे. जांच में सामने आया है कि हैदराबाद के कुर्मागुडा और मदन्नापेट से ये फेसबुक पोस्ट किए गए थे. एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार साइबर विंग के अधिकारी अब इस मामले में प्रतिबंधि*त संगठन सिमी के हाथ होने की आशंका की भी जांच कर रहे हैं. हैदराबाद के इन इलाकों को सिमी का गढ़ माना जाता है.
बरेली दंगा मामले में जांच कर रही पुलिस टीम को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. पुलिस को पता चला है कि फेसबुक पर तस्वीरें अपलोड करने वाले अंकित गुप्ता ने ये तस्वीरें सिमी के गढ़ माने जाने वाले इन इलाकों से ही अपलोड की थी. अंकित पुलिस की गिरफ्त में है. अंकित और उसके फेसबुक अकाउंट को हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी नेटवर्किंग साइट ने बैन कर दिया था. फेसबुक ने अंकित पर आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने की वजह से प्रतिबंध लगाया था.

पुलिस के अनुसार अंकित को ये आपत्तिजनक तस्वीरें दिल्ली में उसके एक परिचित से मिली थीं. जब पुलिस ने अंकित और उसके दिल्ली के परिचित के फेसबुक अकाउंट की जांच शुरू की तो उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि फेसबुक पर तस्वीरें हैदराबाद से शेयर हुई हैं. यही नहीं दोनों फेसबुक आईडी की लोकेशन भी हैदराबाद ही ट्रेस की गईं. पहले भी मदन्नापेट और कुर्मागुडा से कई सिमी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है.

पुलिस के अनुसार जिस तरह से आपत्तिजनक तस्वीरों को एडिट और फिर पोस्ट किया गया है, उससे लगता है कि इसमें सिमी का हाथ है.

कुछ दिन पहले बरेली में हुई हिंसा के तार अब हैदराबाद से जुड़ते दिख रहे हैं. एक फेसबुक पोस्ट के बाद बरेली के एक हिस्से में धार्मिक दंगे भड़क गए थे. जांच में सामने आया है कि हैदराबाद के कुर्मागुडा और मदन्नापेट से ये फेसबुक पोस्ट किए गए थे. एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार साइबर विंग के अधिकारी अब इस मामले में प्रतिबंधि*त संगठन सिमी के हाथ होने की आशंका की भी जांच कर रहे हैं. हैदराबाद के इन इलाकों को सिमी का गढ़ माना जाता है.
बरेली दंगा मामले में जांच कर रही पुलिस टीम को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं. पुलिस को पता चला है कि फेसबुक पर तस्वीरें अपलोड करने वाले अंकित गुप्ता ने ये तस्वीरें सिमी के गढ़ माने जाने वाले इन इलाकों से ही अपलोड की थी. अंकित पुलिस की गिरफ्त में है. अंकित और उसके फेसबुक अकाउंट को हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी नेटवर्किंग साइट ने बैन कर दिया था. फेसबुक ने अंकित पर आपत्तिजनक सामग्री शेयर करने की वजह से प्रतिबंध लगाया था.

पुलिस के अनुसार अंकित को ये आपत्तिजनक तस्वीरें दिल्ली में उसके एक परिचित से मिली थीं. जब पुलिस ने अंकित और उसके दिल्ली के परिचित के फेसबुक अकाउंट की जांच शुरू की तो उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि फेसबुक पर तस्वीरें हैदराबाद से शेयर हुई हैं. यही नहीं दोनों फेसबुक आईडी की लोकेशन भी हैदराबाद ही ट्रेस की गईं. पहले भी मदन्नापेट और कुर्मागुडा से कई सिमी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है.

पुलिस के अनुसार जिस तरह से आपत्तिजनक तस्वीरों को एडिट और फिर पोस्ट किया गया है, उससे लगता है कि इसमें सिमी का हाथ है.

और भी... http://aajtak.intoday.in/story/bareilly-violence-cops-find-hyderabad-link-1-774745.html


 
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मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में मुस्लिम आतंक चरम पर,
भय और आतंक के साए में सांस ले रहे मेरठ में अब महिलाओं ने खुद पर भरोसा करना सीख लिया है। मंगलवार सुबह कचहरी के पास भारी भरकम भीड़ के बीच एक लड़की ने अपनी अस्मिता और पिता की रक्षा के लिए हमलावरों पर धावा बोल दिया। इस दौरान वर्दी तमाशबीन बनी रही तो नैतिकता का प्रवचन करने वाले बुत बन गए। लोग लफंगों पर टूट पड़ने बजाए दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर रहे थे।
कचहरी पुल के पास सुबह करीब 11 बजे कार में सवार कुछ मनचले बाइक पर अपने पिता के साथ जा रही युवती पर छींटाकशी करते चल रहे थे। इसी दौरान मनचलों ने अपनी कार बाइक में भिड़ा दी। मनचलों की इस हरकत का बाइक सवार बाप और बेटी ने विरोध किया तो युवा मनचलों ने गाली- गलौज करते हुए लड़की के पिता पर हमला बोल दिया। यह सब देख लड़की असहज हो गई। आसपास नजर घुमाकर देखा, तो पूरी भीड़ बेजान नजर आई। बुजदिल जमाने में उसे कोई अपना नहीं लगा। पास में खड़े पुलिस के जवानों में भी कोई हरकत नहीं हुई। लफंगों के हाथ से पिट रहे अधेड़ व्यक्ति को छुड़ाने के लिए कोई हाथ आगे नहीं बढ़ा। बेशर्मी की हद तो तब पार हो गई जब कइयों ने तो इस मारपीट सीन पर अपने मोबाइल के कैमरे की फ्लैश डालनी शुरू कर दी। भय की आबोहवा में कायर होते जा रहे समाज का घिनौने चेहरे ने लड़की के अंदर हौसला भर दिया। उसने ताल ठोंकी और आधा दर्जन लड़कों से अकेले मुकाबला करते हुए उन्हें भागने पर मजबूर किया। लफंगे युवाओं ने लड़की पर काबू जमाने की भरपूर कोशिश की, किंतु नारी की शक्ति और स्वाभिमान ने उनके पैर उखाड़ दिए। मामला बिगड़ता देखकर जब भी युवाओं ने भागने का प्रयास किया तो लड़की ने उनका रास्ता रोक लिया। तमाशबीन और जड़ हो चुकी भीड़ भी इस दृश्य को देखकर शर्मसार हो गई। कइयों ने बाद में लड़की के समर्थन में आवाज ऊंची करने की कोशिश की, जिसे लड़की ने डांटकर चुप करा दिया। बहरहाल, लफंगों के आतंक से भयभीत भीड़ को एक लड़की ने अपनी बहादुरी से अन्याय के खिलाफ लड़ने का संदेश दिया। लगे हाथ पुलिस को आइना दिखाया।

 
Highly disgusting!

This Samajwadi Party support for one particular community has emboldened the bad and lumpen elements in society who think they can get away with just about anything.

Shame that people still vote for these so-called secular parties like SP, BSP, Congress, JD(U), RJD, NCP, etc.



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मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में मुस्लिम आतंक चरम पर,
भय और आतंक के साए में सांस ले रहे मेरठ में अब महिलाओं ने खुद पर भरोसा करना सीख लिया है। मंगलवार सुबह कचहरी के पास भारी भरकम भीड़ के बीच एक लड़की ने अपनी अस्मिता और पिता की रक्षा के लिए हमलावरों पर धावा बोल दिया। इस दौरान वर्दी तमाशबीन बनी रही तो नैतिकता का प्रवचन करने वाले बुत बन गए। लोग लफंगों पर टूट पड़ने बजाए दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर रहे थे।
कचहरी पुल के पास सुबह करीब 11 बजे कार में सवार कुछ मनचले बाइक पर अपने पिता के साथ जा रही युवती पर छींटाकशी करते चल रहे थे। इसी दौरान मनचलों ने अपनी कार बाइक में भिड़ा दी। मनचलों की इस हरकत का बाइक सवार बाप और बेटी ने विरोध किया तो युवा मनचलों ने गाली- गलौज करते हुए लड़की के पिता पर हमला बोल दिया। यह सब देख लड़की असहज हो गई। आसपास नजर घुमाकर देखा, तो पूरी भीड़ बेजान नजर आई। बुजदिल जमाने में उसे कोई अपना नहीं लगा। पास में खड़े पुलिस के जवानों में भी कोई हरकत नहीं हुई। लफंगों के हाथ से पिट रहे अधेड़ व्यक्ति को छुड़ाने के लिए कोई हाथ आगे नहीं बढ़ा। बेशर्मी की हद तो तब पार हो गई जब कइयों ने तो इस मारपीट सीन पर अपने मोबाइल के कैमरे की फ्लैश डालनी शुरू कर दी। भय की आबोहवा में कायर होते जा रहे समाज का घिनौने चेहरे ने लड़की के अंदर हौसला भर दिया। उसने ताल ठोंकी और आधा दर्जन लड़कों से अकेले मुकाबला करते हुए उन्हें भागने पर मजबूर किया। लफंगे युवाओं ने लड़की पर काबू जमाने की भरपूर कोशिश की, किंतु नारी की शक्ति और स्वाभिमान ने उनके पैर उखाड़ दिए। मामला बिगड़ता देखकर जब भी युवाओं ने भागने का प्रयास किया तो लड़की ने उनका रास्ता रोक लिया। तमाशबीन और जड़ हो चुकी भीड़ भी इस दृश्य को देखकर शर्मसार हो गई। कइयों ने बाद में लड़की के समर्थन में आवाज ऊंची करने की कोशिश की, जिसे लड़की ने डांटकर चुप करा दिया। बहरहाल, लफंगों के आतंक से भयभीत भीड़ को एक लड़की ने अपनी बहादुरी से अन्याय के खिलाफ लड़ने का संदेश दिया। लगे हाथ पुलिस को आइना दिखाया।

 
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मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में मुस्लिम आतंक चरम पर,
भय और आतंक के साए में सांस ले रहे मेरठ में अब महिलाओं ने खुद पर भरोसा करना सीख लिया है। मंगलवार सुबह कचहरी के पास भारी भरकम भीड़ के बीच एक लड़की ने अपनी अस्मिता और पिता की रक्षा के लिए हमलावरों पर धावा बोल दिया। इस दौरान वर्दी तमाशबीन बनी रही तो नैतिकता का प्रवचन करने वाले बुत बन गए। लोग लफंगों पर टूट पड़ने बजाए दृश्य को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर रहे थे।
कचहरी पुल के पास सुबह करीब 11 बजे कार में सवार कुछ मनचले बाइक पर अपने पिता के साथ जा रही युवती पर छींटाकशी करते चल रहे थे। इसी दौरान मनचलों ने अपनी कार बाइक में भिड़ा दी। मनचलों की इस हरकत का बाइक सवार बाप और बेटी ने विरोध किया तो युवा मनचलों ने गाली- गलौज करते हुए लड़की के पिता पर हमला बोल दिया। यह सब देख लड़की असहज हो गई। आसपास नजर घुमाकर देखा, तो पूरी भीड़ बेजान नजर आई। बुजदिल जमाने में उसे कोई अपना नहीं लगा। पास में खड़े पुलिस के जवानों में भी कोई हरकत नहीं हुई। लफंगों के हाथ से पिट रहे अधेड़ व्यक्ति को छुड़ाने के लिए कोई हाथ आगे नहीं बढ़ा। बेशर्मी की हद तो तब पार हो गई जब कइयों ने तो इस मारपीट सीन पर अपने मोबाइल के कैमरे की फ्लैश डालनी शुरू कर दी। भय की आबोहवा में कायर होते जा रहे समाज का घिनौने चेहरे ने लड़की के अंदर हौसला भर दिया। उसने ताल ठोंकी और आधा दर्जन लड़कों से अकेले मुकाबला करते हुए उन्हें भागने पर मजबूर किया। लफंगे युवाओं ने लड़की पर काबू जमाने की भरपूर कोशिश की, किंतु नारी की शक्ति और स्वाभिमान ने उनके पैर उखाड़ दिए। मामला बिगड़ता देखकर जब भी युवाओं ने भागने का प्रयास किया तो लड़की ने उनका रास्ता रोक लिया। तमाशबीन और जड़ हो चुकी भीड़ भी इस दृश्य को देखकर शर्मसार हो गई। कइयों ने बाद में लड़की के समर्थन में आवाज ऊंची करने की कोशिश की, जिसे लड़की ने डांटकर चुप करा दिया। बहरहाल, लफंगों के आतंक से भयभीत भीड़ को एक लड़की ने अपनी बहादुरी से अन्याय के खिलाफ लड़ने का संदेश दिया। लगे हाथ पुलिस को आइना दिखाया।


Kha gai ab wo modi sakar jo mahila pe athyachar rone wali thi. fakte they or kuch karna bhi hai.

Learn from congress, Asha ram jasie ki jade ukad di. fekte rhoge ya in 4 muslim nhi sambhalte
 
I am amazed at your response.

You are blaming Modi govt. for all the wrong that is taking place in UP.

Do you know which govt. is there in UP? Do you know that law and order is a state subject?

First of all, no central govt. intervenes on state issues on each individual matter and in case it did, brothers like you would be the first ones to cast fingers at the Modi govt. blaming it for interference in the affairs of an elected govt. (SP) in UP.

Your hatred for Modi and BJP is all too obvious, but please save some of this hatred for real issues which actually deserve it. Don't waste it!!

Kha gai ab wo modi sakar jo mahila pe athyachar rone wali thi. fakte they or kuch karna bhi hai.

Learn from congress, Asha ram jasie ki jade ukad di. fekte rhoge ya in 4 muslim nhi sambhalte
 
I am amazed at your response.

You are blaming Modi govt. for all the wrong that is taking place in UP.

Do you know which govt. is there in UP? Do you know that law and order is a state subject?

First of all, no central govt. intervenes on state issues on each individual matter and in case it did, brothers like you would be the first ones to cast fingers at the Modi govt. blaming it for interference in the affairs of an elected govt. (SP) in UP.

Your hatred for Modi and BJP is all too obvious, but please save some of this hatred for real issues which actually deserve it. Don't waste it!!

1. Home ministry kis govt. ki hai
2. 71 M.P kis Govt ki. hai
4. Law ministry kis govt ki hai
3. Bahut hua nari pe athyachaar ab ki bar modi sakar. Kha gai ye sarkar jo ho rha nari pe athyachaar.
imgres


4. SP ne banned laga rhaka hai kya home ministry pe.

40% criminal parliament hai to ye sab to hoga hi...

7 lakh log flood se effected 25 din se. kya kia Central govt. bol diya ye mamla states govt. hai.



Arry galtiyo ko support tode karega koi. Jetly ne kya bola rape ke liye pata hai kuch. Nihal chand ab tak bhar maje le rha hai.

fakne se kya hota hai. karne se kuch hai. pata nhi log asie logo ko galat kaam ke support kasie kar dete hai.
 
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[SUP]View attachment 17202


Ye photo kyun chipye they crore rs laga ke ager ye kuch kar hi nhi sakte hai to

Sirf ladkiyo ki jeans, skirts, bhar jane pe ban lagne ke wala.

Jago india jago[/SUP]
 
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