ना भाई नवसिखये की गोद क्यों , किरण बेदी की गोद में बैठ जाओ , उसको बहुत तजुरबा है! उसका मूड कतई भी स्विंग नहीं होता ! साल छे महीने पहले मोदी और बीजेपी के विरोध में जो प्रलाप वो करती थी या कहा सुनी हुई वा गलत रिपोर्टिंग थी ?? और वह अपने आपको स्याना भी नहीं मानती! ठीक है ना?
आप वालों ने ४९ दिन में शीला दीक्षित के खिलाफ कुछ नहीं किया पर बीजेपी सरकार ने सारा सारा काला धन वापस लया दिया और सारे के सारे अपराधी जेल में पहुंचा दिए, बलात्कारी मंत्रियों सहित ! बहुत उपलब्धि हैं भाई !
फाउंडेशन ??? जबकि बीजेपी ने चंदे की एक एक पाई का हिसाब जनता को दे दिया है ! बहुत खूब! है न ?
केजरीवाल बरेली पहुँच गया पर बीजेपी वालों ने कभी भी राम रहीम और राजपाल जैसे ठगों से से कर मुलाकात उनके तलवे नहीं चाटे!
यह भी सही कि बीजेपी वालों को मुलोँ, बाबाओं के पास जाने की जरुरत नहीं, वह तो पार्टी और पार्लियामेंट दोनों में मौजूद रह कर अच्छा मार्गदर्शन कर रहे हैं ! साध्वी निरंजन ज्योति को ले लो! कितना अच्छा सुझाव दिया हमारी मातृ शक्ति को कि चार २ बच्चे पैदा करो ! मैंने भी उन के सुझाव पर खुश हो कर न डी टी वि के पोर्टल के माधयम से आग्रह कर ही दिया की वह भी देश हित में सहयोग करते हुए दो चार बाल्कन का 'जोटा ' मार ही दे!
केजरीवाल और मुशर्रफ ? क्या तर्क दिया है !! वाह वाह!!
इन सब के बावजूद मूर्ख केजरीवाल से सयानी किरण बेदी क्या वाद विवाद करे , इसलिए मना दिया ???
बीजेपी और कछधारियों के समर्थकों का जवाब नहीं!
खुश रहो!