Recent content by adityachoudhary

  1. A

    anoop lather...

    जिस दिन से चला हूँ मेरी मंजिल पर नज़र है.. इन आंखों ने कभी मील का पत्थर नही देखा.. किसी शायर की ये पंक्तियाँ अनूप लाठर पर बिल्कुल सही बैठती हैं! पिछले लगभग 25 साल से यह शख्स हरियाणवी सभ्यता, संस्कृति, आचार व्यवहार, रहन सहन और पहनावे के साथ साथ यहाँ की 'अक्खड़' बोली को वो सम्मान दिलाने के लिए...
  2. A

    iqbaal ke raam

    mujhe nahi lagta ki samprdaaik sadbhaw ki baat karna time paas karna hota hai. is poem ka mahattv isliye jyada ho jata mistakehai ki ise bhagwaan raam k baare me ek muslim kavi ne likha hai aur aaj ke time me hum jis tarah se ram ke nam par lad rahe hain wo sharmnaak hai. raam kewal hinduon ke...
  3. A

    iqbaal ke raam

    लबरेज़ है शराबे-हक़ीक़त से जामे-हिन्द । सब फ़ल्सफ़ी हैं खित्ता-ए-मग़रिब के रामे हिन्द ।। ये हिन्दियों के फिक्रे-फ़लक उसका है असर, रिफ़अत में आस्माँ से भी ऊँचा है बामे-हिन्द । इस देश में हुए हैं हज़ारों मलक सरिश्त, मशहूर जिसके दम से है दुनिया में नामे-हिन्द । है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को...
  4. A

    Mere gaon ki galiyaan kahti hain....

    ultimate................ main is poem ko apne blog par dal raha hun taaki aur bhi jyada log ise padh saken.....
  5. A

    hi guys...!!!

    बीते कल मेरे बॉस ने जब हरियाणा में गायों की किस्मों की बात की तो अचानक मुझे लगा की इस शहर में रहते हुए यह भूल ही गया हूँ कि गायों के साथ एक उमर में मैं भी रहा हूँ. उस गाँव में जहाँ तालाब पर गायों और इंसानों के नहाने की कोई अलग व्यवस्था नहीं थी. मैंने भी गायों के साथ उसी तालाब में नहाना और तैरना...
  6. A

    Koi mere dil mein rehta hai

    जब रात के तनहा लम्हों में कोई आहट मुझसे कहती है इस दिल में हलचल रहती है कोई जुगनू पास से गुज़रे तो कोई बात हलक से निकले तो मैं ख़ुद से उलझने लगता हूँ। फ़िर जाने क्या क्या कहता हूँ। फिर याद उसकी आती है फिर पल दो पल के लम्हों को। यह साँस मेरी रुक जाती है एक शोला दिल में भड़कता है वो दर्द सहर तक...
  7. A

    Need a Guide for M.phil Commerce

    yes.. he is mr. dalbir singh and his no. is 9896035371
  8. A

    Paash ko ''Lal Slaam"

    bhagat singh.. पहला चिंतक था पंजाब का सामाजिक संरचना पर जिसने वैज्ञानिक नज़रिये से विचार किया था पहला बौद्धि*क जिसने सामाजिक विषमताओं की, पीड़ा की जड़ों तक पहचान की थी पहला देशभक्*त जिसके मन में समाज सुधार का ए*क निश्चित दृष्टिकोण था पहला महान पंजाबी था वह जिसने भावनाओं व बुद्धि* के...
  9. A

    Movie's Reviews

    gulal film review कुछ लोग सत्ता की अपनी भूख को किस तरह युवाओं के माध्यम से पूरा करने का कुत्सित षड़यंत्र रचते हैं, किस तरह छात्र राजनीती को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाता है, किस तरह दबंग लोग अपनी वासना और इच्छाओं की पूर्ति करते हैं और किस तरह एक आप लड़का "क्रांति " करते हुए खुनी बनकर मौत...
  10. A

    Tu raja ki raaj dulaari, mein sirf langote aalla sun

    तू राजा की राज दुलारी मैं सिर्फ़ लंगोटे आला सुं भांग रगड़ के पिया करूँ मैं कुण्डी सोट्टे आला सुं तू राजा की छोरी सै म्हारे एक भी दास्सी दास नहीं शौल दुशाल्ले ओढ़न आली म्हारे कम्बल तक भी पास नहीं... तू बागन की कोयल सै याडैय बर्फ पडे हरी घास नहीं किस तरियां जी लाग्गे तेरा शतरंज चौपड़ ताश नहीं...
  11. A

    Paash ko ''Lal Slaam"

    पाश को "लाल सलाम " पंजाबी के विख्यात और क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह संधू "पाश " को उतना ही हिंदी भाषाई लोगों ने अपनाया जितना पंजाबी के पढने वालों ने. उनकी कविताओं में आक्रोश है. वो दमन और अत्याचार के खिलाफ खड़े हैं और आम तथा दबे कुचले आदमी के साथ. पाश के लिए सबसे खतरनाक है सपनो का मर जाना और ऐसा...
  12. A

    Need a Guide for M.phil Commerce

    i knw a lecturer of management. he is in gju hissar. he can help u.
  13. A

    kyaa aap isse sahmat hain????

    शहर की इस दौड़ में दौड़ के करना क्या है? जब यही जीना है दोस्तों तो फ़िर मरना क्या है? पहली बारिश में ट्रेन लेट होने की फ़िक्र है, भूल गये भीगते हुए टहलना क्या है? सीरियल्स् के किर्दारों का सारा हाल है मालूम, पर माँ का हाल पूछ्ने की फ़ुर्सत कहाँ है? अब रेत पे नंगे पाँव टहलते क्यूं नहीं? 108 हैं...
  14. A

    congratulations to Anoop Lather ji

    APNE TAARUF KE LIYE YEH BAAT KAFI HAI.. HUM US RASTE NAHI JAATE, JO RASTA AAM HO JAAYE.....!!!!!! Congratulations to Mr. Lather for being nominated as 'ANOOTHA NAYAK' amongst top 20 personalities of india by the most prestigeous and reliable weekly 'INDIA TODAY' dated 29th november...
  15. A

    shayri

    Mujhme Hi Aib Sare Zamane K Nikle, Nazar K Parkhi Kitne Sayane Nikle, Apnepan Ki Ye Bhi Ek Misaal Hai Shayad, Mere Apne Is Qadar Begane Nikale.............!!!!!!!
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