"जाट की ज़ुबानी:
मैं वो जाट हूँ जो किसी के चलाये ते चाले ना,
मिटाए ते मिटे ना,
हटाये ते हटे ना,
डराए ते डरे ना,
बस मैं भूखा हु प्यार का,
ना मन लालच पिस्से का,
ना मन घमंड म्हारे रुतबे का,
मन शौक से तो बस यारी का, भाईचारे का,
ठाट अपने देसी,
रुतबा अपना देसी,
स्टाइल अपना देसी,
फेर के चीज़ म्हारे आगे विदेशी..."