तुझे देख कर समझ लूं..........
तुझे देख कर समझ लूं, वो नज़र कहा से लाऊं;
तेरी आरजू में तड़पे, वो जिगर कहाँ से लाऊं.
जिसे तू कुबूल कर ले, मेरे पास ऐसा क्या है;
करूं चरणों में जो अर्पण, वो समर कहाँ से लाऊं.
मेरे वास्ते जो करदे, तेरे दिल में दर्द पैदा;
इस अश्क-ओ-आह में, वो असर कहाँ से लाऊं...