Recent content by sumit007

  1. S

    Shayari

    मन्नै उस्तै एक इशारा करया, उसनै राम राम लिख कै भेज्या. मन्नै पुछ्या तेरा नाम के सै ? उसनै चाँद लिख के भेज्या. मन्नै पुछ्या तन्नै के चहिए ? उसनै सारा आसमान लिख कै भेज्या. मन्नै पुछ्या कद मिलेगी ? उसनै कयामत की रात लिख कै भेज्या. मन्नै पुछ्या किस तै डरै सै ? उसनै मुहब्बत का अंजाम लिख कै...
  2. S

    Akbar ki khaat...

    मास्टरनी- एक दिन के होया के… अकबर बादशाह खाट पे सुतया था……… रमलू:- मैडम यो बदलू मेरे चिचड़ी भरे है मास्टरनी- एक मारूंगी कान क तले खीच के, चुपचाप बेठे रहो, …रे बालकों मैं कित थी? .रमलू:- जी अकबर की खाट पे....:livid:
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