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  1. K

    Hindi Kavita

    सावन की पहली बारिश भरी गर्मी में जहाँ सावन का, रिमझिम फुहारों का इंतजार हो रहा है, कितने दिन के बाद सखी तुम दी फिर दिखलाई, जब सावन की पहली बारिश मेरे घर आयी। बदली से सुधियाँ घिर-घिर जब उमडी़ आँगन में, दो छन को ज्यों दौलत मैंने, दो जग की पायी। नयनों की सुधियों में रच-बस, जब तुम आती हो...
  2. K

    Hindi Kavita

    बचपन की कुछ पुरानी कविताएं आज बस यूं ही बचपन की कुछ कविताएं याद आ गई।थोडी बेसिर पैर की है पर बचपन मे इन्हे जोर-जोर से बोलने मे बड़ा मजा आता था। लालाजी ने केला खाया केला खाकर मुंह बिचकाया। मुंह बिचकाकर तोंद फुलाई तोंद फुलाकर छड़ी उठाई। छड़ी उठाकर कदम बढ़ाया कदम के नीचे छिलका आया । लालाजी गिरे...
  3. K

    Hindi Kavita

    जो तुम आ जाते जो तुम आ जाते एक बार । कितनी करूणा कितने संदेश पथ में बिछ जाते बन पराग गाता प्राणों का तार तार अनुराग भरा उन्माद राग आँसू लेते वे पथ पखार जो तुम आ जाते एक बार । हंस उठते पल में आद्र नयन धुल जाता होठों से विषाद छा जाता जीवन में बसंत लुट जाता चिर संचित विराग आँखें देतीं सर्वस्व...
  4. K

    Hindi Kavita

    अब तो मजहब कोई, ऐसा भी चलाया जाए जिसमें इनसान को, इनसान बनाया जाए आग बहती है यहाँ, गंगा में, झेलम में भी कोई बतलाए, कहाँ जाकर नहाया जाए मेरा मकसद है के महफिल रहे रोशन यूँही खून चाहे मेरा, दीपों में जलाया जाए मेरे दुख-दर्द का, तुझपर हो असर कुछ ऐसा मैं रहूँ भूखा तो तुझसे भी ना खाया जाए...
  5. K

    Dohe

    or jayada detail ke liye ye link hai http://prabhakargopalpuriya.blogspot.com/2007/08/blog-post_24.html
  6. K

    Dohe

    bar-bar abyas ke anpad bhi vidavan ho jate hai jaise rasi ke bar bar ek sil(pathar) pe aane jaane se pathar ke kathor hote huye bhi us pe nisan pad jata hai (purane time me jab kuye se rasi-balti se pani nikalte the to us kuye ki sil pe nisan pad jata tha)
  7. K

    Mera Intzaar Karna !

    वक्त की हवाओं का यारों असर देख लो, बिख़रे हुए पत्तों का ये मंज़र देख लो। शौक से छुप जाओ बेवफाई के जंगल में, पहले मेरी आंखों में वफ़ा का खंज़र देख लो। अश्कों से उभर आये हैं हथेली पर छालें, है इंतज़ार में तपिश किस कदर देख लो। पल-पल में हुस्नें रंगत उड़ती नजर आयेगी, आईने में शक्ल गौर से...
  8. K

    Dohe

    "karat karat abhyaas ke jadmati hot sujan" "rasari aavt jat ke sil pe padat nisan"
  9. K

    हमारे व्रत-त्यौहार

    ye katha maine Google se copy/paste ki hai takhi aaj navratro ke vart ke din isako koi to padhe
  10. K

    Dohe

    राम रतन धन पायो पायो जी म्हे तो रामरतन धन पायो। बस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरु, किरपा को अपणायो। जनम जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो। खरचै नहिं कोई चोर न लेवै, दिन-दिन बढत सवायो। सत की नाव खेवहिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीरा के प्रभु गिरधरनागर, हरख-हरख जस पायो॥ मीरा
  11. K

    हमारे व्रत-त्यौहार

    श्रीदुर्गा नवरात्रा पर हार्दिक शुभकामनाऐ
  12. K

    हमारे व्रत-त्यौहार

    नवरात्रा (चैत्र) यह चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से लेकर रामनवमी तक मनाया जाता है,इन दिनों भगवती दुर्गा पूजा तथा कन्या पूजन का विधान है। प्रतिपदा के दिन घट स्थापना एवम जौ बोने की क्रिया की जाती है,नौ दिन तक ब्राह्मण द्वारा या स्वयं देवी भगवती दुर्गा का पाठ करने का विधान है। नवरात्रा की कथा...
  13. K

    हमारे व्रत-त्यौहार

    हमारे व्रत-त्यौहार नि:संदेह भारतीय व्रत एवं त्योहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। हमारे सभी व्रत-त्योहार चाहे वह करवाचौथ का व्रत हो , नवरात्रा व्रत हो, सप्तवार-व्रत हो या दिवाली पर्व, कहीं न कहीं वे पौराणिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं और उनका वैज्ञानिक पक्ष भी नकारा नहीं जा सकता। अपने तीज-त्योहार...
  14. K

    Dohe

    रहीम के दोहे खैर, खून, खाँसी, खुसी, बैर, प्रीति, मदपान। रहिमन दाबे न दबै, जानत सकल जहान॥ टूटे सुजन मनाइए, जो टूटे सौ बार। रहिमन फिरि फिरि पोहिए, टूटे मुक्ताहार॥ बिगरी बात बने नहीं, लाख करो किन कोय। रहिमन बिगरे दूध को, मथे न माखन होय॥ रहिमन विपदा ही भली, जो थोरे दिन होय। हित अनहित या...
  15. K

    Hindi Kavita

    भाषा उन्नति निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।। अँग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन। पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।। निज भाषा उन्नति बिना, कबहुँ न ह्लै है सोय। लाख उपाय अनेक यों, भले करे किन कोय।। इक भाषा इक जीव इक, मति सब घर के...
  16. K

    Dohe

    कबीर के दोहे माटी कहे कुम्हार से, तु क्या रौंदे मोय । एक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूगी तोय ॥ गुरु गोविंद दोनों खड़े, काके लागूं पाँय । बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो मिलाय ॥ माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर । आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर ॥ बडा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर। पंथी को...
  17. K

    Shaheed-e-Azam Bhagat Singh Sandhu

    Sarfaroshi kee tamana ab hamere dil me hai, Dekhna hai jor kitna bajuae katil main hai. Inqlaab Jindabaad
  18. K

    Aapne baap te to achchha tha

    bhai ise ise ulje hoye nai jat hi suljaya karn
  19. K

    naam yaad konya aarya

    en Sampaadak mahodaye ka naam to bata do
  20. K

    Ghar walo ki isi tishi ho gayi na te tere to bas me nahi aana tha

    fer to sahi kaho ho bhai lekin jab tak kisi ki aati konya na to yo sudha sa lekin jab aavgi na to yohe usakai sir ke pacha khda milaga :)
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