कोई कहता है यह बाबा व्यभिचारी है, नशाखोर है, कामुक है, अत्याचारी है और ऐसे ही पता नहीं क्या क्या| यह फिल्म कैसे बना सकता है, डेमिगोड (Demigod) कैसे कहला सकता है| मैं कहता हूँ जरा नीचे की बातों पे भी एक नजर डाल लो, हो सकता है थोड़ा मशाला और मिल जाए इस संदर्भ में|
व्यभिचार, स्त्री को वस्तु समझना...