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    Shayri (Part 1)

    मेरा तो हलक सूख रहा है,पानी की चंद बूंदों के लिए जाने वो कौन लोग है जो, दरिया में नहाकर आये है
  2. H

    Shayri (Part 1)

    अपने चाहने वालों की बहुत भीड़ देखि तुमने एक मै ही था जो भीड़ में न देखा गया तुमसे
  3. H

    Shayri (Part 1)

    तिनका -2 जोड़ के एक शक्ल पहनी है झांकता चलता हूँ अजनबी चेहरों में कोई आइना नहीं बना शायद, कुछ शक्लों के लिए
  4. H

    Hindi Kavita

    मुझे अच्छी लगती है पुरानी कलम पुरानी कापी पर उल्टी तरफ़ से लिखना शायद मेरा दिमाग पुराना है या मैं हूं आदिम मैं खोजती हूं पुरानापन तुरत आयी एक पुरानी हंसी मुझे हल्का कर देती है मुझे अच्छे लगते हैं नए बने हुए पुराने संबंध पुरानी हंसी और दुख और चप्पलों के फ़ीते नयी परिभाषाओं की भीड़ में...
  5. H

    Hindi Kavita

    जब नहीं थे राम बुद्ध ईसा मोहम्मद तब भी थे धरती पर मनुष्य जंगलों में विचरते आग पानी हवा के आगे झुकते किसी विश्वास पर ही टिका होता था उनका जीवन फिर आए अनुयायी आया एक नया अधिकार युद्ध घृणा और पाखण्ड के नए रिवाज़ आए धरती धर्म से बोझिल थी उसके अगंभीर भार से दबती हुई सभ्यता के साथ अजीब नाता है...
  6. H

    ek najam

    यूँ दिल में अरमान बहुत हैं अक्षत कम भगवान बहुत हैं | हासिल हो तो भी क्या होगा फिर भी वे हैरान बहुत हैं | यहाँ मुखौटे का फैशन है गुल हैं कम गुलदान बहुत हैं | शहर नया दस्तूर पुराना दर हैं कम दरबान बहुत हैं | सच बोलोगे, दार मिलेगी झूठ कहो, ईनाम बहुत हैं | हैं हकीम बीमार आज खुद नुस्खे भी...
  7. H

    ek najam

    कभी खुशी मिली तो कभी गम कहीं मिला जो भी मिला किसी से कभी कम नहीं मिला | उड़ता है प्रेम जैसे टिकिया कपूर की किसी भी दोस्ती में कोई दम नहीं मिला | न मैंने उन्हें जाना, न समझे वे मुझे मिलते रहे ये हाथ मगर मन नहीं मिला | चढ़ना पड़ा कहीं तो उतरना पड़ा कहीं रास्ता कहीं भी कोई सम नहीं मिला |...
  8. H

    ek najam

    अपनी इच्छाओं का ही विस्तार है जिंदगी जैसी भी है स्वीकार है | दीखता है जो हमारे सामने वह तो अपना ही रचा संसार है | एक पत्ता सूख डाली से गिरा एक आने के लिए तैयार है | है दिया आनंद फूलों ने जहाँ पत्थरों ने भी किया उपकार है | चाहकर भी कुछ न दे पाया तुझे मुझ पे भी मेरा कहाँ अधिकार है | जिस...
  9. H

    Hindi Kavita

    काँटों का फूल से मिलन है अजीब ये समीकरण | बादल के नाम पर आँधियां चलीं सरसों के खेत में बिजलियाँ गिरीं आंसुओं से है भरा चमन है अजीब ये समीकरण | खाली हैं आज साधुओं की झोलियां निकल रहीं तिजोरियों से मात्र गोलियां बच्चों के सर पे ये कफन है अजीब ये समीकरण | बरगद के पेड़ पर मेढ़क चढे सूरज की...
  10. H

    Hindi Kavita

    काजल की कोठरी में मैं और मेरे साथ मेरा मन | अनगिनत मछलियां और कुछ मछेरे चल रहे हैं साथ-साथ साँझ और सबेरे मछलियों की कोठरी में मैं और मेरे साथ मेरा मन | एक ओर पर्वत और एक ओर कूआँ नजर जिधर जाए उधर धूआँ ही धूआँ धुएँ के आर-पार मैं और मेरे साथ मेरा मन | मूंद लीं आँखें तो नाच उठे कोयल नाच उठे...
  11. H

    Shayri (Part 1)

    एक सांस बन के उलझी हो तुम खुदकुशी में कुछ नज़्म लिख आया हूँ , फिर मरते मरते , मरेगा ये कमबख्त ' शायर '
  12. H

    Shayri (Part 1)

    जिंदगी हर लम्हा अजीब है हर पल चाहू बात करू उससे, फिर भी बीच खडी एक दीवार है यूँ तो साँसे चल रही है, तेरे बिन जिंदगी, एक मुर्दा कहानी सी है
  13. H

    Shayri (Part 1)

    एक पत्ता पड़ा है ओंधे मुंह रेत में लगता गहरे समंदर से आ गिरा है नादान है अब दौड़ेगा नंगे पैर बर्फ में
  14. H

    Shayri (Part 1)

    सालों से एक रिश्ता साँसों में अटका हुआ था दबा-२ सा रह-२ कर चुभता था रूह में कल तुम्हारे 'अजनबी' कहते ही फूंट पड़ा आँखों से
  15. H

    Hindi Kavita

    Ek pagal pagal si ladki… dil toornay se darti thi……. har pal har lamha khud se woh jhagarti thi… ansoo kiun aye kisi ankh main mujrim khud ko samujhti thi… ghuut ghuut k jeeti rehti thi… har sans ulajhti rehti thi… soo baar kaha aaay nadan larki..!!! dunya ko dekhna choor day… khud se ulajhna...
  16. H

    Timepass fotu (Part 1)

  17. H

    RIDDLES -- Dimag ki batti jalao

    It seems alphabets ,only with straight lines are coded.If so Then N=9.
  18. H

    Shayri (Part 1)

    यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल एक जूनून सा दिल में जगाना होता है पूछा चिड़िया से कैसे बनाती है घोंसला बोली, भरनी पड़ती है उड़ान बार-2 तिनका-तिनका उठाना होता है
  19. H

    Good ones...

  20. H

    Gazals "The Finest Ever"

    Hum ko kiske gam ne maara--- Gulaam Ali http://www.youtube.com/watch?v=6i9sVq8p_kU
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