साथ कुछ सूखे हुए पत्ते उड़ाकर ले गया,
वो मेरे ख़्वाबों को पलकों से चुराकर ले गया.
कुछ दिनों के वास्ते ले जा रहा है ये कहा,
और सारी उम्र को मेरा मुक़द्दर ले गया.
बदहवस लम्हों में उसकी तिश्नगी तो देखिये,
एक क़तरा प्यास थी सारा समंदर ले गया.
जीतना दिल की तसल्ली के सिवा कुछ भी नहीं...