अमृत जैसा दूध पिला कर मैंने तुमकोबड़ा किया
अपने बच्चे से भी छीना पर तुमकोमैंने दूध दिया.
रूखी सूखी खाती थी मैं
कभी न किसीको सताती थी मैं
कोने में पड़ जाती थी मैं
दूध नहीं दे सकती अब तो
गोबर से काम तो आती थी मैं
मेरे उपलों की आग से तूने भोजनअपना पकाया था
गोबर गैस से रोशन कर के तेरा...