मैं शायर तो नही, मगर आए हसी
जब से देखा, मैने तुझ को मुझ को, शायरी आ गयी
मैं आशिक़ तो नही, मगर आए हसीं
जब से देखा, मैने तुझ को मुझ को, आशिकी आ गयी
प्यार का नाम मैने सुना था मगर
प्यार क्या है ये मुझ को नहीं थी ख़बर
मैं तो उलझा रहा, उलझानो की तरह
दोस्तो में रहा, दुश्मनों की तरह
मैं दुश्मन तो नही...