खबर-------" ताजमहल को मज़ार,मक़बरा और ग़ुलामी की निशानी बताने वाले आज वहाँ "झाड़ू" लगा रहे हैं.. "वाह ताज"-----आचार्य प्रमोद
खबर की मरम्मत------मंदिर को छेड़खानी का अड्डा बताने वाले अब गुजरात में मंदिर-मंदिर मत्था टेक रहे हैं।
"वाह हरामज़ादों?"
:sorrow:
Ye to pata nahi sir, lekin acche jutey-chappal aaj bhi nahi pahan ke jaa sakte hum Mandir. Pata nahi kaunsa pandit ye bhi chura lega warna