subhashmahla
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ताऊ तनै फेर आणा पङैगा
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ"
त्याग दिया जीवन जनहित मेँ भया परोपकार "ताऊ"
हरियाणा सिरसा जनपद मेँ तेज़ाखेड़ा गाम सुनो
'लेखराम सिहाग' पिता जो असली था जाट किसान सुनो ।
25 सितंबर 1914 का ये ऐतिहासिक पैगाम सुनो
सूर्य सम्मान ललाट लिया था लाल हुआ सुखधाम सुनो
भगवान क्रपा खुशी छाई ,दिया देवीलाल करतार मुझे
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ" तुझे...
जागीरदार पिता के ठाठ बड़े , था सम्रद्द परिवार बड़ा
बड़े भाई थे साहिबसिंह जी , हरदम साया बना रहा
निकट गाम 'चौटाला' मेँ बसने का था ज़ोश चढ़ा
प्रथम स्कूल गाम डबावली-मोगा मेँ था पढ़ा
कुश्ति लड़ी , पहलवानी की -ना भाती थी ललकार तुझे
किसान कहूँ या..................
राज़निती का कुशल खिलाड़ी , था असली खानदानी संस्कारोँ का
मजदूर किसानोँ का रक्षक , वो था आज़ाद विचारोँ का
गाँधीवादी नीति ह्रदय मेँ , था दुश्मन मक्कारोँ का
प्रधानमंत्री पद ठुकराया , था त्यागी टकसालोँ का
गाँधी पिता-नेहरू चाचा-दिया "ताऊ" का पदभार तुझे
किसान कहूँ या......................
उपप्रधानमंत्री , क्रषिमंत्री बन कर देश संभाला था
मुख्यमंत्री , अध्यक्षोँ के पद का पिया प्याला था
मस्तिषक रहा हमेशा ऊँचा , नहीँ कपट-छल पाला था
इसलिए सच्चे अर्थोँ मेँ ----सियासत का रखवाला था
शोकमग्न हो ' सुभाष महला ' भी करता दिल से प्रणाम तुझे
अपने देश-प्रदेश की सेवा करूँगा , देना खुश हो आशीर्वाद मुझे...
युगोँ-युगोँ तक याद करेँगे , गरीब मज़दूर किसान तुझे...
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ" तुझे ।।
ताऊ तनै फेर आणा पङैगा
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जननायक स्वः "ताऊ" चौः देवीलाल जी अमर रहेँ -
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ"
त्याग दिया जीवन जनहित मेँ भया परोपकार "ताऊ"
हरियाणा सिरसा जनपद मेँ तेज़ाखेड़ा गाम सुनो
'लेखराम सिहाग' पिता जो असली था जाट किसान सुनो ।
25 सितंबर 1914 का ये ऐतिहासिक पैगाम सुनो
सूर्य सम्मान ललाट लिया था लाल हुआ सुखधाम सुनो
भगवान क्रपा खुशी छाई ,दिया देवीलाल करतार मुझे
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ" तुझे...
जागीरदार पिता के ठाठ बड़े , था सम्रद्द परिवार बड़ा
बड़े भाई थे साहिबसिंह जी , हरदम साया बना रहा
निकट गाम 'चौटाला' मेँ बसने का था ज़ोश चढ़ा
प्रथम स्कूल गाम डबावली-मोगा मेँ था पढ़ा
कुश्ति लड़ी , पहलवानी की -ना भाती थी ललकार तुझे
किसान कहूँ या..................
राज़निती का कुशल खिलाड़ी , था असली खानदानी संस्कारोँ का
मजदूर किसानोँ का रक्षक , वो था आज़ाद विचारोँ का
गाँधीवादी नीति ह्रदय मेँ , था दुश्मन मक्कारोँ का
प्रधानमंत्री पद ठुकराया , था त्यागी टकसालोँ का
गाँधी पिता-नेहरू चाचा-दिया "ताऊ" का पदभार तुझे
किसान कहूँ या......................
उपप्रधानमंत्री , क्रषिमंत्री बन कर देश संभाला था
मुख्यमंत्री , अध्यक्षोँ के पद का पिया प्याला था
मस्तिषक रहा हमेशा ऊँचा , नहीँ कपट-छल पाला था
इसलिए सच्चे अर्थोँ मेँ ----सियासत का रखवाला था
शोकमग्न हो ' सुभाष महला ' भी करता दिल से प्रणाम तुझे
अपने देश-प्रदेश की सेवा करूँगा , देना खुश हो आशीर्वाद मुझे...
युगोँ-युगोँ तक याद करेँगे , गरीब मज़दूर किसान तुझे...
किसान कहूँ या कहूँ मसीहा पैगंबर अवतार "ताऊ" तुझे ।।
ताऊ तनै फेर आणा पङैगा
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जननायक स्वः "ताऊ" चौः देवीलाल जी अमर रहेँ -