इबादत करता हूँ मै उस खुदा से जिसने ये जन्हा बनाया
हमे बनाया तो बनाया पर ये नशा क्यू बनाया
नशे कि गहराई में डूब जाने को जी करता है
सारे गम भूल जाने को जी करता है
आज् कल अपनी तो हर शाम
नशे में गुजर जाती है
एक दिन ऐसा आयेगा
कि शाम नशे में होगी
ओर हम गुजर जायेंगे
हे खुदा तू नशा ना करना
वरना कल पअच्तयेगा
हम तो मर कर भी तेरे पास आते है
तू किघर को जायेगा .
हमे बनाया तो बनाया पर ये नशा क्यू बनाया
नशे कि गहराई में डूब जाने को जी करता है
सारे गम भूल जाने को जी करता है
आज् कल अपनी तो हर शाम
नशे में गुजर जाती है
एक दिन ऐसा आयेगा
कि शाम नशे में होगी
ओर हम गुजर जायेंगे
हे खुदा तू नशा ना करना
वरना कल पअच्तयेगा
हम तो मर कर भी तेरे पास आते है
तू किघर को जायेगा .