आप मजबूत होंगे तो सँसार झक मारकर आपकी सुनेगा। पहली बार भारत में जात-पाँत से इतर हिंदुओं ने एकजुट होकर वोट दिया और देखिए, दुनिया में एकाएक भारत, भारत के प्रधानमंत्री, हिंदू धर्म-सबके प्रति उत्सुकता बढ़ती चली गई। दिवाली पर दुबई के बुर्ज खलीफा पर जो आतिशबाजी का दृश्य था, उसे
गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड में स्थान दिया जाने की संभावना है। स्वाधीनता के पश्चात पहली बार पाकिस्तान में सिंध प्रांत की सरकार ने सरकारी तौर पर दिवाली मनाई है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने हिंदुओं के साथ दिवाली मनाई और मंदिर भी गए।
यह सब हिंदुत्व और सेक्यूलरिज्म का अंतर है।
स्मरण रखिए, यदि आपके पापा आपका सम्मान नहीं करेंगे तो पड़ौस वाले अंकल भी आपको आते-जाते सुनाते रहेंगे।
यही हाल भारत का है।
सँसार की सबसे प्राचीन सभ्यता ने जब अपने ही धर्म और संस्कृति को सेक्यूलरिज़्म के नाम पर गाली देना शुरू कर दिया था तो अन्य देश किस प्रकार सम्मान करते भारत का? आज जब हिंदू राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री को पूर्ण बहुमत से जनता ने जीत दिलाकर संसद में भेजा है तो सँसार का दृष्टिकोण हिंदू धर्म के प्रति बदलने लगा है। हर हाल में स्मरण रखिए, '' जड़ विहीन पेड़ जलाने के काम तो आ सकता है, परन्तु हरे पत्ते की कोंपले उससे नहीं फूट सकती।''
हिंदू धर्म से ही भारत है और इस भारत से तभी तक सुंदर कोंपले फूटती रहेंगी जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं।
सेक्यूलर कीड़ों के बहुसंख्यक होते ही भारत केवल ठूंठ रह जाएगा, जैसा कि बेबीलोन, पर्सियन, मिश्र आदि की सभ्यता हुई।