sumitjattan
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Some examples of fake allegations ....... i still remember a jain prist who committed suicide in Rajasthan and mentioned that this is the only way for me to prove my innocence ..... , i think its law and order problem and strict and unbiased law enforcement agencies can solve this problem
http://archives.digitaltoday.in/indiatoday/20040510/law.html
http://archives.digitaltoday.in/indiatoday/20040510/law.html
हूडा, चोटाला, खाप या सोनिया ने गाल बकन तें कुछ ना होवे... मेरा सोचना ते कुछ ऐसा है...
सत्तर परसेंट केस में छोरे एर छोरी दोनुआ की मिली भगत पूर्ण या आंशिक सहमति हो स.....कई कारण सें:
१. छोरा छोरी आपस में कुछ गड़बड़ करते पकडे गए ( जो की कई दिन तें चाल री थी) ... उन ने पकड़न आला भी शामिल हो गया कुकरम में.... छोरी ने फेर सोची की सब ने बेरा पाटेगा चक्कर का... तो रेप का इल्जाम रोप दिया सब पे.... ( एब सोचो इस में गलती तो लड़की की भी स... एर लड़के की भी)
२. लड़की का प्रेम प्रसंग हो एक लड़के गेल -- एर लड़का अपने यार दोस्ता की भेंट चढ़ा दे उस ने ... सिर्फ दोस्तां ने राजी कारन खातिर. ( लड़की ने भरोसा करा.... एर लड़के ने नहीं निभाया )
२. छोरी घणी इ बदनाम स एर सब ने बेरा स......... एर ग्रीन सिग्नल देख कै लंग्वाड़े बेकाबू हो गए.. एर कुकरम कर दिया (एब सोचो इस में गलती तो लड़की की भी स.)
३. बेक़सूर लड़की - गलत टाइम एर अकेली हो ( बेचारी के करे.....)
४. घर आले जागरूक ना हों... एर न्यू इ ना बेरा हो आक थारा बालक कित स... कित आवे स कित जावे स.... उसका आचरण तो नहीं बदल रह्या आजकाल....गुमसुम तो नहीं रह स......... माँ बाप ने ये चीज़ बहुत बारीकी तें सोचनी चाहियें !
एर गामा का माहौल बहुत खराब हो रा स.... ये रेप की खबर तो समुन्द्र में बूँद के बराबर सें..... हज़ारों केस तो दब्ब ज्यां सें.....
मैं तो न्यू कहूँगा की माँ बाप की पूरी जिम्मेवारी बनती है की :
(ये बातें लड़के और लड़की दोनों के लिए लागू हैं )
१ - अपने बालकां ने संस्कार बढ़िया दयो. "लीड by एग्जाम्पल "! माँ बाप पहले teacher हैं |
२. - उनको दोस्तों की तरह treat करो - खासकर जब उनकी उम्र १२-१३ साल से उपर हो जाए |
३. बच्चों के आने जाने - बर्ताव आदि पे नजर रखो. उनके दोस्तों के बारे में पता करो.. उनके साथ बैठ कर पूछो - उनको guide करो सेक्सुअल abuse के बारे में....... सावधान रहने को कहो......|
4. एर अपनी छोरियां ने आत्मविश्वास दयो...... सोच के देखो .... गीता बलाली जीसी छोरी कानी कोए देख भी ले तो उस ने ठा के धूं नहीं पटक देगी..... इतना आत्म विश्वास भरो अपने बालकान में..... उन ने प्रेरित करो..... गलत काम वही करता है जिस के पास जिन्दगी में कोई aim नहीं होता...