56 inch ka seena ka kaam nahi aaya

दस हजार भारतीय नागरिक कठुआ क्षेत्र से बेघर हो गए, लेकिन 56 इंच का सीना अभी तक कोई काम नहीं आया है
प्यारे दोस्तो भाईयो और बहनो,
मोदी जी ने अपने चुनावी भाषणों में कांग्रेस सरकार को ये कहते हुए लताड़ा था कि भारतीय सीमा पर पाकिस्तानी सैनिक रोजाना बमबारी कर रहे हैं और सरकार सोई हुई है। पाकिस्तान की इस प्रकार की दादागिरी को 56 इंच के सीने वाले लोग ही रोक सकते हैं और हमारे तो 56 इंच का सीना है, तो मोदी साहब बताएं कि आज उसी बमबारी से हमारे दस हजार नागरिक बेघर हो गए हैं, जो कभी सन् 1971 की लड़ाई में बेघर हुए थे, लेकिन आज मोदी जी का वह 56 इंच का सीना फिर क्यों सिकुड़ गया। इससे स्पष्ट है कि मोदी जी को कुछ लोगों ने फेंकूराम कहा था और ये बात अब सही लगती है कि वे बातें बनाना जानते हैं। वे दोनों हाथ उठाकर भाषण देना, लोगों के जज्बे को भडक़ाना और वोटों को लूटना ही साबित हुआ। इसके अलावा कुछ नहीं। जहां तक गुजरात मॉडल की बात है, अखबारों में लिखा है कि 2011 की जनगणना के अनुसार गुजरात में केवल 34 प्रतिशत शौचालय ही बने, जबकि हरियाणा में 62 प्रतिशत। तो फिर मोदी साहब, किस मुंह से गुजरात की बात करते हैं और पूरे देश में सेंट परसेंट शौचालय बनवाने की हिकड़ी मारते हैं। इस देश के लोग इस सच्चाई को अब समझने लगे हैं। मेक इन इंडिया का हाल भी वही होगा, जो पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार में इंडिया शाईन का हुआ था। इससे स्पष्ट है कि जनसंघ की सरकार केवल बातें बनाना जानती है और लोगों को बहकाना।
जहां तक अनिल विज की दाढ़ी की बात है, जिस पर हरियाणा के सदन में भी चर्चा हो चुकी है, इस पर उन्होंने अपने गौत्री भाई आसाराम विज की नकल की है और हमें उम्मीद है कि आसाराम की उम्र में इनकी दाढ़ी भी अच्छी तरह पक जाएगी। जहां तक वाड्रा की बात है, मेरी जानकारी के अनुसार वे वाड्रा नहीं, वढ़ेरा हैं क्योंकि बंटवारे के समय विज का परिवार अंबाला बसा था तो खट्टर का परिवार रोहतक के निदाणा गांव में बसा तो वढ़ेरा का परिवार मुरादाबाद में बस गया और समय आते, वे ईसाई हो गए और राबर्ट वाड्रा बन गए। बाकी ये भाईचारे का मामला है। अब इसकी कहां तक जांच होती है, ये बात ये भाईचारे वाले ही बतलाएंगे। खट्टर साहब का परिवार रोहतक जिले में क्यों बसा, इस बात का वर्णन मैं अगले लेख में करूंगा।
 
दस हजार भारतीय नागरिक कठुआ क्षेत्र से बेघर हो गए, लेकिन 56 इंच का सीना अभी तक कोई काम नहीं आया है
प्यारे दोस्तो भाईयो और बहनो,
मोदी जी ने अपने चुनावी भाषणों में कांग्रेस सरकार को ये कहते हुए लताड़ा था कि भारतीय सीमा पर पाकिस्तानी सैनिक रोजाना बमबारी कर रहे हैं और सरकार सोई हुई है। पाकिस्तान की इस प्रकार की दादागिरी को 56 इंच के सीने वाले लोग ही रोक सकते हैं और हमारे तो 56 इंच का सीना है, तो मोदी साहब बताएं कि आज उसी बमबारी से हमारे दस हजार नागरिक बेघर हो गए हैं, जो कभी सन् 1971 की लड़ाई में बेघर हुए थे, लेकिन आज मोदी जी का वह 56 इंच का सीना फिर क्यों सिकुड़ गया। इससे स्पष्ट है कि मोदी जी को कुछ लोगों ने फेंकूराम कहा था और ये बात अब सही लगती है कि वे बातें बनाना जानते हैं। वे दोनों हाथ उठाकर भाषण देना, लोगों के जज्बे को भडक़ाना और वोटों को लूटना ही साबित हुआ। इसके अलावा कुछ नहीं। जहां तक गुजरात मॉडल की बात है, अखबारों में लिखा है कि 2011 की जनगणना के अनुसार गुजरात में केवल 34 प्रतिशत शौचालय ही बने, जबकि हरियाणा में 62 प्रतिशत। तो फिर मोदी साहब, किस मुंह से गुजरात की बात करते हैं और पूरे देश में सेंट परसेंट शौचालय बनवाने की हिकड़ी मारते हैं। इस देश के लोग इस सच्चाई को अब समझने लगे हैं। मेक इन इंडिया का हाल भी वही होगा, जो पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार में इंडिया शाईन का हुआ था। इससे स्पष्ट है कि जनसंघ की सरकार केवल बातें बनाना जानती है और लोगों को बहकाना।
जहां तक अनिल विज की दाढ़ी की बात है, जिस पर हरियाणा के सदन में भी चर्चा हो चुकी है, इस पर उन्होंने अपने गौत्री भाई आसाराम विज की नकल की है और हमें उम्मीद है कि आसाराम की उम्र में इनकी दाढ़ी भी अच्छी तरह पक जाएगी। जहां तक वाड्रा की बात है, मेरी जानकारी के अनुसार वे वाड्रा नहीं, वढ़ेरा हैं क्योंकि बंटवारे के समय विज का परिवार अंबाला बसा था तो खट्टर का परिवार रोहतक के निदाणा गांव में बसा तो वढ़ेरा का परिवार मुरादाबाद में बस गया और समय आते, वे ईसाई हो गए और राबर्ट वाड्रा बन गए। बाकी ये भाईचारे का मामला है। अब इसकी कहां तक जांच होती है, ये बात ये भाईचारे वाले ही बतलाएंगे। खट्टर साहब का परिवार रोहतक जिले में क्यों बसा, इस बात का वर्णन मैं अगले लेख में करूंगा।

बात थोड़ी समझ नहीं आई मेरे। जिग्यासा बाकी रेह गयी।

क्यूंकि उनका परिवार बटवारे के बाद मुरादाबाद मे बस गया, इसलिये वढ़ेरा हैं क्या? या किसलिये ?

भाईचारे का मामला से मतलब कहीं ये तो नहीं की जाटों मे पाया जाने वाला गोत्रा वागरा (http://www.jatland.com/home/Vagara) भी उत्तर प्रदेश मे है। और हो सकता है समय के साथ
वागरा>वढ़ेरा>वाड्रा (धर्म परिवर्तन) बन गये हों जट्ट पुत्री सोनिया जी के केहने पर ?

खट्टर साहब के साथ साथ वाड्रा जी का भी वर्णन करना अगले लेख मे। :tears_of_joy:
 
बात थोड़ी समझ नहीं आई मेरे। जिग्यासा बाकी रेह गयी।

क्यूंकि उनका परिवार बटवारे के बाद मुरादाबाद मे बस गया, इसलिये वढ़ेरा हैं क्या? या किसलिये ?

भाईचारे का मामला से मतलब कहीं ये तो नहीं की जाटों मे पाया जाने वाला गोत्रा वागरा (http://www.jatland.com/home/Vagara) भी उत्तर प्रदेश मे है। और हो सकता है समय के साथ
वागरा>वढ़ेरा>वाड्रा (धर्म परिवर्तन) बन गये हों जट्ट पुत्री सोनिया जी के केहने पर ?

खट्टर साहब के साथ साथ वाड्रा जी का भी वर्णन करना अगले लेख मे। :tears_of_joy:

ek sawaal mera bhi jod le bhai list mein..... sangwan saab ka lekh padh ke ye samajh nahi aaya ki Problem kahan hai ?

- Pakistan mein? Modi ? indian army ? Vadra/Badhera ? Vij ? Khattar ya fer koye aur ??

kaangress er hooda ka kasoota nem thaa raakhya s is aadmi ne !
 
ek sawaal mera bhi jod le bhai list mein..... sangwan saab ka lekh padh ke ye samajh nahi aaya ki Problem kahan hai ?

- Pakistan mein? Modi ? indian army ? Vadra/Badhera ? Vij ? Khattar ya fer koye aur ??

kaangress er hooda ka kasoota nem thaa raakhya s is aadmi ne !

He treats Jatland like a wall to stick his posters and never comes back to respond to members questions. Rarely I have seen him joining any discussion on Jatland.

RK^2
 
I had and still have lot of respect for Sh Hawa Singh ji for his efforts on Jat Reservation front ( my earlier posts would reveal the same). However, off late, I found that his posts (or someone using his id to post on his behalf) are mostly "useless" and "nonsense" as they have no positive content for anyone.

He seems to be really hurt when people have elected BJP in centre and state and have dejected Hooda. Nothing much we can do as it is his personal choice as to what he writes, but this has changed my views about his posts. Nothing personal.
 
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