A Fistful Gaddar Jats

भाई जी, अपनी इन मनगढ़ंत बातों को साबित करने के लिए कोई सबूत, कोई लिंक दे सकते हो? आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि कायस्थ कोई व्यापारी वर्ग नहीं है, बल्कि लेखा-जोखा रखने वाला वर्ग है, जो कारोबार पर बनियों के हक़ को ख़त्म करने की दिशा में कुछ नहीं कर सकता था।
हा हा हा…क्षत्रिय जाति जमीन में आगे बढ़ रही है, यह देखकर ब्राह्मणों ने त्यागी अपने आप से अलग कर दिए। क्या मतलब? क्या त्यागियों ने क्षत्रियों की जमीन छीनना शुरू कर दिया था? इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि ब्राह्मण क्षत्रियों को पढ़ाना सबसे ज्यादा पसंद करते थे। वर्तमान में उन सब बातों का कोई महत्त्व ही नहीं रह गया। महान हिंदू धर्म के अधिकांश महानायक गैर ब्राह्मण हैं। शिव, श्री राम, श्री कृष्ण, बुद्ध, महावीर…इनमें से कोई भी ब्राह्मण नहीं है। राम ने जिस आतताई रावण का वध किया, वह जरूर ब्राह्मण था। यदि हिंदू धर्म ब्राह्मणवादी होता तो वे सभी नायकों को गैर ब्राह्मण और खलनायक को रावण क्यों बनाते?

Taaki gair brahman unn e sukkhe khaamkhaa ke raaji hoye reh, ar we un ne bhukaye jave peedhi dar peedhi.


Un he pe pissa le ke mandir banave, unhe pe chadhava chadhave. arr ye aram te tadhe saanjh bas adha ghanta arti kare, aur kisan sari dophari khet me pasina bahave, arr saajhn ne mandir me aa ke dhok maare, arr chadhava de.

Aaj bhi gaon me bahmann teej tyohari par, jhola thaa ke daane maangne aa jya se. Arr bevkoof log in ne bitha ke, puri halwa kheer khuvave.

Kise gareeb ne kyun na khuvatte, kyunki brahmanno ke dwara documented kiya gaya ki nahi... brahmann ko khilogi to punn milega....hahahaha
 


में भी बीजेपी और मोदी का समर्थक हूँ ,पर हिन्दुत्व के मुद्दे पर नहीं । देशभक्ति ,विकास ,और मुस्लिम तुष्टिकरण के मुद्दे पर ।
भाईसाहब समस्या मे फस जाओगे | इस देश मे भ्रष्टाचार के जनक ब्राह्मणवादी लोग हैं चाहे वो धर्म के नाम पर ठगा खोरी हो या कोई भी घौटाला हो , उसका मुख्या ब्राह्मण मिलेगा | कभी इस ब्राह्मणवाद का जमावड़ा कांग्रेस मे होता था इन लोगो ने वाहा जी भर के लूटा जब देखा के अब यहा इसका नाम कुछ ज्यादा बदनाम हो गया हैं तो इन लोगो ने बीजेपी नाम की नई दुकान की स्थापना की और धीरे धीरे सारा ब्राह्मणवाद इस बीजेपी की तरफ खिसक लिया और इनके साथ इनके पुराने पीट्ठू रहे राजपूत भी इस बीजेपी के तरफ खिसक लिए , इन पिट्ठूओ की मजबूरी हैं इन पंडो के साथ जाने की क्योंकि ऐसा नहीं करने से इनकी पोल पट्टी खुल जाएगी |ऐसा ही धर्म के नाम पर इन लोगो ने कभी सनातन धर्म मे लूट खसोट की और जब देखा की लोग इससे खिसकने लगे हैं तो फिर इन लोगो ने उसी माल को हिन्दू नाम के नए व्रेपर मे पेश कर दिया अब कई सदियों से इस नाम से लूट खसोट चल रही हैं | धर्म हो या राजनैतिक पार्टी इनकी चाल समझने की जरूरत हैं और जो ये लोग करे उसका उलट चलो फिर देश को कोई खतरा नहीं | अगर यह लोग सही मायने मे देश का भला चाहते तो चौधरी चरण सिंह , चौधरी देवी लाल का साथ देते दगा नहीं , इस बीजेपी मे वही लोग हैं जिन लोगो ने जिनके पूर्वजो ने कभी चौधरी छोटुराम का विरोध किया ये कोई नए अवतार नहीं आए बस पार्टी का नाम नया हैं अब ये लोग धर्म देश का नारा दे कर हमे भावुक करेंगे |
कई लोग कांग्रेस या दूसरी पार्टी मे इनके नाम गिना सकते हैं पर उनसे मैं यही कहूँगा की मायने तादाद के होते हैं अपवाद अलग बात हैं |
 
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मैंने कब ढ़ोल पिटे की मैं आर्य समाजी हु , मैंने तो उस बात का जवाब दिया है जिसमे तूने कहा की जाट आर्य समाजी हैं , यदि हैं तो फिर उस संस्थापक की मानो जिसने कहा था की अपने आप को आर्य कहलाओ ना की हिन्दू , हिन्दू का मतलब काफिर होता हैं |
taane to aaj tak yoo ee naa bera ki tu hai ke....jaat tu hai but tu arya samaji koni....hindu tu ho ni sakta....sardar tu hai ni .....to bhai tu hai kee?tujhe yehi bolunga jaat hone ke naate ki ye faltu ki baatein mat kiya karo...warna jo log tumhare saath hai woo bhi saath chod deengee.....hindua ki ghaani tension na lliya kar....jaise kuch dino ke mullo ko shamli mai peet re hai waise hi agar koi panga legaa to nue ee pitega
 
mhari ijjat ki chinta chhod kyunki tere bas ki baat koni va sambhalana apni bachaye rakh vo y bahut tere khatir. tera vo haal ho ra sai ki ghiayani billi khambha noche :) baski hai nhi kuch tere bakar maarta rehta hai.

khas baat ya bhi sai ki tu saari haan jaat ka thekdaar banane ki kosis kari ja sai ki ebb nyu howega ya ebb nyu howega lekin tere hisab tain aaj tai kuch na hoya aur na howe. Baki tera naam sandeepModi sai ki kimme aur :)
barking dog seldom bite = tere bhi injection lagwa deenge pher tu bhi katne lagega:).....sandeep modi kasam se sun ke mazza aa gaya....tu bhi mere gunn gaane walo mai se eek hai:)....guru ji ka naam liya kar subaah shaaam ussse tujhe sadbuddhi milegi:)
 
के कहूं मै अपणे भाईयां नै जो कती एक दूसरे नै खाण होरे सै, कोए हिंदू का झण्डा ठा रया कोए जाट का कोए सिख का कोए कांगरेसियां का,कोए बी जे पी का, कदे थमने यो सोची है अक जद इस सृष्टि मै इंसान आया होगा तै वो अपणे उपर बैनर तै ना लाकै आया होगा अक मैं हिंदू, मुसलमान,सिख, ईसाई, फलाणा फलाणा! वो जनमजात कोएसा धरम या जात लेकै नै पैदा तो ना होया होगा! यो धरम , जात तो थारे जिसे प्यारे भाईया नै आपस मै लडाण खातर बणा दिये बुरे इंसाना नै! अगर मानना है तो इंसानियत को ही धरम, जात, करम, पूजा जो थारा जी करै मानो! मै तो इंसानियत धरम को मानता हूं अर जो कोए अच्छा इंसान है चाहै वो अपणे आप नै किसे धरम,जात का कहता हो वो अपणा प्यारा साथी है....
जिस दिन सारे इंसानियत धरम अपणा लेंगे उस दिन सारे रोले खतम हो जांगे !
ps - ये मेरे विचार है भाइयो, अगर कोई भाई ईस बात तै सहमत ना हो तो कृप्या बताईये मै कहां गलत हूं
 
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श्री राम ने कब कहा की वो हिन्दू हैं ! इसका कोई प्रमाण दे दे तू जीता मैं हारा |

श्री राम ने कभी ये भी नहीं कहा कि वो हिन्दू नहीं हैं। श्री राम सनातनी थे, सनातन का अर्थ ही हिन्दू है। ;)
 
Hmmmmm.....
Sounds great , perfect World .
Same is not even possible in theory .........practical toh next to impossible hai .


के कहूं मै अपणे भाईयां नै जो कती एक दूसरे नै खाण होरे सै, कोए हिंदू का झण्डा ठा रया कोए जाट का कोए सिख का कोए कांगरेसियां का,कोए बी जे पी का, कदे थमने यो सोची है अक जद इस सृष्टि मै इंसान आया होगा तै वो अपणे उपर बैनर तै ना लाकै आया होगा अक मैं हिंदू, मुसलमान,सिख, ईसाई, फलाणा फलाणा! वो जनमजात कोएसा धरम या जात लेकै नै पैदा तो ना होया होगा! यो धरम , जात तो थारे जिसे प्यारे भाईया नै आपस मै लडाण खातर बणा दिये बुरे इंसाना नै! अगर मानना है तो इंसानियत को ही धरम, जात, करम, पूजा जो थारा जी करै मानो! मै तो इंसानियत धरम को मानता हूं अर जो कोए अच्छा इंसान है चाहै वो अपणे आप नै किसे धरम,जात का कहता हो वो अपणा प्यारा साथी है....
जिस दिन सारे इंसानियत धरम अपणा लेंगे उस दिन सारे रोले खतम हो जांगे !
ps - ये मेरे विचार है भाइयो, अगर कोई भाई ईस बात तै सहमत ना हो तो कृप्या बताईये मै कहां गलत हूं
 
barking dog seldom bite = tere bhi injection lagwa deenge pher tu bhi katne lagega
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.....sandeep modi kasam se sun ke mazza aa gaya....tu bhi mere gunn gaane walo mai se eek hai
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....guru ji ka naam liya kar subaah shaaam ussse tujhe sadbuddhi milegi
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apne aap ki itni tarif mat ki kar vaise sahi pribhasa di hai tune apni n tere neta bhi isse hi sai chahe malik ho, sehrawat ho ya modi, hamesha bhonkte rehte hai bas teri tarah vo bhi bina kate :) Aur jiss tarah language use ki hai usse tune apna hi nhi apni family ka bhi bta ki kis trah ki upbringing hai teri :)

Fir bhonka tu aaj, galat fehmi hai gunn gawe kyunki vo tere barge kara kar sirf n sadbudhi pahle khud le fir dusron n sikdha diye khatpatwaar kahin ka.
 
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Bhai kuch aur log bhi hain yaha jinka 'Agenda' crystal clear hai .. unke baare main kya raay hai aapki?

Rajpal ji,

Aapki posts se aisa pratit hota hai ki aap ka koi agenda hai JL par, jiske chalte aap majboor hain aisi post daalne ke liye JL par.
 
के कहूं मै अपणे भाईयां नै जो कती एक दूसरे नै खाण होरे सै, कोए हिंदू का झण्डा ठा रया कोए जाट का कोए सिख का कोए कांगरेसियां का,कोए बी जे पी का, कदे थमने यो सोची है अक जद इस सृष्टि मै इंसान आया होगा तै वो अपणे उपर बैनर तै ना लाकै आया होगा अक मैं हिंदू, मुसलमान,सिख, ईसाई, फलाणा फलाणा! वो जनमजात कोएसा धरम या जात लेकै नै पैदा तो ना होया होगा! यो धरम , जात तो थारे जिसे प्यारे भाईया नै आपस मै लडाण खातर बणा दिये बुरे इंसाना नै! अगर मानना है तो इंसानियत को ही धरम, जात, करम, पूजा जो थारा जी करै मानो! मै तो इंसानियत धरम को मानता हूं अर जो कोए अच्छा इंसान है चाहै वो अपणे आप नै किसे धरम,जात का कहता हो वो अपणा प्यारा साथी है....
जिस दिन सारे इंसानियत धरम अपणा लेंगे उस दिन सारे रोले खतम हो जांगे !
ps - ये मेरे विचार है भाइयो, अगर कोई भाई ईस बात तै सहमत ना हो तो कृप्या बताईये मै कहां गलत हूं
नैन भाई बहुत अच्छा लिखा हैं आपने , दुनिया मे अच्छे और बुरे लोगो की न कोई जाति होती हैं और ना ही धर्म , यह तो सिर्फ आप और हमारे जैसे बीच वालों की होती हैं |
 
यह कहा जाता हैं की हिन्दू धर्म वर्ण व्यवस्था पर आधारित हैं ना की जाति पर | जब मैं यह कहता हु की हिन्दू धर्म मे जाट को शूद्र माना जाता हैं तो उपेंद्र या कई भाई इसे सही नहीं मानते , वैसे मैंने देहात के सामाजिक रीति रिवाज हुक्का आदि उदाहरण भी दिये हैं , हो सकता हैं मैं गलत हु इसलिए मेरा उपेंद्र , राजपाल जी या जो भी हिन्दू जाट भाई हैं उनसे सीधा सा सवाल हैं की हम जाट हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था के किस वर्ण मे आते हैं ?

यह कहा जाता हैं की हिन्दू धर्म वर्ण व्यवस्था पर आधारित हैं ना की जाति पर , अब तक स्कूलों मे सरकारी इतिहास के अनुसार यही पढ़ाया जाता रहा हैं की राजपूत क्षत्रिय जाति हैं , क्षत्रिय का नाम आते ही आम आदमी के जेहन मे सबसे पहले राजपूत ही आता हैं , इनके जगह जगह क्षत्रियपने के किस्से पढ़ने को मिल जाएंगे जिसमे इन राजपूतों के लिए क्षत्रिय शब्द स्पष्ट लिखा हुआ हैं | मुझे इस तरह का कोई भी सरकारी इतिहास की किताब का प्रमाण , या फेर हिन्दू धर्म के इन पंडो की इस वर्ण व्यसथा मे कोई ऐसा प्रमाण बता दो जिसमे जाट के लिए स्पष्ट क्षत्रिय शब्द लिखा हो जाट को क्षत्रिय माना हो !

हिन्दू धर्म के पहले वर्ण ब्राह्मण मे एक जाति आती हैं ( हमारा तो क्या इसमे तो किसी भी दूसरी जाति के आने का सवाल ही नहीं ) , दूसरे मे क्षत्रिय (जिसमे हमारी कौम का नाम आते ही प्रश्न चिन्ह लग जाता हैं यदि हम इसमे नहीं तो फिर किस वर्ण मे आते हैं ?) , तीसरा वैश्य ( जिससे हमारा कोई मेल नहीं) चौथा शूद्र वर्ण बचता हैं |
 
taane to aaj tak yoo ee naa bera ki tu hai ke....jaat tu hai but tu arya samaji koni....hindu tu ho ni sakta....sardar tu hai ni .....to bhai tu hai kee?tujhe yehi bolunga jaat hone ke naate ki ye faltu ki baatein mat kiya karo...warna jo log tumhare saath hai woo bhi saath chod deengee.....hindua ki ghaani tension na lliya kar....jaise kuch dino ke mullo ko shamli mai peet re hai waise hi agar koi panga legaa to nue ee pitega
मैं तो डर गया :stupid:
 
श्री राम ने कभी ये भी नहीं कहा कि वो हिन्दू नहीं हैं। श्री राम सनातनी थे, सनातन का अर्थ ही हिन्दू है। ;)

Sri ram ko kai logon ne bhagwaan bana dia lekin agar aap kahin bhi padogey to unhe maryada purshotam ram likh jata hai na ki bhagwaan raam.
 
महान हिंदू धर्म ने कभी भी किसी को जबरन हिंदू बनाने का प्रयास नहीं किया। हिंदुओं को आज भी ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है। चाहे भले ही हिंदू धर्म में गिनती के ही लोग बचें, लेकिन ये सभी कृतज्ञ लोग हों। इस थ्रेड में जो 'गद्दार जाट' कहा गया है, यह उन जाटों के लिए कहा गया है, जो हिंदू धर्म की तमाम सुविधाएं भी उठा रहे हैं, नाम भी हिंदू रखे हुए हैं, शादी-ब्याह भी हिंदू पद्धति से कर लेते हैं, दाह-संस्कार भी हिंदू पद्धति से कर लेते हैं, जब मौका पड़ता है तो अपना धर्म हिंदू भी लिख देते हैं, अपने घरों में हिंदू भगवानों की तस्वीरें भी लगा लेते हैं, होली-दिवाली भी मना लेते हैं, लेकिन यह कहने से बाज नहीं आते कि वे तो हिंदू हैं ही नहीं।
हालांकि मैं एक मामूली इंसान हूं, लेकिन ऐसे लोगों से यह तो पूछ ही सकता हूं कि जब उन्हें हिंदू धर्म में इतनी बुराइयां नजर आती हैं, तो वे इस धर्म से जुड़ीं तमाम बातों को छोड़ क्यों नहीं देते? यदि ऐसा करते हुए उनका कलेजा कांपता है तो फिर उन्हें हिंदू धर्म से गद्दारी नहीं करनी चाहिए। यह ठीक वैसा ही है जैसे फ़ौज में भर्ती तो हो किसी एक देश विशेष की, उसी फ़ौज की वर्दी भी पहनो, लेकिन उसी फ़ौज को गाली बको और यह कहो कि हम तो उस फ़ौज के हैं ही नहीं। कृपया ऐसे लोग यहां सबके सामने यह बात कहें कि वे हिंदू धर्म से जुड़ीं तमाम बातों को छोड़ देंगे। साथ ही वे अपना धर्म भी बताने की कृपा करें। यदि वे यह बकवास करते हैं कि उनका धर्म जाट है तो यह सबूत दें कि जाट एक धर्म है। इस संदर्भ में कोई विश्वसनीय लिंक डालें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि वे ठीक लोग नहीं हैं। ऐसे लोगों को जबरन महान हिंदू धर्म से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।
(
नोट : कृपया मुझे क्वोट तभी करें, यदि कोई सार्थक बहस करनी हो तथ्यों और प्रमाणों के साथ। अनर्गल बहस करने का समय नहीं है।)
 
महान हिंदू धर्म ने कभी भी किसी को जबरन हिंदू बनाने का प्रयास नहीं किया। हिंदुओं को आज भी ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं है। चाहे भले ही हिंदू धर्म में गिनती के ही लोग बचें, लेकिन ये सभी कृतज्ञ लोग हों। इस थ्रेड में जो 'गद्दार जाट' कहा गया है, यह उन जाटों के लिए कहा गया है, जो हिंदू धर्म की तमाम सुविधाएं भी उठा रहे हैं, नाम भी हिंदू रखे हुए हैं, शादी-ब्याह भी हिंदू पद्धति से कर लेते हैं, दाह-संस्कार भी हिंदू पद्धति से कर लेते हैं, जब मौका पड़ता है तो अपना धर्म हिंदू भी लिख देते हैं, अपने घरों में हिंदू भगवानों की तस्वीरें भी लगा लेते हैं, होली-दिवाली भी मना लेते हैं, लेकिन यह कहने से बाज नहीं आते कि वे तो हिंदू हैं ही नहीं।
हालांकि मैं एक मामूली इंसान हूं, लेकिन ऐसे लोगों से यह तो पूछ ही सकता हूं कि जब उन्हें हिंदू धर्म में इतनी बुराइयां नजर आती हैं, तो वे इस धर्म से जुड़ीं तमाम बातों को छोड़ क्यों नहीं देते? यदि ऐसा करते हुए उनका कलेजा कांपता है तो फिर उन्हें हिंदू धर्म से गद्दारी नहीं करनी चाहिए। यह ठीक वैसा ही है जैसे फ़ौज में भर्ती तो हो किसी एक देश विशेष की, उसी फ़ौज की वर्दी भी पहनो, लेकिन उसी फ़ौज को गाली बको और यह कहो कि हम तो उस फ़ौज के हैं ही नहीं। कृपया ऐसे लोग यहां सबके सामने यह बात कहें कि वे हिंदू धर्म से जुड़ीं तमाम बातों को छोड़ देंगे। साथ ही वे अपना धर्म भी बताने की कृपा करें। यदि वे यह बकवास करते हैं कि उनका धर्म जाट है तो यह सबूत दें कि जाट एक धर्म है। इस संदर्भ में कोई विश्वसनीय लिंक डालें। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए कि वे ठीक लोग नहीं हैं। ऐसे लोगों को जबरन महान हिंदू धर्म से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।
(
नोट : कृपया मुझे क्वोट तभी करें, यदि कोई सार्थक बहस करनी हो तथ्यों और प्रमाणों के साथ। अनर्गल बहस करने का समय नहीं है।)

aap kya koi link de skate hain jahan ye likha ho ki indian constituion mein ki hindu ek dharam, अनर्गल khud baat kar raha hai saari n iljaam dusron pe. Kripa karke pahle apne kahi baaton ko sidh kare dusron ko kyun keh rahe hain ki vo gadaari kar rahe hain.

aur sabse bada kamaal to aap jo analogies dete hain vo hai, fauj mein aapne JAt regiment sunni hai kabhi hindu regiment sunni h? ek maine supreme court ka link bhi dia tha jisme court ne saaf kaha h ki hindu koi dharam nhi h fir aap kis aadhar pe isko dharam banane pe tulle ho?
 
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यह कहा जाता हैं की हिन्दू धर्म वर्ण व्यवस्था पर आधारित हैं ना की जाति पर | जब मैं यह कहता हु की हिन्दू धर्म मे जाट को शूद्र माना जाता हैं तो उपेंद्र या कई भाई इसे सही नहीं मानते , वैसे मैंने देहात के सामाजिक रीति रिवाज हुक्का आदि उदाहरण भी दिये हैं , हो सकता हैं मैं गलत हु इसलिए मेरा उपेंद्र , राजपाल जी या जो भी हिन्दू जाट भाई हैं उनसे सीधा सा सवाल हैं की हम जाट हिन्दू धर्म की वर्ण व्यवस्था के किस वर्ण मे आते हैं ?

यह कहा जाता हैं की हिन्दू धर्म वर्ण व्यवस्था पर आधारित हैं ना की जाति पर , अब तक स्कूलों मे सरकारी इतिहास के अनुसार यही पढ़ाया जाता रहा हैं की राजपूत क्षत्रिय जाति हैं , क्षत्रिय का नाम आते ही आम आदमी के जेहन मे सबसे पहले राजपूत ही आता हैं , इनके जगह जगह क्षत्रियपने के किस्से पढ़ने को मिल जाएंगे जिसमे इन राजपूतों के लिए क्षत्रिय शब्द स्पष्ट लिखा हुआ हैं | मुझे इस तरह का कोई भी सरकारी इतिहास की किताब का प्रमाण , या फेर हिन्दू धर्म के इन पंडो की इस वर्ण व्यसथा मे कोई ऐसा प्रमाण बता दो जिसमे जाट के लिए स्पष्ट क्षत्रिय शब्द लिखा हो जाट को क्षत्रिय माना हो !

हिन्दू धर्म के पहले वर्ण ब्राह्मण मे एक जाति आती हैं ( हमारा तो क्या इसमे तो किसी भी दूसरी जाति के आने का सवाल ही नहीं ) , दूसरे मे क्षत्रिय (जिसमे हमारी कौम का नाम आते ही प्रश्न चिन्ह लग जाता हैं यदि हम इसमे नहीं तो फिर किस वर्ण मे आते हैं ?) , तीसरा वैश्य ( जिससे हमारा कोई मेल नहीं) चौथा शूद्र वर्ण बचता हैं |

में तथाकथित हिन्दू हूँ हर तेने सवाल पूछा हे तो जवाब देना महरा फ़र्ज़ बनता हे। तेरे सारे उतर में दूंगा पहली तू नु बता जाट ती शुद्र कड़े बता रखा हे और जाट वैश्य क्यों नहीं हो सकता। हर नु बता जाटों का मुख्य धंदा के था।
हर एक बात और बता दिए के तू तथाकथित हिन्दू तो हे नहीं मुस्लमान तू लगता नहीं, ईसाई तू हो नहीं सकता। मौना सिख हे के भाई?
 
उपेंद्र मुझे आपके हिन्दू धर्म से कोई शिकायत नहीं हैं अगर आप मेरे सवाल का जवाब दे दें तो |
पहला सवाल मैंने यह पूछा था की हम जाट हिन्दू धर्म मे किस वर्ण मे आते हैं और उसका कोई प्रमाण ?

दूसरा, हिन्दू धर्म मे अब कई संघठन बन चुके हैं परंतु इनमे सबसे मुख्य दो ही हैं एक विश्व हिन्दू परिषद व दूसरा आरएसएस , अब मेरा सवाल यह हैं की इन दोनों संघठनों के मुख्या अब तक किस वर्ण के रहे हैं व इनके संस्थापक किस वर्ण के थे ?
 
में तथाकथित हिन्दू हूँ हर तेने सवाल पूछा हे तो जवाब देना महरा फ़र्ज़ बनता हे। तेरे सारे उतर में दूंगा पहली तू नु बता जाट ती शुद्र कड़े बता रखा हे और जाट वैश्य क्यों नहीं हो सकता। हर नु बता जाटों का मुख्य धंदा के था।
हर एक बात और बता दिए के तू तथाकथित हिन्दू तो हे नहीं मुस्लमान तू लगता नहीं, ईसाई तू हो नहीं सकता। मौना सिख हे के भाई?
मैंने तो पहले भी हुक्के का एक छोटा सा उदाहरण दिया हैं की अपने आप को ऊंची जाति का बताने वाले जाट को अपना हुक्का नहीं देते अब आप ही बता दो इससे क्या जाहीर होता हैं ?
वैसे एक लाहौर हाई कोर्ट का फैसला भी हैं जिसमे जाट को शूद्र बताया हैं |
और माना की यह सब जो मैंने लिखा हैं बकवास हैं तो आप ही बता दो अपना वर्ण क्या हैं ?

वैसे जनगणना वालों ने जब मेरा धर्म पूछा तो मैंने जाटिज्म बताया था , मक्का जब हमारे संविधान के अनुसार हिन्दू कोई धर्म नहीं हैं और लोग फिर भी अपना धर्म हिन्दू बता सकते हैं तो फिर हम जाटिज्म क्यों नहीं !

(किसान विद्रोह और संघर्ष )

-तुम शूद्र क्यों हों? - छोटूराम पूछते।
-ऐसा ब्राह्मणों ने कहा है - शूद्र जवाब देते।
-उन्होंने तो हम जाटों को भी शूद्र कहा है - क्या हम उनकी सुनते हैं?
-धर्म में तो लिखा है कि हम शूद्र हैं- झुके हुए शूद्र चेहरे जवाब देते।
-उनके धर्म में तो ये भी लिखा है कि विधवा पुनर्विवाह पाप है। लेकिन जाट तो विधवा पुनर्विवाह करते हैं। वो तो नहीं मानते उनकी लिखी हुई बकवासें - छोटूराम कहते।
(शूद्र चुप रहते लेकिन आज हम जवाब जानते हैं। जाटों ने उस समय की ब्राह्मणवादी मानसिकता का सफलता पूर्वक सामना किया। क्योंकि वो संगठित थे, उनके पास ज़मीने भी थीं और वो आत्मनिर्भर भी थे। जबकि शूद्रों के साथ ऐसा नहीं था। ऐसा नहीं है कि जाटों को इसकी क़ीमत नहीं चुकानी पड़ी। उन्होंने चुकाई, अपना इतिहास और अपने नायक खोकर , ब्राह्मण लेखकों ने उन्हें गहरे दफ़ना दिया।)
 
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Three theories on which Jats base their claim of being OBC -

Jats are a backward caste community and the same has been classified as the one by the Kaka Kalelkar Commission in 1955, in which the Jat community has been shown as the "Shudra Varna" and treated as an Other Backward Class
Also, the first Indian Prime Minister, Pt Jawaharlal Nehru, in his book Discovery of India has also written that the main occupation of Shudras is cultivation and domestication service
Even the Manu Samriti, in chapter number 10, stanza number 84, considers the agriculture occupation meant for low caste people
These are the three theories based on which the Akhil Bhartiya Jat Aarakshan Sangharsh Samiti plans to demand reservation for Jats under OBC quota before the National Commission for Backward Classes (NCBC) in New Delhi.
In a recent statement, Samiti president Hawa Singh Sangwan had said he will soon take up the issue with the NCBC and submit a final claim for conferment of OBC status in the light of these theories.
"The Jats are indeed a backward caste community and we will definitely get reservation in admissions and government jobs under the OBC category. We are also in the process of filing a final claim before the NCBC, in which, we will mention the Kalelkar Commission report and also relevant portions of Pt Jawaharlal Nehru's book and Manu Samriti," Sangwan told The Indian Express.
Reacting to the statement issued by a former Congress spokesperson Ved Prakash Vidrohi, who had said that Jat samitis are pressurising the Haryana Backward Class Commission to submit its report by July 31, Sangwan said: "We should not forget that the Haryana Backward Class Commission is a permanent and independent commission, which is doing its work with full transparency and cannot be put under any pressure, even by the Haryana government. Such statements are illegal and immoral to misguide a common man." He added that the OBC status was the constitutional right of Jats and thus, the community cannot be deprived of this right for long.

- See more at: http://www.indianexpress.com/news/t...aim-of-being-obc/951734/#sthash.MPfr4fec.dpuf
 
जा भ्रह्मान्न धर्म का पालन करने वाला ही शच्चा जाट हे और उनके कर्मकांड का विरोध करने वाला गद्दार जाट हे ,तो मेरा नाम पहला गद्दारों की सूचि में (इब्ब मन्ने न्यू कोणी बेरा अक में जट्टां का गद्दार सूं अक भामनां का )जो भाई इहमे आपणा नाँ जोड़ना चाहवें ,वे आप्पे जोड़ लवें , फेर उप्पू भाई आप्पे भाम्नां धोरे हमने मल्लेछ घोषित करवा देवेगा ,ज्युकर भाप्पे आर भामनां ने मिल के लाहोर की कोर्ट पे जाट शुद्र घोषित करवाए थे :-
गद्दार जट्टों की सूचि :-
१) रविंदर जीत सिंह बल्हारा
 
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