aaj ke jat duniyaa ki najar me

ravinderjeet

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एक भाई ने काल एक पोस्ट में नु लिखी स अक ये सब पुराणि बात सें (जाट दुनिया की नजर में )आज काल दुनिया जट्टां के बारे में के सोचे स | आपणे अनुभव अर सुनी होड़ बात/घटना अड़े लिखो अर उनका निदान (अगर जट्टां की बात गलत लागी तो ) भी बताओ |

मेरे सारे हिन्दुस्तान के अर सब जात धरम के एक या दो दोस्त जरुर सें | लगभग जाणे/ अनजाने सब जट्टों के बारे में बहुत ही अच्छी इमेज रखते हैं (हंसी मजाक में चाहे कुछ भी बोल ल्यो वो तो न्यारी बात स )
अच्छाइयां जेसे की :
१) जाट ताकतवर होते हैं |
२) जाट इमानदार होते हैं |
३) जाट सच्च बोलने वाले और हक़ की बात करने वाले होते हैं |
४) जाट कभी किस्सी बात का टेनसन नहीं लेते |
५) जट्टों के साथ रहने में उन् में सुरक्षआ की भावना आ जाती हे |
६ ) जाट हमेशा आगे बढ़ कर लीड करते हैं |
७) जरुरत मंद के सहायक होते हैं |
८) अपने सामाजिक रीतिरिवाज के साथ बंधे होते हैं |
९) जाट बहुत ही मेहनती और धनी होते हैं |
१०) जाट खुद्दार होते हैं |
बुराइयां जेसे की :
१) जाट मुंहफट होते हैं |
२) जाट बिना सोचे समझे कुछ भी कर सकते हैं |
३) क़ानून को कोई महत्व नहीं देते |
४) अपना कानून बनाते हैं |
५) दीमाग का प्रयोग नहीं करते |
६) साफ़ सुथरे नहीं रहते |
७) औरतों को दबा कर रखते हैं |

आच्छे/भुंडे सब के विचार आमंत्रित सें |
 
वे inferiority काम्प्लेक्स के maryode हे उनकी टेंशन न लेवे. वे refugee टाइप बनना चावे हे.

छापे जा भाई में तो आड़े तेरी हर तेरे बर्गे भाई की पोस्ट पढ़न आऊं हूँ बस
 
एक भाई ने काल एक पोस्ट में नु लिखी स अक ये सब पुराणि बात सें (जाट दुनिया की नजर में )आज काल दुनिया जट्टां के बारे में के सोचे स | आपणे अनुभव अर सुनी होड़ बात/घटना अड़े लिखो अर उनका निदान (अगर जट्टां की बात गलत लागी तो ) भी बताओ |

मेरे सारे हिन्दुस्तान के अर सब जात धरम के एक या दो दोस्त जरुर सें | लगभग जाणे/ अनजाने सब जट्टों के बारे में बहुत ही अच्छी इमेज रखते हैं (हंसी मजाक में चाहे कुछ भी बोल ल्यो वो तो न्यारी बात स )
अच्छाइयां जेसे की :
१) जाट ताकतवर होते हैं |
२) जाट इमानदार होते हैं |
३) जाट सच्च बोलने वाले और हक़ की बात करने वाले होते हैं |
४) जाट कभी किस्सी बात का टेनसन नहीं लेते |
५) जट्टों के साथ रहने में उन् में सुरक्षआ की भावना आ जाती हे |
६ ) जाट हमेशा आगे बढ़ कर लीड करते हैं |
७) जरुरत मंद के सहायक होते हैं |
८) अपने सामाजिक रीतिरिवाज के साथ बंधे होते हैं |
९) Itne takatvar ki apharan karke premi yugal ko marne se chukte nahin vo bhi apni choudhar chalaane ke vaaste?
 
९) Itne takatvar ki apharan karke premi yugal ko marne se chukte nahin vo bhi apni choudhar chalaane ke vaaste?

मान्गे र डाकि तेने. फेर तू आड़े कातिलां की वेबसाइट पे के करे हे भाई
 
Itne takatvar ki apharan karke premi yugal ko marne se chukte nahin vo bhi apni choudhar chalaane ke vaaste?
ये घटनाएं हर जाती धरम में हो रही हैं अकेले जट्टों को क्यों बदनाम करते हो | कल एक उत्तर परदेश के शुक्ला ने अपनी बेटी और उस के प्रेमी यादव को तमंचे से मार दिया | किसी ब्राह्मण संस्था या ब्राह्मण जाती के बारे में किसी अखबार ने नहीं लिख और ना ही उच्च नायालय ने कोई फरमान जारी किया | क्यों भाम्नों और रेफुजियों के चक्कर में पड के अपनी कौम को बदनाम करते हो | ये घटनाएं सारे दक्सिन एशिया में होती हैं |
 
मान्गे र डाकि तेने. फेर तू आड़े कातिलां की वेबसाइट पे के करे हे भाई

इब्बे तो इह के मूंछ भी ढंगसर ना आई सें | बालक स इब्बे समाज अर दुनियादारी सीखनी स भाई ने ,ज्यां तें -ए आड़े आर्या स | कोए बात ना भाई तू लिखे जा हाम जबाब द्यांगे | पर जो सवाल हाम कराँ उनका भी तन्ने जबाब देणा स |
 
एक भाई ने काल एक पोस्ट में नु लिखी स अक ये सब पुराणि बात सें (जाट दुनिया की नजर में )आज काल दुनिया जट्टां के बारे में के सोचे स | आपणे अनुभव अर सुनी होड़ बात/घटना अड़े लिखो अर उनका निदान (अगर जट्टां की बात गलत लागी तो ) भी बताओ |

मेरे सारे हिन्दुस्तान के अर सब जात धरम के एक या दो दोस्त जरुर सें | लगभग जाणे/ अनजाने सब जट्टों के बारे में बहुत ही अच्छी इमेज रखते हैं (हंसी मजाक में चाहे कुछ भी बोल ल्यो वो तो न्यारी बात स )
अच्छाइयां जेसे की :
१) जाट ताकतवर होते हैं |
२) जाट इमानदार होते हैं |
३) जाट सच्च बोलने वाले और हक़ की बात करने वाले होते हैं |
४) जाट कभी किस्सी बात का टेनसन नहीं लेते |
५) जट्टों के साथ रहने में उन् में सुरक्षआ की भावना आ जाती हे |
६ ) जाट हमेशा आगे बढ़ कर लीड करते हैं |
७) जरुरत मंद के सहायक होते हैं |
८) अपने सामाजिक रीतिरिवाज के साथ बंधे होते हैं |
९) itne takatvar ki apharan karke premi yugal ko marne se chukte nahin vo bhi apni choudhar chalaane ke vaaste?

भियो बात न्यू स......... अपने दिवे म तेल घाल ले भुजहन न दे......आर रही बात अपरहण आर marn maraan की तो या बीमारी सारे fel रही स जट्टा n badnaam kyu karan lag rhya स ......
 
Last edited:
bhai parveen maf karna thari battan se lagta ni ke tu jaato se belong kare hai arey yo bta jaata ne tane aur thari premika ko kitni baar mar diya,bhai likhan tou pahle soch liya krte hai tane thare saare sawalo ka jawab honou
r killing mai mil javengae. jae phr bhi koi armaan baki reh jaye tae kisi paake jaat ne you baat keh diye kataye jee sa aa jayega jaisa ki ravinder jee ne kaha ke aisa har jagah hota hai ismae jaat ke karan gae ib tu kal kahe jyadatar jatto ke pass paisa hota hai tou desh mai jo yo proverty hai jaato ke karan hai...??
 
एक भाई ने काल एक पोस्ट में नु लिखी स अक ये सब पुराणि बात सें (जाट दुनिया की नजर में )आज काल दुनिया जट्टां के बारे में के सोचे स | आपणे अनुभव अर सुनी होड़ बात/घटना अड़े लिखो अर उनका निदान (अगर जट्टां की बात गलत लागी तो ) भी बताओ |

मेरे सारे हिन्दुस्तान के अर सब जात धरम के एक या दो दोस्त जरुर सें | लगभग जाणे/ अनजाने सब जट्टों के बारे में बहुत ही अच्छी इमेज रखते हैं (हंसी मजाक में चाहे कुछ भी बोल ल्यो वो तो न्यारी बात स )
अच्छाइयां जेसे की :
१) जाट ताकतवर होते हैं |
२) जाट इमानदार होते हैं |
३) जाट सच्च बोलने वाले और हक़ की बात करने वाले होते हैं |
४) जाट कभी किस्सी बात का टेनसन नहीं लेते |
५) जट्टों के साथ रहने में उन् में सुरक्षआ की भावना आ जाती हे |
६ ) जाट हमेशा आगे बढ़ कर लीड करते हैं |
७) जरुरत मंद के सहायक होते हैं |
८) अपने सामाजिक रीतिरिवाज के साथ बंधे होते हैं |
९) जाट बहुत ही मेहनती और धनी होते हैं |
१०) जाट खुद्दार होते हैं |
बुराइयां जेसे की :
१) जाट मुंहफट होते हैं |
२) जाट बिना सोचे समझे कुछ भी कर सकते हैं |
३) क़ानून को कोई महत्व नहीं देते |
४) अपना कानून बनाते हैं |
५) दीमाग का प्रयोग नहीं करते |
६) साफ़ सुथरे नहीं रहते |
७) औरतों को दबा कर रखते हैं |

आच्छे/भुंडे सब के विचार आमंत्रित सें |

Except ९) जाट बहुत ही मेहनती और धनी होते हैं | most of the points are more or less valid, however its a right question, but at the wrong place. This is a Jat forum, we won't be able to reach the correct conclusion as there is one more bad quality you missed "Ego problem". We don't deal well with criticism.
 
जब पहलम आला तागा चालाया था "जाट दुनिया की नजर में " तो कई भाई गेल लाग लिए अक तू बस बड़ाई-बड़ाई लिखे स | जाट्टां की इमेज आछी कोणी | तो यो तागा सुरु कर्या अक ल्यो भाई लिख ल्यो इब्ब क्यूँ आछी कोणी | कुन कहवे स , अर के कहवे स ,आछा -भुंडा जाट्टां के बारे में ,इब्ब लिखदे क्यों नि | मेरी गेल कई बे हो ली बिजनेस में | जब कोए गलत बात कह दे तो मन्ने उस माणस के मुंह पे शाब्दिक थूक दे मार्या अर नु भी केह दी अक मन्ने बेरा स यु काम इब्ब मन्ने मिले कोणी ,या बात कहे पाछे ,पर मन्ने कहणी थी ,कह दी | अर आगला भी मुंह बाएं देखे जा ,अक र या के होई | कदे उन् ने पावर की शीट पे बैठ के ने इस्सी बात सुनी ना होंगी | तो या बात स मुंह फट होवण की मेरे में खुद या कमी स ,अर ईह में सरमान की के बात स | हाम इस्से सां ते सां | आपनी बड़ाई सुनन की चाह स ,तो आपनी बुराई सुनन का भी माद्दा होना चाहिए बन्दे में | इब्ब लिखो अक के भुंडा बोलें सें लोक जाट्टां के बारे में अर उह के निदान के सें .|
 
Ravindra Jeet Singh Ji Jaton ne bhee bahut achcha vikas kar liya hai, har kshetra me kadm se kadam milakar aagge badh rahe hain. Hamare Hindu dharm me bhee sabhi Jati ke log Jaton ko samman se dekhte hain.
 
don't take it on heart, i am unhappy about honour killing, Killing is not matter of honour, JIYO AUR JINE DO.

जा काल ने तन्ने किम्मे भुंडा काम कर दिया जिह के कारण थारे घरके शर्मशार हो ज्या ,अर मुंह दीखान जोगे ना रहे समाज में ,अर फेर थारे घरके तेरी बिझोंडी सी झाड कें ने कुरड़ीयाँ पे फेंक आये तो उह में कौम के दोष ? जब मन्ने उह शुक्ला का उदाहरण दिया तो तन्ने उह का जबाब क्यों नि दिया ????????????
 
रिया तागे का कलेवर पढ़ ले | में ना कहंदा अक जाट न्यारे सें फेर भी न्यारी कौम तो स -ए | मन्ने पहलम भी कई ताग्याँ में लिखी स अक जाट हमेशा पुरे समाज ने गेल्याँ ले के चाल्या करें | जित-जित जट्टां का सामजिक प्रभुत्व रह्या स उड़े पुरे समाज में (सब जातियां नु मिल्या के ) घणी आर्थिक अर सामाजिक समानता पायी जा स | लोकतांत्रिक तरीके तें काम कार्या जा स | या भारतीय परिवेश में भोत बड़ी उपाल्भ्दी स | जब जाण पिछान के भामन या रफुजी नु कहें अक काश हाम भी जाट होंदे तो आपनी छाती १० इंच फूल जा स | थारी बराबरी कोए ना कर सकदा जब नु कह देवें तो बन्दे नु किस्सा लागेगा तम खुद समझ ल्यो |अर यो मीडिया कदे भी जट्टां की आछी बातां नु कोणी ठानदा | १०० आछी बात सें जा कदे एक आधी माड़ी -मोटि घाट -बाध हो ज्या तो केमरे ले कें गेल पडज्यां सें | इन् ताहि इन्ने की भाषा में जबाब देवेंगे जब बेरा पाटेगा| अड़े पूना के एक शिवाजी स्नश्थान ने भाम्नां का कसुता भांडा फोड़ कर्या स अक कुकर भामना ने पहलम मराठ्यां गेल्याँ अर फेर क्यूकर पुरे देश की गेल्याँ धोखा कर्या स | वा किताब थागी तो उसका हिंदी ट्रान्सलेसन कर के छापूंगा | पर उसपे कई भामना की संस्था बेन लावन की मांग कर री सें |
 
खाप पंचायत में शामिल हुए तो चुनाव नहीं लड़ saktey |जट्टों को इस प्रकार के कानून बना कर हिंसा पर उतरने के लिए मजबूर करने की तेयारी चल रही हे , ताकि फिर मीडिया द्वारा इनको बदनाम किया जा सके |
 
मने लागे से इसने आप गेल बन्दी दीखे से या कहाणी.
 
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