Aim of Life

हे महान आत्मा आपका आश्रम कंहा है. मैं आपका शिस्ये बनाना चाहता हूँ. मुझे अपनी शरण में ले लो , मेरा जीवन धन्य हो जाइयेगा .


भाई मैं कोई फ्री की रोट्टी तोड़निया मोड्डा कोन्या. मैं तो मेहनत करके खाऊँ हूँ. काम ज्यादा करूं हूँ और मेहनताना बहुत कम लूं हूँ. अर जिंदगी में कुछ करना है तो यो चेल्ला-चपटा बनने के चक्कर में न पड़िए. सारी बात बता तो दी, इब और के रह गया.
मेरी कोई इच्छा ना है यो ऋषि-मुनि बनन की अर आश्रम खोलन की. यहाँ तो कै आर है अर कै पार है. कै तो बर्बाद सै अर ना तो इस दुनिया का खो बिठाना है (अपने देश नै छोड़कर). बाकी अपने बर्बाद होने के ही चान्नस बत्ती लाग्गे हैं मन्ने.
;)
 
भाई मैं कोई फ्री की रोट्टी तोड़निया मोड्डा कोन्या. मैं तो मेहनत करके खाऊँ हूँ. काम ज्यादा करूं हूँ और मेहनताना बहुत कम लूं हूँ. अर जिंदगी में कुछ करना है तो यो चेल्ला-चपटा बनने के चक्कर में न पड़िए. सारी बात बता तो दी, इब और के रह गया.
मेरी कोई इच्छा ना है यो ऋषि-मुनि बनन की अर आश्रम खोलन की. यहाँ तो कै आर है अर कै पार है. कै तो बर्बाद सै अर ना तो इस दुनिया का खो बिठाना है (अपने देश नै छोड़कर). बाकी अपने बर्बाद होने के ही चान्नस बत्ती लाग्गे हैं मन्ने.
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गुरुजी आपके चरणों में मेरा सत-सत प्रणाम स्वीकार हो .धन्यवाद मुझे अपने जीवन का लक्ष्य मिल गया है.
 
ये दर्दनाक पोस्ट तो India TV की headline है.

अगर यहाँ धरती पर कुछ अच्छा नहीं करोगे तो 'वहां' पछताओगे

'जीवन का लक्ष्य' नामक शीर्षक से जो यह थ्रेड शुरू किया गया था, इसके लिए अपनी इस पोस्ट में मैं अपनी तरफ से तमाम शेष बातें समेटने का प्रयास करूंगा. अगर कोई यह सोचता है कि यह धरती तो अपने आप ही बन गई और इस दुनिया में कोई नियम-कायदे नहीं हैं तो उन्हें ऐसा सोचने का पूरा अधिकार है. सबको अपना जीवन अपनी मर्जी से अपनी शर्तों के मुताबिक़ जीने का अधिकार है. मैंने तो इस थ्रेड में बिना किसी को कोई शिक्षा देने के उद्देश्य से लिखना शुरू किया था, इसलिए जैसा मैं सोचता हूँ वो लिख रहा हूँ और इस पोस्ट में जो बातें मैं समझता हूँ कि मेरी तरफ से बतानी शेष रह गई थीं, उन्हें बता रहा हूँ.
दोस्तों, जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूँ यह धरती एक ट्रेनिंग सेंटर है. यहाँ हम कुछ हुनर सीखने आते हैं. यहाँ हम आते ही सीधे इंसान नहीं बन जाते. जिस प्रकार एक बीज होता है, फिर पौधा और फिर वो एक पेड़ बनता है, उसी प्रकार इस दुनिया का जो सबसे छोटा जीव है वो बीज है, ये पशु-पक्षी बीच की स्टेज और इंसान पेड़ है. जब एक बार कोई इंसान बन जाता है तो वो वापस कोई पशु या पक्षी नहीं बनता. वो यहाँ दिए गए समय में जितना भी हुनर अपने अंदर बना पाता है, उसका मजा लेने के लिए स्वर्ग चला जाता है. यह स्वर्ग भी एक प्लेनेट है. वहां न तो गंदगी है, न ही कोई दुःख. वहां दुःख है तो बस यही कि जो लोग यहाँ ज्यादा अच्छा कुछ नहीं कर पाते तो वे वहां जाकर थोड़ा परेशान हो जाते हैं कि ये कितनी अच्छी जगह है, लेकिन हम इसका पूरा मजा नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि हमारे अंदर ज्यादा हुनर नहीं हैं. दोस्तों ये हुनर बस इस धरती पर ही कमाए जा सकते हैं, स्वर्ग में इन्हें बढाने का कोई तरीका नहीं है. इसलिए जब तुम यहाँ पर हो तो तुम्हारे पास मौका है कुछ अच्छा करने का, जिससे तुम स्वर्ग में जाकर पछताओ ना. इस संदर्भ में एक उदाहरण प्रस्तुत है, वो यह कि यदि यहाँ किसी ने खेती में मेहनत की है तो स्वर्ग में पेड़ पर खाने की चीज तो खुद ही लगेगी, लेकिन उसे तोड़ पायेगा केवल वही इंसान, जिसने यहाँ धरती पर खेती में मेहनत की होगी. वहां खिलाड़ी भी हैं, वहां कलाकार भी हैं, वहां बुद्धिमान भी हैं, अगर वहां कुछ नहीं है तो वो है दुःख, बीमारी, गंदगी, प्रदूषण वगैरह. दोस्तों, जो लोग यहाँ कोई बहुत बड़ा कुछ प्रदर्शन करके दिखाते हैं, जैसे कि शिवजी-पार्वती या विष्णु-लक्ष्मी तो वे यहाँ से बिना मरे ही सीधे स्वर्ग जाते हैं और उनका जीवन भी हम आम लोगों के जीवन से बहुत लंबा होता है. जब हम स्वर्ग छोड़ते हैं तो हमारे मुंह से यही निकलता है कि ये इतनी शानदार जगह है कि यहाँ हम बार-बार आना चाहेंगे, चाहे इसके लिए हमें कुछ भी करना पड़े. चाहे हमें सूअर बनाकर गंदगी क्यों ना खिलाओ, चाहे हमें खच्चर बनाकर हमारी पीठ पर कोड़े ही क्यों ना बरसवाओ, चाहे हमें गरीब आदमी बनाकर हम पर कितने ही जुल्म क्यों ना ढाओ, हम यहाँ स्वर्ग में फिर आना चाहेंगे. और दोस्तों, इस धरती पर जीवन इतना कठिन है कि हम कहने लगते हैं कि कौन है जो हमें यहाँ पैदा कर देता है. हमें यहाँ जिंदगी नहीं चाहिए, हमें यहाँ से बचाओ, भाड़ में गया स्वर्ग. यही इन दोनों जगहों की खासियत है. नरक इस ब्रह्मांड में कहीं भी नहीं है.
तो जीवन का लक्ष्य है अपने अंदर ज्यादा से ज्यादा हुनर बनाना जो कि केवल कड़ी मेहनत, अच्छे कर्मों और तपस्या से ही संभव है. कभी- कभी किसी हादसे में किसी व्यक्ति को कोई गंभीर कष्ट मिल जाता है, जैसे कि किसी एक्सिडेंट वगैरह में तो उन्हें भी अपने इस शारीरिक या मानसिक कष्ट का अच्छा फल कभी ना कभी जरूर मिलता है.
तो इस संदर्भ में यदि कुछ मुझे 'रह गया' प्रतीत होगा तो मैं वो लिखूंगा, नहीं तो मेरी तरफ से यह विषय पूरा हुआ. मैं बिलकुल भी स्वर्ग होकर नहीं आया हूँ, लेकिन जितनी भी बातें मैंने इस पोस्ट में लिखी हैं, उनमें एक तर्क है और उनके सच होने की वजह नज़र आती है. बाकी सबकी अपनी-अपनी सोच है.
 
भाई बांता का बेरा नहीं पर तन्ने मैं कती समेट दिया


क्यूँकर???
भाई छोरे, अगर किसी नै नु कहना कि घनी छोरियां गैल्ला 'दोस्ती' न राखो, बल्कि शादी तै पहले राखो ही ना, अर राखो ही सो तो एक तै ही राख लो तो इसमें के भुंडी बात कह दी? जिब म्हारे घर की कोई छोरी किसी की गैल्ला यो तथाकथित दोस्ती करे है तो म्हारे तन-बदन में आग लग जा है. जिनकी गैल्ला हम पार्कों में, माल में अर इन्घे-तिन्घे धक्के खाते हांडे सै, वे भी किसी की बहन-बेटी हैं. हमने किसी नै नु धोखा थोड़े ही देना चाहिए.
अगर मैंने किसी को ये कह दी कि कम मेहनत तै कोन्या काम चाल्ले अर ज्यादा मेहनत करने के साथ-साथ कुछ अच्छे कर्म भी करो और कोई तपस्या भी करो तो और बढ़िया रहेगा तो इसमें के भुंडी बात कह दी? अर जितनी भी बात मैंने कही हैं, उनके बारे में पहले से ही सबने थोडा-थोडा सा तो सुन ही राख्या होगा. मेहनत, अच्छे कर्म, त्याग-तपस्या, इन बातों को तो ये पूरी दुनिया ही बढ़िया कह है. जिब कोई बड़ा बुजुर्ग इस दुनिया नै छोड़कर जा है तो उसके नाम के पाछे स्वर्गवासी लगा दे हैं. तो जो इसा करे हैं वे कोई बेवक़ूफ़ अर अंधविश्वासी कोन्या, इस बात का भी कोई मतलब सै.
तू पढ़ा-लिखा छोरा है अर इब्बे तेरी उम्र भी घनी ना है, अगर तूने कुछ थोड़ी-बहुत शरारत कर भी राखी है तो तू उस गलती नै सुधार सके है. इस दुनिया में कोई सारे काम बुरे ही करेगा तो उसका तो भुंडी ढाल दुखी होना तय है. अगर कोई सारे काम बढ़िया ही बढ़िया करेगा अर यहाँ कुछ ऐसा करेगा जिसा ना तो कभी किसी नै किया हो अर ना ही भविष्य में कभी कोई कर सके तो वो फेर इस दुनिया का मालिक बन जागा (ऐसा आज तक कोई नहीं कर पाया), अर भाई जो एक काम गलत करेगा अर फेर एक काम बढ़िया भी कर देगा तो उसकी गलती माफ़ कर दी जाएगी.
मन्ने लागे है तू डाक्की कई-कई छोरी पटा रहा है अर इब तन्ने नु राह नी पा रहा अक मैं करूं क्या. हा...हा...हा... छोड़ दे, सब छोड़ दे अगर तेरी शादी हो राखी है तो (हालांकि मन्ने लागता नी कि अभी तेरी शादी हुई होगी). बस जो तन्ने सबते सुथरी लागती हो उसने ही राख अर उसे कुछ बनकर दिखा अर उसी तै शादी करिए (अगर इब्बे शादी ना करवाई हो तो). इब आगे और किसी भी छोरी के चक्कर में मन्ना पड़िए, फेर सारी दुनिया नै बहुत बढ़िया लागेगा तू. बाकी तेरी अपनी जिंदगी सै, जिस मर्जी ढाल जी.
अर जो या बात सै कि इंडिया टी.वी. कि हेडलाइन वाली तो भाई अगर कोई भी टी.वी. वाला या अखबार वाला मेरे धोरे आया तो मैं नाट जांगा अक ये बातें मेरी अपनी सै. इब्बे मेरी तपस्या चाल रही सै, अगर वो सफल हुई तो फेर मैं अपने हिसाब तै सारी दुनिया नै बताऊँगा अर अगर मेरी तपस्या सफल ना हुई तो फेर तो कोई बात ही ना है.
 
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क्यूँकर???
भाई छोरे, अगर किसी नै नु कहना कि घनी छोरियां गैल्ला 'दोस्ती' न राखो, बल्कि शादी तै पहले राखो ही ना, अर राखो ही सो तो एक तै ही राख लो तो इसमें के भुंडी बात कह दी? जिब म्हारे घर की कोई छोरी किसी की गैल्ला यो तथाकथित दोस्ती करे है तो म्हारे तन-बदन में आग लग जा है. जिनकी गैल्ला हम पार्कों में, माल में अर इन्घे-तिन्घे धक्के खाते हांडे सै, वे भी किसी की बहन-बेटी हैं. हमने किसी नै नु धोखा थोड़े ही देना चाहिए.

Bhai thats what i call Hypocrasy Hum angrej te banna chawe se par gel nu bhi chava sa ek gharaali wa e reh purani vichadhara aalli.


अगर मैंने किसी को ये कह दी कि कम मेहनत तै कोन्या काम चाल्ले अर ज्यादा मेहनत करने के साथ-साथ कुछ अच्छे कर्म भी करो और कोई तपस्या भी करो तो और बढ़िया रहेगा तो इसमें के भुंडी बात कह दी? अर जितनी भी बात मैंने कही हैं, उनके बारे में पहले से ही सबने थोडा-थोडा सा तो सुन ही राख्या होगा. मेहनत, अच्छे कर्म, त्याग-तपस्या, इन बातों को तो ये पूरी दुनिया ही बढ़िया कह है. जिब कोई बड़ा बुजुर्ग इस दुनिया नै छोड़कर जा है तो उसके नाम के पाछे स्वर्गवासी लगा दे हैं. तो जो इसा करे हैं वे कोई बेवक़ूफ़ अर अंधविश्वासी कोन्या, इस बात का भी कोई मतलब सै.
तू पढ़ा-लिखा छोरा है अर इब्बे तेरी उम्र भी घनी ना है, अगर तूने कुछ थोड़ी-बहुत शरारत कर भी राखी है तो तू उस गलती नै सुधार सके है. इस दुनिया में कोई सारे काम बुरे ही करेगा तो उसका तो भुंडी ढाल दुखी होना तय है. अगर कोई सारे काम बढ़िया ही बढ़िया करेगा अर यहाँ कुछ ऐसा करेगा जिसा ना तो कभी किसी नै किया हो अर ना ही भविष्य में कभी कोई कर सके तो वो फेर इस दुनिया का मालिक बन जागा (ऐसा आज तक कोई नहीं कर पाया), अर भाई जो एक काम गलत करेगा अर फेर एक काम बढ़िया भी कर देगा तो उसकी गलती माफ़ कर दी जाएगी.
मन्ने लागे है तू डाक्की कई-कई छोरी पटा रहा है अर इब तन्ने नु राह नी पा रहा अक मैं करूं क्या. हा...हा...हा... छोड़ दे, सब छोड़ दे अगर तेरी शादी हो राखी है तो (हालांकि मन्ने लागता नी कि अभी तेरी शादी हुई होगी). बस जो तन्ने सबते सुथरी लागती हो उसने ही राख अर उसे कुछ बनकर दिखा अर उसी तै शादी करिए (अगर इब्बे शादी ना करवाई हो तो). इब आगे और किसी भी छोरी के चक्कर में मन्ना पड़िए, फेर सारी दुनिया नै बहुत बढ़िया लागेगा तू. बाकी तेरी अपनी जिंदगी सै, जिस मर्जी ढाल जी.

Bhai nu karan lagya te isney kai byah karney padengey, Tu kaid karwawega k iski

Iska naam abhimanyu se yo sarey chakarvyuh todna jane se bhai


अर जो या बात सै कि इंडिया टी.वी. कि हेडलाइन वाली तो भाई अगर कोई भी टी.वी. वाला या अखबार वाला मेरे धोरे आया तो मैं नाट जांगा अक ये बातें मेरी अपनी सै. इब्बे मेरी तपस्या चाल रही सै, अगर वो सफल हुई तो फेर मैं अपने हिसाब तै सारी दुनिया नै बताऊँगा अर अगर मेरी तपस्या सफल ना हुई तो फेर तो कोई बात ही ना है

Bhai Bhagwaan kare Tu safal hoja
 
Upender bhai tu ENGLISH main likha kar....it will help you to come out of your self made
world & its theories.
 
Upender bhai tu ENGLISH main likha kar....it will help you to come out of your self made
world & its theories.

Rahen dey Ojus Angrej

Ghana english pichhey bhajega te Angrej te nahi Rangrej ban jaga bhai.

Bhai Upendr ki baat ghani te mere bhi samaj me na aayi par hindi hon k karan padh te li manne, ya je english ka essay howe e te padna b mushkil ho ja e, uske te upar-2 k e haand ja e mai to.

Bhai Russia Chand pe Angrejja te pehlem chadgya tha, That time all related papers in russia were published in their language not in english.

Don't know why people running after English, no necessity ??????????????
 
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Rahen dey Ojus Angrej

Ghana english pichhey bhajega te Angrej te nahi Rangrej ban jaga bhai.

Bhai Upendr ki baat ghani te mere bhi samaj me na aayi par hindi hon k karan padh te li manne, ya je english ka essay howe e te padna b mushkil ho ja e, uske te upar-2 k e haand ja e mai to

Don't know why people running after English, no necessity :p Naya sign lena padega eib to??????????????

English ke pachhe kahun hoon....English aali ke pachhe thodi na...jo itna cho main aa reh ho..chote bhai pe
 
English ke pachhe kahun hoon....English aali ke pachhe thodi na...jo itna cho main aa reh ho..chote bhai pe

English aali k pachhe howe e te main bhi join karlu e tanne bhai............

Baki singnature te badia se add karley apney naam taley. par fer koye angrejan na reejey tere pe, suit salwar aali k e karam futengey fer te.

Er bhai Cho ka mera door-2 tak give & take nahi se.
 
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भाई बस तेरी फोटू देखे पाच्छे मैं आपम-आप सिमट लिया. i ws kinda intimidated.. i mean ur persona. पोस्ट पधन की तो हिम्मत हे ना हुई मेरी.
क्यूँकर???
भाई बांता का बेरा नहीं पर तन्ने मैं कती समेट दिया
 
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