albaadi baalkaan key kissey.

Ek be k hoya Meri Motorcycle me te duster uthan lagey naya duster lya-2 dharoon er 2-3 din me uth ja

Nu karki mere teen duster utthey.

Ek din Ghar me manne purana fata hoya kachha paya manne uski teh kar ki er bike me dhar diya.

Dusrey din mai saanj ne aaya te wo kachha kisey ne meri bike k sheeshey pe taaang rakhya (eebkey na legya koye gel)

Manne ya baat office me batayi Hum haans-2 margey. fer kai din mai wo e bike me dharta rahya er baad me fer duster dharya to fer na uthhey.
 
म्हारी गाळ मे एक माधे(माधो सिंह ) नां का बुड्ढा था | वो एक नम्बर का चोर था एर उकी जवानी के टाइम २-३ बे गाम लिकाडा भी दे लिया था | पर वो इस्सा बेशरम था अक जा कें एर २-३ दिन पाछे फेर गाम में आ जांदा | ऊ के छोरे भी जित हाथ लाग जांदा उड़ेये सामान चक ले जांदे | हाम गाळ के १०-१५ बाल़क हर साल कट्ठे होके एर होली खातर लाकडी कट्ठी कार्या करदे | एर यो चोर परिवार होली आले दिन नु कह कें एक तम ने माहरे गत्वाड़े की कीकर के डाहाले तोड़े सें जयां तें हाम ठा कें ले जयांगे | बड्डे बूडडया नु कई बे कह्या अक या आछी बात नहीं से | तीन साल होगे आये साल वे नुये गाडी भर ले जांदे | ईबके हाम ने भी ठान ली एक इन् तें बदला लेना से | हाम ने १ गाडी सारी लाकडी लुको दी और कित्ते, एर जब वे होली की लाकडी ठा ले गे तो हाम ने लोकोई होई लाकड़इया तें होली मंग्लाई | एर भाइओ असली होली मंगली रात नु १२ बजे जब उनके २ बिटोड़े, एर घनाए धान्सरे, पुली, एर वा गाडी जो भर कें लाये थे होली की लाकडीयाँ की सब सवाहाया होगी | फेर ओन्ने कदे होली की लाकडी कोणी चोरी | एर इबब तो उनके पुरे परिवार का कुंडा उठ राया से | माधे के ४-५ छोरे एर १०-१५ पोते थे उन् माँ ते बस एक बचरया से वो भी स्मेकी होगया एर सड़क पे पड़्या रह से | उकी लुगाई भी छोड़ के भाज्गी |
 
एक महारा मास्टर होया करदा मोख्रे गाम का | वो गणित पढ़ाया करदा | नाम था छोटू राम | कहना सुनीता हूड़ा का(उने किस्से पे कोमेंट मार्या था एक पोस्ट में ) अक साढ़े चार फुट में सब किम्मे फिट कर राख्या था | नाम के अनुरूप | उकी एक आदत थी वो पहलम खेत के काम निबटानदा एर फेर लेट लतीफ़ माहरे गाम पढान आ जांदा साइकिल पे | ऊके खेत म्हारे एर ओनके गाम के बीच में पड़्या करदे | एर वो क्लास में एक सवाल एक बे पढ़ा के एर फेर बुज्दा भी कोणी अक थारे समझ में आया अक नहीं | फेर वो सवाल काढन खातर दे दंदा | किस्से नु काढना तो आणाए ना था वो सब के सिरा में डंडे मारदा | एर कहंदा तुम सब निक्कम्मे हो | एक बे उने घने करड़े मार दिए सारी क्लास के तो हामने प्लान बना ली सुधारण की | हामने उकी साइकिल की वाल्ववाड़ी दोनु काढ के बोजहड़या में बागा दी | फेर गर्मियां की दोपहार मे गया ५ की. मी . साइकिल खींचे | एर जब वो मारदा जिब्बे यो काण्ड हो जांदा | जब ३-४ बे उकी गलयाँ नु बनली जब जा कें वो सुधरया |
 
एक बे मेरा काका म्हारे घरां में एक ताई धोरे चाला गया | वा जवारे की रोटी बनावन लागरी थी | मेरी ताई ने वो टोक लिया अक आजा देवर रोटी खा ले | काका ने बुझी एक तू इतने से चून मे कितने मानसा की रोटी भेझे गी | वा बोली ५ मानसा की | मेरा काका बोल्या इनने तो सारियां ने मे ना खा जयां गा | तो उने शरत ला ली एर खा गया | एर वो नु बोल्या इतनी और खा जयां गा में तो भूखा रहगया | वो दिन पाछे मेरी ताई ने कदे भी वो खान खातर नी टोक्या |
 
म्हारे गाम मे एक चमार के ने साइकिल समारण एर किराए पे देवन की दूकान खोल ली | तो हाम बालकां के साइकिल ५० पिस्से घंटा चलाया करदे | एक बे इस्सा होया ऍक हामने ऊ ताहि १० का नोट दे दिया | वो नु बोल्या अक इब तो मेरे धोरे खुल्ले कोणी तुम फेर ले जईओ | दो दिन पाछे मांगन गए तो वो नु बोल्या अक मेरे याद कोणी तुम ने कब दिए थे | २-३ मिन्हा पाछे वो बालकां आली एक नई सी साइकिल ले आया किराए पे देवन खातर | हाम वा साइकिल किराए पे ले गे एर एक के घेर में लूको दी | एर जब चमार का टोंदा -टोंदा आया तो हाम नाट गे अक हामने तो साइकिल ली ए कोणी | फेर वा साइकिल हामने सारी गाल के बालका ने साल भर खूब चलाई |
१० रु वसूल |
 
तेरा राम क्यूकर भला करेगा रे रबिंदर ... :rock :rock :rock


म्हारे गाम मे एक चमार के ने साइकिल समारण एर किराए पे देवन की दूकान खोल ली | तो हाम बालकां के साइकिल ५० पिस्से घंटा चलाया करदे | एक बे इस्सा होया ऍक हामने ऊ ताहि १० का नोट दे दिया | वो नु बोल्या अक इब तो मेरे धोरे खुल्ले कोणी तुम फेर ले जईओ | दो दिन पाछे मांगन गए तो वो नु बोल्या अक मेरे याद कोणी तुम ने कब दिए थे | २-३ मिन्हा पाछे वो बालकां आली एक नई सी साइकिल ले आया किराए पे देवन खातर | हाम वा साइकिल किराए पे ले गे एर एक के घेर में लूको दी | एर जब चमार का टोंदा -टोंदा आया तो हाम नाट गे अक हामने तो साइकिल ली ए कोणी | फेर वा साइकिल हामने सारी गाल के बालका ने साल भर खूब चलाई |
१० रु वसूल |
 
manne kissey kaa ke bigaadyaa re anil.
err bhalaa to maanas ne aapnaa aape karnaa pade se. bhagwaan kissey kaa naa karayaa karey.
 
Bhai tu to serious ho gaya...... :rock :rock .... menne to dialogue maara tha bass......


Keep up all the ALLBAADH..... iske bina life sooni hai.... khud ki bhi...er doosryan ki bhi..... Liked this thread so much....
 
Keep up all the ALLBAADH..... iske bina life sooni hai.... khud ki bhi...er doosryan ki bhi..... Liked this thread so much....[/QUOTE]

bhai aur koi likhe chaahey naa likhey 100 albaad to meri-a aajyaan gee, bus tum padhey jaao.
 
QUOTE=ravinderjeet;237168]Keep up all the ALLBAADH..... iske bina life sooni hai.... khud ki bhi...er doosryan ki bhi..... Liked this thread so much....[/QUOTE]

bhai aur koi likhe chaahey naa likhey 100 albaad to meri-a aajyaan gee, bus tum padhey jaao.[/QUOTE]

Kali na mane jama likhe ja yo Leela kime kah, yo to jale hai ke albad karen ke jo maje tane liye ve es Leele ne na liye.
 
म्हारे गाम का प्राइमरी एर सिनेअर सेकंडरी स्कूल ऊँ ते कट्ठे सें पर बिल्डिंग नयारी -नयारी सें | तो हाम प्राइमरी ते जब हाई स्कूल में पढ़न आये तो सारे मास्टर एर मास्टरनी नए थे | उन ने सक्कल एर नाँ तें ते जाना करदे पर घना सा ना बेरा था | एक मास्टर था ऊ की आदत थी वो सब नु भूतनी का कह कें बुलाया करदा(तकिया कलाम ) | बालका ने उका नाँ भुतनी का धर राख्या था |एर सारे स्कूल में वो इससे नाँ तें मशहूर था | एक दिन वो क्लास में आया कोणी | म्हारी क्लास घणा ऱोला मचान लागरी थी तो हेड मास्टर आगया | में सारयां में छोटा था जयां तें मन्ने टाट-पट्टी पे आगे बिठाया करदे | हेड मास्टर ने मे खड्या कर दिया एर नु बोल्या अक कुनसे मास्टर की घंटी से | मन्ने तो उका नाँ का बेरा कोणी था , कददे तों भुतनी का सुन्दे आये थे | मन्ने कह दी एक भुतनी के की से हेड मास्टर घणा छो में आगया एर उने औए बालकां पे भी बुझी , किस्से ने भी कोणी बेरा था अक उका नाँ के से | हेड मास्टर भी हँसे बिना ना रह्या एर ऱोला ना करण की हिदायत दे कें चल्या गया | एर इस बात का सारे मास्ट्रँआ नु बेरा पाट गया | फेर तो उस मास्टर की हालत देखन लायक थी | फेर सारे मास्टर बालकां पे बुझते हंडे अक कुनसे मास्टर का के नाँ धर राख्या से | ऊ मास्टर का नाँ जब हामने बेरा पाट्या अक वो रामदित्ता से | एर उने भुतनी का कहना कम तो करदिया पर कती कोणी छुटाया था

k
 
manne leeley ki kisse baat ki kaali koni maani. manne to bus jawaab diyaa thaa. er yo issaa maanas naa se ak jaley. fer bhi kimmey comments aawey to aachhaa laage se.welcom.
 
म्हारे गाम में एक स अर्जुनसिंह का परिवार...तो भाई अर्जुन सिंह था सवतंत्रतासेनानी एर उसके छः छोरे थे...... थे के इब भी सें .... एक बे म्हारे गाम में एक फ्रीज़ां का भरा ट्रक आ गया ... एर ट्रक का ड्राईवर था चोर क़िस्म का... वो गाम में फ्रीज़े बेचन लाग गया कोए दोहज़ार में... कोए तीन हज़ार में....( माल ट्रांसपोर्ट का था)..... जितने जो देज्या वोएह ठीक.... भाई गाम के अल्ल्बाधि बालका ने सोची आक क्यों न इस ड्राईवर के पांच सात मारके पूरा ट्रक इफ्री में खोस लेवें.... ... भाई ट्रक आला ड्राईवर समझ गया बात ने.... bhaaj लिया ट्रक ने लेके.... तो भाई इब अर्जुनसिंग के परिवार ने भी बेरा पाट्या.... तो सारा घर लाग लिया ट्रक के गैल apna tampoo लेके........ एर मरे बटे कईफ्रीज़ मच्का ल्याए! एक न्यू कह आक और लेल्यो... छोरी ने ब्याह में देद्यांगे..... भाई किसे ने पुलिस में फोन करदिया (जिसके फ्रीज़ न हाथ लाग्या होगा).... आर थोड़ी देर में इ ट्रक आला पकड़ लिया ..... भाई फेर बेरापाट्या अर्जुनसिंह के घर तें जो फ्रीज़ लिकड़े..... कई तो प्लगलगा के चालुभी कर दिए थे बिना मोमजामा तारे.. आक शक न हो.... एक पाया नयी लैट्रीन की कुईमें... .... Hum हान्स हान्स मर गए... मका इब छोरी ने के दयोगे ब्याह में.... :rock :rock
 
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म्हारे गाम आला झोटा पूरा ठाडा अर माठा था ,उसके कितने लठ मार लो सरका ना करता ,एक दिन जोहड़ पे जानती हान, हाम दो ढब्बी थे म्हारे ध्यान में एक बात आइ, अर हामने झोटे की पूछ तले एक छोत्कर खड़ा कर दिया , फेर के था झोटे ने ते वो दूंडे ठाए ..भोत सवाद आये, अर के था सारे गाम आले लठ मारण की बजाये या तकनीक अपनान लाग गे .


murrah-01-771270.jpg

puch tale ka ke matlab se bhai ...............kasai tane tikde gel jhote ki raftar me ijafa kar diya.....................................
 
म्हारे गाम में एक स अर्जुनसिंह का परिवार...तो भाई अर्जुन सिंह था सवतंत्रतासेनानी एर उसके छः छोरे थे...... थे के इब भी सें .... एक बे म्हारे गाम में एक फ्रीज़ां का भरा ट्रक आ गया ... एर ट्रक का ड्राईवर था चोर क़िस्म का... वो गाम में फ्रीज़े बेचन लाग गया कोए दोहज़ार में... कोए तीन हज़ार में....( माल ट्रांसपोर्ट का था)..... जितने जो देज्या वोएह ठीक.... भाई गाम के अल्ल्बाधि बालका ने सोची आक क्यों न इस ड्राईवर के पांच सात मारके पूरा ट्रक इफ्री में खोस लेवें.... ... भाई ट्रक आला ड्राईवर समझ गया बात ने.... bhaaj लिया ट्रक ने लेके.... तो भाई इब अर्जुनसिंग के परिवार ने भी बेरा पाट्या.... तो सारा घर लाग लिया ट्रक के गैल apna tampoo लेके........ एर मरे बटे कईफ्रीज़ मच्का ल्याए! एक न्यू कह आक और लेल्यो... छोरी ने ब्याह में देद्यांगे..... भाई किसे ने पुलिस में फोन करदिया (जिसके फ्रीज़ न हाथ लाग्या होगा).... आर थोड़ी देर में इ ट्रक आला पकड़ लिया ..... भाई फेर बेरापाट्या अर्जुनसिंह के घर तें जो फ्रीज़ लिकड़े..... कई तो प्लगलगा के चालुभी कर दिए थे बिना मोमजामा तारे.. आक शक न हो.... एक पाया नयी लैट्रीन की कुईमें... .... Hum हान्स हान्स मर गए... मका इब छोरी ने के दयोगे ब्याह में.... :rock :rock

pher bhai thare arjun singh ki choriyan ka byah to ho gya hoga..............
 
bhai jinn ne pulis dhorey phone karyaa wo jalkhorey they. gaam aalyaan pe pulisiyaan ney aapney gharaan mey laa liye hongey. ANIL TANNEY TO PHONE NAHI KARYAA THAA PULISS DHOREY .
 
हाम ने पढ़ान एक कम सी उमर का मास्टर आया करदा | ऊ का नाम एर गाम तो इब याद कोणी | वो माचना घणा था | भेणजिया नु देख कें तो घणा माच्या करदा | बाल्कान नु घना धम्कान्दा ,भेन्जियाँ कानी लखाए जांदा| पहलम लाकडी की कुर्सी होया करदी | म्हारे स्कूल मे पहली बार, पाइप आली u शेअप आली जिनपे गैल ने कड़ ला कें आगे पाछे नु हलाए जाया करें, आई थी | तो एक बे जाड़ायान के दिन थे एर घनिये क्लास घाम में लागरी थी | मे गात का हलुआ घणा था तो मेरे ताहि बोल्या जा कुर्सी ठा ल्या | मेरे पे लाकडी आली कुर्सी तो उठी कोणी | मे वा पाइप आली कुर्सी जो कुण मे पड़ी थी एर ऊ के पाइप माड़े मुस्स रे थे वा ठा लाया | एर मास्टर ने मार्या स्टाइल एर ऊ पे बैठ कें जूकर वो गैल नु झूलन खातेर कड़ लायी | ऊ का धडाका लाग्या | सारी भेन्जी एर बालक घने कसूते हान्स पड़े | फेर जब पाछे उका माचना बंद होगया |
 
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