Avesh Chutkala Company Pvt Ltd.

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Jatni ki julfe

एक बर एक जाटनी न हेमामालिनी की फ़िल्म देख ली अर उसने बी उसकी नक़ल कारन कतार अपने बाल खुले छोड़ लिए अर जाट का भाता (lunch) लेके खेत में जा ली |
जद जाट रोटी खाण लाग्या तो जाटनी बुझंन् लागी “एक बात बताइए, अक में बाल खुले कर के कीसी क लागुन सुं ”
जाट बोल्या ” बस बुज्ह ना ”
जाटनी फेर बोली “फेर बी एक बी बता तो दे ”
जाटनी न कई बर बुज्ह के जाट दुखी कर लिया तो आख़िर में जाट बोल्या -
“तेरी जुल्फ न्यू लहराव स जाणु भेंस खड़ी पुँछ हलाव स “:)
 
surja apni bahu nai len gaya

एक बर की बात है अक सुरजा अपणी बहू नैं लेण ससुराल जा रह्या था। चाल्लण के टैम पर सास्सू उसतैं जवाहरी के नाम के 50 रुपिये देण लाग्गी तो सुरजा बोल्या- ले ले बेट्टा, घणे कोनीं। सुरजा फेर नाट ग्या। धोरै खड़ी उसकी साली बोल्ली- ले ले नैं जीज्जा, घणे कित हैं, फेर तीन दर्जन तो केले ही ल्याया था। साली की या सलाह सुणते ही सुरजा अग बबूला होते होए बोल्या- मैं आड़ै केले बेच्चण कोनी आया था, मैं तो बहू लेण आया था।:d
 
एक बर की बात है अक सुरजा अपणी बहू नैं लेण ससुराल जा रह्या था। चाल्लण के टैम पर सास्सू उसतैं जवाहरी के नाम के 50 रुपिये देण लाग्गी तो सुरजा बोल्या- ले ले बेट्टा, घणे कोनीं। सुरजा फेर नाट ग्या। धोरै खड़ी उसकी साली बोल्ली- ले ले नैं जीज्जा, घणे कित हैं, फेर तीन दर्जन तो केले ही ल्याया था। साली की या सलाह सुणते ही सुरजा अग बबूला होते होए बोल्या- मैं आड़ै केले बेच्चण कोनी आया था, मैं तो बहू लेण आया था।:d

bhai avesh, bahut e badhiya chutkala tha... :D :D :D
 
hay raam taa le mane

एक बै की बात...

तीन ताऊ कट्ठे होकै बीड़ी सुलगा कै खेत की मेंड पै बेट्ठे थे
तीनों के तीनों ग़मज़दा...
उदास...
चुचचाप सुट्टे मार मार कै हर फिकर नै देवानन्द की ढाल उड़ान लागरे थे..

इतने मैं सामणैं तै भूतनाथ युनिटी नै ले कै आग्या
दोनों नै यू नजारा देख कै घणा दुख होया
अक तीन-तीन ताऊ
तीनों के तीनों ग़मज़दा
उदास
चुचचाप सुट्टे मारण लागरे ना बोलरे ना बतलारे

युनिटी बोली भूतनाथ डारलिंग चाहे कुछ बी होजे
तू पूछ कै पता लगा अक यें उदास क्यूं

भूतनाथ नै सोच्ची अक यार यू तो एक ताऊ नै ई नाक म्हं दम कर राख्या था अड़ै तो तीन तीन
क्यूक्कर पूच्छूं

वो सोचण ही लागरह्या था अक युनिटी नै उसकी बांह मरोड़ दी ईब भला भूतनाथ की के हिम्मत
उन धौरै जा के बोलया
जै राम की सबनै

राम राम भाई बेठ जा अर या जो लुगाई सी लेरा है ना इसनै बी बिठ्या ले

दोनों बेठगे

भूतनाथ बोल्या मैं आप सबनै उदास देख कै अपणी डारलिंग समेत बहुत दुखी हूं कृपया अपणा दुख हम दोनो को बताइये क्यैंकि सुणा है कि दुख बताणे तै दुख हलका होजै

एक ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी मिस्त्री गेल चाल रहा
वो कैसे ताऊ
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै कील चैब्बे हथोड़ी पड़ी मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या..

भूतनाथ दूसरे ताऊ तै बोल्या ताऊ तू क्यूं उदास सै..?
दूसरा ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी पलम्बर गेल चाल रहा
वो कैसे ताऊ
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै टोंटी पाइप पड़ी मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या

भूतनाथ तीसरे ताऊ तै पूछण लाग्या ताऊ तू क्यूं उदास सै..?
तीसरा ताऊ बोल्या रै छोरे के करेगा जाण कै बणनी तो तेरे गेल बी न्यूई है
भूतनाथ बोल्या ताऊ बता दे बस इबतो
ताऊ बोल्या रै छोरे के बताऊं दरसल बात न्यू सै अक मनै ये लाग्गै अक तेरी ताई का चक्कर किसी घोड़े गेल चाल रहा
घोड़े गेल.... कमाल है... वो कैसे ताऊ..?
अरै मैं ईब जब बी घर जाऊ तै मनै घर म्हं तांगेवाला पड़ा मिलैं
हे राम.. ठाले मनै.. कह कै ताऊ डबल स्पीड तै सुट्टे मारण लागग्या

भूतनाथ तो सुणते ही युनिटी का हाथ पकड़ कै भाज लिया:rock
 
Ek Aur din Sunduu ka

सुन्डू बेचारा सुल्फा पीये रहया करता अर बावळी-बावळी बात करीं जाता । एक दिन तड़कैहें-तड़कैहें भीत कै कान ला कै ध्यान तैं सुणन लाग रहया ।
उसका ढ़ब्बी पेटला भी आया अर देख्या - यो के हो रहया सै ? उसनै भी कान ला लिये भीत कै । फेर कान हटा कै बोल्या - रै सुन्डू, भाई, किमैं सुण्या-ए कोन्या !
सुन्डू नै एक दिया उसके कान पै, अर बोल्या - खसमड़े, मैं तड़कैहें तैं इसकै कान लाईं बैठ्या ! जब मन्नैं ऐं ईब ताहीं ना सुण्या...तै तेरे ताहीं के खड़ताळ बाजैंगी ?"
 
सुन्डू बेचारा सुल्फा पीये रहया करता अर बावळी-बावळी बात करीं जाता । एक दिन तड़कैहें-तड़कैहें भीत कै कान ला कै ध्यान तैं सुणन लाग रहया ।
उसका ढ़ब्बी पेटला भी आया अर देख्या - यो के हो रहया सै ? उसनै भी कान ला लिये भीत कै । फेर कान हटा कै बोल्या - रै सुन्डू, भाई, किमैं सुण्या-ए कोन्या !
सुन्डू नै एक दिया उसके कान पै, अर बोल्या - खसमड़े, मैं तड़कैहें तैं इसकै कान लाईं बैठ्या ! जब मन्नैं ऐं ईब ताहीं ना सुण्या...तै तेरे ताहीं के खड़ताळ बाजैंगी ?"



Hahaha..sunddu ki ittani bejjatti bardast nahin hotti Avesh.
 
Tau badlu aur jaage

बदलू और जागे घणी दारू पीया करते । बदलू की घरवाली किताबो उन-तैं घणी दुखी रहया करती । कतई तंग आ-कै एक दिन उसनै मन बणा लिया अक ईबकै आवण दे अनपूते नै पी कै - लट्ठां तैं कूटूंगी । रात नै किताबो बांस की कामड़ी ले कै किवाड़ कै पाछै लुक कै खड़ी हो गई । बदलू पी कै दरवाजे में घुसण लाग्या, तै किताबो नै कामड़ी मार-मार कै उसकी सौड़ सी भर दी । बदलू पिटता-पिटता बोल्या - "ए बेब्बे, गलती हो-गी, मैं तै गलत घर में आ-ग्या" ।
बदलू उल्ट-पाहयाँ जागे धोरै गया अर बोल्या - "जागे भाई, मैं तै आपणा घर भूल-ग्या, एक गलत घर में जा बड़या - तू मन्नै घरां छोड कै आ ।" जागे बोल्या - "अरै, तन्नै घणी पी राखी सै, ल्या मैं छोड कै आऊं सूं तन्नैं तेरै घरां - चिन्ता ना कर ।"
जागे बदलू का हाथ पकड़ कै आगै-आगै चाल पड़या अर बदलू के घर का दरवाजा खुला देख कै उसनै खींचण लाग्या ।
किताबो फिर किवाड़ कै पाछै खड़ी थी, अंधेरे में उसनै कोनी देख्या अक कुण-सा आवै सै । किताबो नै कामड़ी सिंगवा कै जागे की कड़ में टेक दी और लागी उसकी सौड़ सी भरण ।
बदलू थोड़ी सी दूर जा कै बोल्या - "मार बेब्बे, मार साळे कै - पीये ओड़ समझ कै यो मन्नैं फिर एक गलत घर में बाड़ै था" !!
 
बदलू और जागे घणी दारू पीया करते । बदलू की घरवाली किताबो उन-तैं घणी दुखी रहया करती । कतई तंग आ-कै एक दिन उसनै मन बणा लिया अक ईबकै आवण दे अनपूते नै पी कै - लट्ठां तैं कूटूंगी । रात नै किताबो बांस की कामड़ी ले कै किवाड़ कै पाछै लुक कै खड़ी हो गई । बदलू पी कै दरवाजे में घुसण लाग्या, तै किताबो नै कामड़ी मार-मार कै उसकी सौड़ सी भर दी । बदलू पिटता-पिटता बोल्या - "ए बेब्बे, गलती हो-गी, मैं तै गलत घर में आ-ग्या" ।
बदलू उल्ट-पाहयाँ जागे धोरै गया अर बोल्या - "जागे भाई, मैं तै आपणा घर भूल-ग्या, एक गलत घर में जा बड़या - तू मन्नै घरां छोड कै आ ।" जागे बोल्या - "अरै, तन्नै घणी पी राखी सै, ल्या मैं छोड कै आऊं सूं तन्नैं तेरै घरां - चिन्ता ना कर ।"
जागे बदलू का हाथ पकड़ कै आगै-आगै चाल पड़या अर बदलू के घर का दरवाजा खुला देख कै उसनै खींचण लाग्या ।
किताबो फिर किवाड़ कै पाछै खड़ी थी, अंधेरे में उसनै कोनी देख्या अक कुण-सा आवै सै । किताबो नै कामड़ी सिंगवा कै जागे की कड़ में टेक दी और लागी उसकी सौड़ सी भरण ।
बदलू थोड़ी सी दूर जा कै बोल्या - "मार बेब्बे, मार साळे कै - पीये ओड़ समझ कै यो मन्नैं फिर एक गलत घर में बाड़ै था" !!




Hahahaha..katya rogg
 
बदलू और जागे घणी दारू पीया करते । बदलू की घरवाली किताबो उन-तैं घणी दुखी रहया करती । कतई तंग आ-कै एक दिन उसनै मन बणा लिया अक ईबकै आवण दे अनपूते नै पी कै - लट्ठां तैं कूटूंगी । रात नै किताबो बांस की कामड़ी ले कै किवाड़ कै पाछै लुक कै खड़ी हो गई । बदलू पी कै दरवाजे में घुसण लाग्या, तै किताबो नै कामड़ी मार-मार कै उसकी सौड़ सी भर दी । बदलू पिटता-पिटता बोल्या - "ए बेब्बे, गलती हो-गी, मैं तै गलत घर में आ-ग्या" ।
बदलू उल्ट-पाहयाँ जागे धोरै गया अर बोल्या - "जागे भाई, मैं तै आपणा घर भूल-ग्या, एक गलत घर में जा बड़या - तू मन्नै घरां छोड कै आ ।" जागे बोल्या - "अरै, तन्नै घणी पी राखी सै, ल्या मैं छोड कै आऊं सूं तन्नैं तेरै घरां - चिन्ता ना कर ।"
जागे बदलू का हाथ पकड़ कै आगै-आगै चाल पड़या अर बदलू के घर का दरवाजा खुला देख कै उसनै खींचण लाग्या ।
किताबो फिर किवाड़ कै पाछै खड़ी थी, अंधेरे में उसनै कोनी देख्या अक कुण-सा आवै सै । किताबो नै कामड़ी सिंगवा कै जागे की कड़ में टेक दी और लागी उसकी सौड़ सी भरण ।
बदलू थोड़ी सी दूर जा कै बोल्या - "मार बेब्बे, मार साळे कै - पीये ओड़ समझ कै यो मन्नैं फिर एक गलत घर में बाड़ै था" !!



chipkali s yooo kit te kadhyaa tanee .ar main te aaj pehli b is humor main badya tere es raj ka te ebe bera patya ki tu ade chutkala company khol raha s
 
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