baba ramdev & cong.

रविंदर भाई, इसा लाग्गै सै के धीरे धीरे बात समझ मै आज्यागी I वैसे भी बाबा तैं आपणा कोऐ व्यक्तिगत मतभेद नहीं, पर खुली चर्चा करना जरूरी सै ताकि काल नै लोग्गां के साथ धोखा ना हो ज्यूकर पाछली बरियाँ होग्ग्या था आर लोग्गां नै जोश में आके कांग्रेस की सरकार बनवा दी थी, मनमोहन सिंह जी की अच्छी छवि देख के i इब वे लोग कांग्रेस नैं गाली देंन मंड रहे सें I अपनी गलती ना मानते I मखा कदे वो ऐ काम दुबारा न होज्या, न्यू ऐ सोच के कदे कदे मन मैं थोड़ी सी शंका सी हो ज्या सै i आर घना नाश तो ये चेले चपाटे, मंत्री संत्री आर पार्टी कार्य-कर्ता करया करें i बड़े नेता आर पार्टी प्रमुख तो लगभग सारे ऐ ठीक होया करैं.

प्लाट आली बात तो clear करदी विपिन नैं I घणा महंगा तो नहीं सै बस 15 करोड़ रूपये का ऐ सै (अगर मेरा गणित सही है तो ) I चलो ठीक सै या सुनीता पोद्दार घणे पिस्से दाब रही सै, आछा गिफ्ट दे दिया, बाबा याद राखेगा. न्यू ऐ कदे फुर्सत मैं यू विपिन हेलीकाप्टर का बी बेरा काढ ल्यावेगा i बाबा भ्रष्टाचार मिटा दे तो भाई आछी बात सै i कुछ तो यो काला धन बाहर तैं काढ ल्यावेगा , कुछ मठ-मंदिरां की खुदाई मैं मिल ज्यागा ( पुरी के मंदर में १०० करोड़ की चांदी मिली सै ), आर कुछ देश क भीतर जो काला धन सै वो बहार आ ज्या तो हम नैं और के चाहिए i फेर तो बाबा नै कह के विकास के सारे काम करवा ल्यांगे i

main aapki baaton se sehmat hu, ek aachi discussion k liye paksh or vipaksh hona jaruri hai,..!!!
par main Baba Ramdev ji ko kafi time se follow kar raha hu,,and i find his teaching very good. to is dauran jo vichar bane unse ye laga k he has a zeal to do something,,every good citizen/person has..!! since he is a yogi purush and is known throughout India..he will be followed and all the people will be benefitted.!!

Baki jis dhore croro rupiya ho wo daan b croro kar sake hai,,as done by Sunita podder...!!!

Lets expect and see a change...a real positive one..!!!
 

main aapki baaton se sehmat hu, ek aachi discussion k liye paksh or vipaksh hona jaruri hai,..!!!
रविंदर भाई, सहमत होने के लिए धन्यवाद. चलो कोए तो सहमत होया आंशिक रूप मैं ही सही I
par main Baba Ramdev ji ko kafi time se follow kar raha hu,,and i find his teaching very good.
भाई follow तो मैं भी इसने घणे ए दिन तैं कर रहया सूँ TV पर योग की क्लास में. पहल्यां आछे postures बता दिया करदा, पर आजकाल तो यो रानजीति मैं घणा घुस ग्या, आर किम्मे इसके ये भजन भाजन भी एक ढकोसला आर निरा अंधविश्वास सै. बुरा न मानिए.


to is dauran jo vichar bane unse ye laga k he has a zeal to do something,,every good citizen/person has..!! since he is a yogi purush and is known throughout India..he will be followed and all the people will be benefitted.!!
Zeal तो जरूर होगा भाई क्योंकि सारा zeal बचा के राख राख्या सै इसने और वो इब भ्रष्टाचार मिटान मैं लगा रहया सै. या भी एक बढ़िया बात सै आर इसके लिए इसकी तारीफ भी होनी चाहिए. पर गाँधी मैं भी zeal बहोत था आर लोग्गां कै उसका यो zeal आर सादगी बहोत पसंद आई थी. वो भी कुड़ता नहीं पहरया करदा इस बाबा की तरह. ( आर कपडे तो या मल्लिका सहरावत भी किम्मे थोड़े ए पहरे सै ). पर गाँधी जी नैं के करया, ब्रिटिश गौरे तो भजा दिए परन्तु देशी गौरे सत्ता में बिठा दिए जिसका खामियाजा हम आज तक भुगत रहे हैं . गाँधी जी के नाम की cheque -book आज तक भी कुछ सियासी पार्टियाँ इस्तेमाल कर रही हैं ( नाम लेने की जरूरत नहीं ). देश के धन की लूट जो अंग्रेजों के राज़ में थी क्या वो आजादी के बाद देशी गौरों ने जारी नहीं रखी. देश की दौलत उसी प्रकार विदेशों के बैंक भरती रही जैसे आजादी से पहले भ्रष्ट राजाओं और गौरों के शाशनकाल में भरती थी . गाँधी जी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर कुछ स्वार्थी पूंजीपतियों और भूतपूर्व राजाओं ने आम आदमी को सत्ता से हमेशा दूर रखा और परदे के पीछे अपना लूट का बाज़ार गर्म रखा. उन्होंने गाँधी जी से अपनी दोस्ती का खूब दोहन किया . कुछ-कुछ उसी तर्ज पर बाबा रामदेव के भी सम्बन्ध देश के कुछ वर्तमान शाशकों और मध्यम दर्जे के पूंजीपतियों से हैं . ये लोग कहीं इनको मोहरा बना कर देश के धन की लूट का नया तरीका तो नहीं प्रयोग करना चाहते. वह सब दोबारा नहीं हो इसीलिये रामदेव जी के कार्य कलाप, इनका सामाजिक आचरण , इनके मेल-जोल, आर्थिक, शिक्षा, सुरक्षा एवं विदेश नीति जैसे मामलों पर इनके दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा करना आवश्यक है. एक एक पहलू पर तफसील से बात करने के बाद ही अपनी राय बनानी चाहिए .


Baki jis dhore croro rupiya ho wo daan b croro kar sake hai,,as done by Sunita podder...!!!
चाहे कोई सुनीता पोद्दार हो, गोयल साहब हों या गुप्ता जी हों , ये सब उगते हुए सूरज को सलाम करने वाले व्यक्ति हैं और बिना किसे निजी स्वार्थ के कोई भी अपनी तिजोरी नहीं खोलता. कहीं न कहीं कोई स्वार्थ छिपा होता है जिसको समझने की आवश्यकता हैं . आपको क्या लगता है जो आदमी एक बड़ी रकम किसी पार्टी को देता है वो बाद में अपने प्रभाव को भुनाता नहीं. एक बार सत्ता में आने दो कैसे इसके सिक्यूरिटी गार्ड और चमचे हम जैसे आम आदमी को दूर फेंक देंगे और पोद्दार की गाडी देख के दूर से सलाम ठोकेंगे. फिर तो हमें यह गाना याद आयेगा : "सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया , दामन से जो शोले बुझाये तो क्या किया"

Lets expect and see a change...a real positive one..!!!
हाँ expect करने मैं कोए हर्ज नहीं. देखो ऊँट किस करवट बैठता है .
एक कुडती उलझान की सलाह तो बेशक दे दियो बाबा जी नैं, क्योंकि छोरी छापरी आर लुगाई भी आवें सें इसकी सभा में, थोडा गलत सा असर पड़ता है. इस गांधीवादी नग्नता की के जरूरत सै. इतने पैसे तो होंगे इस धोरे. यह हमारी सोच का विरोधाभास ही है कि अगर सलमान खान या मल्लिका सहरावत कम कपडे पहने तो बदनाम हो जाते हैं और कुछ लोग topless रहे तो साधु कहलाते हैं . इसीलिए शायर ने कहा है

"हम आह भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो क़त्ल करते हैं और नाम नहीं होता" .
 
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रविंदर भाई, सहमत होने के लिए धन्यवाद. चलो कोए तो सहमत होया आंशिक रूप मैं ही सही I
भाई follow तो मैं भी इसने घणे ए दिन तैं कर रहया सूँ TV पर योग की क्लास में. पहल्यां आछे postures बता दिया करदा, पर आजकाल तो यो रानजीति मैं घणा घुस ग्या, आर किम्मे इसके ये भजन भाजन भी एक ढकोसला आर निरा अंधविश्वास सै. बुरा न मानिए.
welcome VP ji,
किसी बी चीज़ को बदलने से पहले उसे समझ लेना बहुत जरुरी है ..शायद बाबा वो ही कर रहे हैं ..!!!
दुसरे शब्दों में कीचड को साफ़ करने के लिए उसमे उतरना तो पड़ेगा एक बार ..!!

बाकि भजन भाजन एक तरीका है दिमाग में अच्छे विचारो को रोपित करने का...!!
हाँ एक और तरीका है विचार विकसित करने का और वो है ''अध्यन'' करना या ''चिंतन'' करना ,,लेकिन ९९% व्यक्ति ये नहीं कर सकते ',,सो कहीं आछा है वो भजन कर ले और कुछ उनके sub -consious दिमाग में बस जाये..!!!

एक बात जो मैंने अपनी अब तक की ज़िन्दगी में देखी है,,की कोई व्यक्ति विशेष किसी चीज़ की शुरुआत करता है तो criticism का सामना तो करना पड़ता है ,,और यह अधिकतर समाज के शिक्षित वर्ग की तरफ से होता है ! ... IRONY



Zeal तो जरूर होगा भाई क्योंकि सारा zeal बचा के राख राख्या सै इसने और वो इब भ्रष्टाचार मिटान मैं लगा रहया सै. या भी एक बढ़िया बात सै आर इसके लिए इसकी तारीफ भी होनी चाहिए. पर गाँधी मैं भी zeal बहोत था आर लोग्गां कै उसका यो zeal आर सादगी बहोत पसंद आई थी. वो भी कुड़ता नहीं पहरया करदा इस बाबा की तरह. ( आर कपडे तो या मल्लिका सहरावत भी किम्मे थोड़े ए पहरे सै ). पर गाँधी जी नैं के करया, ब्रिटिश गौरे तो भजा दिए परन्तु देशी गौरे सत्ता में बिठा दिए जिसका खामियाजा हम आज तक भुगत रहे हैं . गाँधी जी के नाम की cheque -book आज तक भी कुछ सियासी पार्टियाँ इस्तेमाल कर रही हैं ( नाम लेने की जरूरत नहीं ). देश के धन की लूट जो अंग्रेजों के राज़ में थी क्या वो आजादी के बाद देशी गौरों ने जारी नहीं रखी. देश की दौलत उसी प्रकार विदेशों के बैंक भरती रही जैसे आजादी से पहले भ्रष्ट राजाओं और गौरों के शाशनकाल में भरती थी . गाँधी जी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर कुछ स्वार्थी पूंजीपतियों और भूतपूर्व राजाओं ने आम आदमी को सत्ता से हमेशा दूर रखा और परदे के पीछे अपना लूट का बाज़ार गर्म रखा. उन्होंने गाँधी जी से अपनी दोस्ती का खूब दोहन किया . कुछ-कुछ उसी तर्ज पर बाबा रामदेव के भी सम्बन्ध देश के कुछ वर्तमान शाशकों और मध्यम दर्जे के पूंजीपतियों से हैं . ये लोग कहीं इनको मोहरा बना कर देश के धन की लूट का नया तरीका तो नहीं प्रयोग करना चाहते. वह सब दोबारा नहीं हो इसीलिये रामदेव जी के कार्य कलाप, इनका सामाजिक आचरण , इनके मेल-जोल, आर्थिक, शिक्षा, सुरक्षा एवं विदेश नीति जैसे मामलों पर इनके दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा करना आवश्यक है. एक एक पहलू पर तफसील से बात करने के बाद ही अपनी राय बनानी चाहिए .
मौका परस्त लोग तो राम राज में भी थे...!!!
बाकि जिन विशेषताओ का आपने जिक्र किया है वो सब एक व्यक्ति में मिलना तो मुश्किल है ...,, के इसका मतलब यु सै अक इब जो बी बेस्ट महरे धोरे सै उसका इस्तेमाल नहीं करा ..!!!

देख्या जावे तो तत्कालीन प्रधानमंत्री भी जाने-माने अर्थशास्त्री हैं ,,लेकिन जमा
भटठा बिठा दिया देश का उस भाई ने तो ....ऊपर ते माफ़ी न्यारी मांगता हांडे सै नु कह के अक "i am honest "
मेरा मनना है के एक कर्मठ ,स्वाभिमानी, और इमानदार नेता हो ,,और उसके साथ विशेशय्ग्यो की टीम हो ,,जो ये आश्वस्त करे की न्यायपालिका( एवं पुलीस) सही ढंग से काम करे....चीज़े अपने आप सुधरती जाएँगी ..!!



चाहे कोई सुनीता पोद्दार हो, गोयल साहब हों या गुप्ता जी हों , ये सब उगते हुए सूरज को सलाम करने वाले व्यक्ति हैं और बिना किसे निजी स्वार्थ के कोई भी अपनी तिजोरी नहीं खोलता. कहीं न कहीं कोई स्वार्थ छिपा होता है जिसको समझने की आवश्यकता हैं . आपको क्या लगता है जो आदमी एक बड़ी रकम किसी पार्टी को देता है वो बाद में अपने प्रभाव को भुनाता नहीं. एक बार सत्ता में आने दो कैसे इसके सिक्यूरिटी गार्ड और चमचे हम जैसे आम आदमी को दूर फेंक देंगे और पोद्दार की गाडी देख के दूर से सलाम ठोकेंगे. फिर तो हमें यह गाना याद आयेगा : "सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया , दामन से जो शोले बुझाये तो क्या किया"
निस्वार्थ सब्द क मायने बदल गए हैं,,,या तो लोगों की सोच बदल गयी है ..!!!!!

फिर से मैं यही कहूँगा की अगर कोई कर्मठ और इमानदार है तो उसको न्याय क पथ से नहीं हटाया जा सकता ..


हाँ expect करने मैं कोए हर्ज नहीं. देखो ऊँट किस करवट बैठता है .
एक कुडती उलझान की सलाह तो बेशक दे दियो बाबा जी नैं, क्योंकि छोरी छापरी आर लुगाई भी आवें सें इसकी सभा में, थोडा गलत सा असर पड़ता है. इस गांधीवादी नग्नता की के जरूरत सै. इतने पैसे तो होंगे इस धोरे. यह हमारी सोच का विरोधाभास ही है कि अगर सलमान खान या मल्लिका सहरावत कम कपडे पहने तो बदनाम हो जाते हैं और कुछ लोग topless रहे तो साधु कहलाते हैं . इसीलिए शायर ने कहा है

"हम आह भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो क़त्ल करते हैं और नाम नहीं होता" .
उम्मीद पे तो दुनिया कायम है ...बिना उम्मीद के तो जिया बी नहीं जा सकता ..!!

baki uprokt jo shabd laal kar rakhe sai,,unke baare me tipanni karne ki samajh shayad mujh me nahi hai..!!

baki ek samajhdar manas k shabd main b chep dyu :

qwdspacer.gif

Pay no attention to what the critics say; no statue has ever been erected to a critic.

– Jean Sibelius
 
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मुन्ने, अपने से बड़ों से थोडा अदब से बात करना हमारी हिन्दुस्तान की, और खासकर जाटों की पुरानी तहजीब है I उम्र में तेरे से कुछ साल बड़ा हूँ इसलिए थोड़ी तहजीब की उम्मीद रखता हूँ. ये तू तडाक से बात करना सिर्फ बड़ों का हक़ होता है छोटों का नहीं. बुरा मत मानना मेरे लाल i

अब तेरे प्रश्नों का उत्तर भी दे डालता हूँ लगे हाथ I It will be faster in English.

I have read the news carefully. Baba Ramdev has not disclosed the names of donor of 750 acre plot in Scotland and also helicopter donor till date.

If you are assuring me that the Helicopter does not belong to ISI, I will not get scared. Thanks for moral boosting.

I am sorry, I am not authorized to investigate Kwatrocci or any Congress leader as I am not a member of any political party. So I leave it to you. I have no objection if you go ahead with your team of investigation.

hahhahahhahahahahhahah apni tan chala rahe hain chachaji.......
 
abb bhens ka gwala bola

http://khabar.ibnlive.in.com/news/49284/12/4
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बाद अब बाबा रामदेव पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी हमला बोल दिया है। लालू ने कहा है कि दूध बेचने वाला अब दवाइयां बेच रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि बाबा रामदेव की भूख अब इतनी बढ़ गई कि वो राजनीति करने लगे हैं। लालू के मुताबिक दवाइयों में हड्डी मिलने की बात सामने आने के बाद उन्होंने बाबा रामदेव को बचाया था लेकिन अब वो राजनीति करने लगे हैं।

काला धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामदेव इन दिनों कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों की जमकर खिंचाई कर रहे हैं। लालू ने कहा कि भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले बड़े-बड़े आए और चले गए। बाबा के पेट फुलाने और पिचकाने से कुछ नहीं होगा।

lalu_doodh_630.jpg


लालू ने कहा, इनका दिमाग खराब हो गया है। ये बाबा कहां से है ये? ये कोई बाबा है, योगी है, साधु-संत है? ये सिर्फ सांस लोगों को अंदर-बाहर करवाता है। पेट फुलाता-पिचकाता है। जिन लोगों ने खैरात का माल खाया है और जिनको चीनी की बीमारी हो गई है वो इनके पास जाते हैं। जिनको लगता है कि उनको मरना नहीं है और उनके नाम पर रामदेव बाबा अपनी कमाई कर रहा है। अब उसकी भूख हो गई है राजनीति में आने की। जो काम कर रहा था वो काम कर। काले धन के खिलाफ बोलकर कई स्वर्ग सिधार गए अब इनकी बारी आई है।
लगता हैं लालूजी को नितीश जी ने भेंस चराने लायक नहीं छोड़ा तो यहाँ बोलने लगे. और वो भी इस अंदाज़ में. बड़े बड़े आये और चले गए. लालूजी इतनी जल्दी कैसे भूल गए आपको तो बिहार की जनता ने अच्छा दूध पिलाया था थोड़े दिनों पहले ही,
 
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hahhahahhahahahahhahah apni tan chala rahe hain chachaji.......

तेरे जिसे बूढ़े मलंगा का चाचा ना सूँ I सिर्फ काच्चे बालकां का अंकल सूँ I बड़ा आया तूं रिश्ते गाठन आला I moderator के गाम का सै इसका यो मतलब ऩा सै के तूं कुछ भी अनर्गल लिखता रहगा I ढंग की बात लिख्या कर आर ना किम्मे लिखना आता हो तो लिखना जरूरी ना होता I
 
तेरे जिसे बूढ़े मलंगा का चाचा ना सूँ I सिर्फ काच्चे बालकां का अंकल सूँ I बड़ा आया तूं रिश्ते गाठन आला I moderator के गाम का सै इसका यो मतलब ऩा सै के तूं कुछ भी अनर्गल लिखता रहगा I ढंग की बात लिख्या कर आर ना किम्मे लिखना आता हो तो लिखना जरूरी ना होता I

कितने-अक काचे ???? हा हा हा हा
 
http://khabar.ibnlive.in.com/news/49284/12/4
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बाद अब बाबा रामदेव पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी हमला बोल दिया है। लालू ने कहा है कि दूध बेचने वाला अब दवाइयां बेच रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि बाबा रामदेव की भूख अब इतनी बढ़ गई कि वो राजनीति करने लगे हैं। लालू के मुताबिक दवाइयों में हड्डी मिलने की बात सामने आने के बाद उन्होंने बाबा रामदेव को बचाया था लेकिन अब वो राजनीति करने लगे हैं।

काला धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामदेव इन दिनों कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों की जमकर खिंचाई कर रहे हैं। लालू ने कहा कि भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले बड़े-बड़े आए और चले गए। बाबा के पेट फुलाने और पिचकाने से कुछ नहीं होगा।

lalu_doodh_630.jpg


लालू ने कहा, इनका दिमाग खराब हो गया है। ये बाबा कहां से है ये? ये कोई बाबा है, योगी है, साधु-संत है? ये सिर्फ सांस लोगों को अंदर-बाहर करवाता है। पेट फुलाता-पिचकाता है। जिन लोगों ने खैरात का माल खाया है और जिनको चीनी की बीमारी हो गई है वो इनके पास जाते हैं। जिनको लगता है कि उनको मरना नहीं है और उनके नाम पर रामदेव बाबा अपनी कमाई कर रहा है। अब उसकी भूख हो गई है राजनीति में आने की। जो काम कर रहा था वो काम कर। काले धन के खिलाफ बोलकर कई स्वर्ग सिधार गए अब इनकी बारी आई है।
लगता हैं लालूजी को नितीश जी ने भेंस चराने लायक नहीं छोड़ा तो यहाँ बोलने लगे. और वो भी इस अंदाज़ में. बड़े बड़े आये और चले गए. लालूजी इतनी जल्दी कैसे भूल गए आपको तो बिहार की जनता ने अच्छा दूध पिलाया था थोड़े दिनों पहले ही,


nue laage hai ak saare haram-khoran k chu-rad-ki uth ri sai,,ak baba to ib thamne aada gerega,,saare ek paase ho re sain...!!

baki nue kehya kare hain,,, Winners easily come of difficult situations..!!
 
तेरे जिसे बूढ़े मलंगा का चाचा ना सूँ I सिर्फ काच्चे बालकां का अंकल सूँ I बड़ा आया तूं रिश्ते गाठन आला I moderator के गाम का सै इसका यो मतलब ऩा सै के तूं कुछ भी अनर्गल लिखता रहगा I ढंग की बात लिख्या कर आर ना किम्मे लिखना आता हो तो लिखना जरूरी ना होता I

Haha VP ji ye kache balak kaun kaun se laage he aapne aade.
 
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http://khabar.ibnlive.in.com/news/49284/12/4
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बाद अब बाबा रामदेव पर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी हमला बोल दिया है। लालू ने कहा है कि दूध बेचने वाला अब दवाइयां बेच रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि बाबा रामदेव की भूख अब इतनी बढ़ गई कि वो राजनीति करने लगे हैं। लालू के मुताबिक दवाइयों में हड्डी मिलने की बात सामने आने के बाद उन्होंने बाबा रामदेव को बचाया था लेकिन अब वो राजनीति करने लगे हैं।

काला धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बाबा रामदेव इन दिनों कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियों की जमकर खिंचाई कर रहे हैं। लालू ने कहा कि भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले बड़े-बड़े आए और चले गए। बाबा के पेट फुलाने और पिचकाने से कुछ नहीं होगा।

lalu_doodh_630.jpg


लालू ने कहा, इनका दिमाग खराब हो गया है। ये बाबा कहां से है ये? ये कोई बाबा है, योगी है, साधु-संत है? ये सिर्फ सांस लोगों को अंदर-बाहर करवाता है। पेट फुलाता-पिचकाता है। जिन लोगों ने खैरात का माल खाया है और जिनको चीनी की बीमारी हो गई है वो इनके पास जाते हैं। जिनको लगता है कि उनको मरना नहीं है और उनके नाम पर रामदेव बाबा अपनी कमाई कर रहा है। अब उसकी भूख हो गई है राजनीति में आने की। जो काम कर रहा था वो काम कर। काले धन के खिलाफ बोलकर कई स्वर्ग सिधार गए अब इनकी बारी आई है।
लगता हैं लालूजी को नितीश जी ने भेंस चराने लायक नहीं छोड़ा तो यहाँ बोलने लगे. और वो भी इस अंदाज़ में. बड़े बड़े आये और चले गए. लालूजी इतनी जल्दी कैसे भूल गए आपको तो बिहार की जनता ने अच्छा दूध पिलाया था थोड़े दिनों पहले ही,


ले भाई एक और काला धन दाबनिये का नाम आग्या है : लालू प्रसाद यादव ...............


.....यु लालू भी किमे बोलन जोगा स के ................मेरी ख्याल म सबते फालतू काला माल तो यु ललुआ ए दाब रह्या स जया ए त इसके पेट म दर्द उठया ..............बाबा जी न कह्या था के संसद म काले धन को राष्ट्रीय सम्पति घोषित करने का प्रस्ताव रखो ......जो भी इसका विरोध करेगा....... उसे धोरे काला धन स......तो इस धोरे काला धन स ......

..... इसके बयान की तरफ ध्यान देने की जरुरत नही है ............इसकी बाता न पहल्या तो लोग सुव्वाद लेन खातर सुना करदे आर बिहार इलेक्शन में हारने क बाद तो इसकी दुकान क ताला लाग लिया.

........इसने तो रिकॉर्ड सेट करे थे भरसटाचार के,,,,,,,,,,,,,, आर इब्ब कानग्रेस इसके रिकॉर्ड तोड्न लाग रही स............


जो लोग कहन लागरे स के साईकिल त हेलिकॉप्टर तक क्युकर आये बाबा जी ............भाई भूखे पेट तो भजन भी ना होया करे ........देश खातर कुछ करना स तो पिस्से तो चाहिय.......आर इन् पिसया का भी पूरा हिसाब देने को तयार है बाब जी.........


बाबा जी के ट्रस्ट पे पिस्सा स तो इसमें के गलत स ......देश की जनता न दान करया स........जो पिस्सा स सबके स्यामी स आर सब के भले खातर स ......................... इन् पार्टी रूपी दुकान आल्या की तरिया हफ्ता त नहीं मांग्या किसे त .......इब्ब कोए इस सुसरे बिहारी त पुछ्निया हो क ........इतना पिस्सा कड़े ते लुटया आर क्या खातर लुटया ........


तो भाई इस म आश्चर्य की कोए बात नहीं है अगर आने दिनों म कई और लालू की तरिया बकवास करे तो ..........करण द्यो ये सारे अपनी बेईमानी का सबूत दे रहे है ,,,,,,,,


जय हिंद .......
 
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[FONT=&quot] [FONT=&quot]आरोप-प्रत्यारोप तो सियासत के दांव-पेंच होते हैं [/FONT] [FONT=&quot]और आम आदमी को बरगलाने का एक हथकंडा भर बन गए हैं [/FONT]I [FONT=&quot]भारतीय राजनीति के हमाम में सभी नंगे[/FONT] [FONT=&quot]हैं [/FONT]I ]चैनल पर एक खबर थी जिसके अनुसार रामदेव ने अपनी बेतहाशा संपत्ति ([/FONT]1152 [FONT=&quot]करोड़ ) के बारे में स्पष्टीकरण दे रखा था [/FONT]I महर्षि [FONT=&quot]रामदेव जी ने फ़रमाया के उनके पास[/FONT] ([FONT=&quot]या ट्रस्ट के पास) जो[/FONT] [FONT=&quot]स्कॉट्लैंड में[/FONT] 750 [FONT=&quot]एकड़ भूमि और हिन्दुस्तान में[/FONT] [FONT=&quot]एक हेलीकाप्टर है वो उन्हें गुप्तदान में मिले[/FONT] [FONT=&quot]है [/FONT]I [FONT=&quot]बड़ी हैरानी की बात है[/FONT] [FONT=&quot]की आजकल जमीन और वाहनों के नाम हस्तांतरित करने के लिए उनके विक्रेता या मूल धारक[/FONT] [FONT=&quot]की सहमति की आवश्यकता नहीं पड़ती [/FONT]I ब्रिटेन जैसे देश में 750 एकड़ भूमि के मालिकाना हक़ का किसी को पता न हो यह बात गले नहीं उतरती I इसी प्रकार जिस देश में एक मोटर-Bike के स्वामित्व का भी रिकॉर्ड पुलिस और ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी में होता है वहां एक हेलीकाप्टर का गुमनाम मालिक चुप चाप आपना हेलेकोप्टर रामदेव जी के आँगन में पार्क करके चला जाता है और और किसी को यह पता नही चला कि ये सब किसने किया I कहीं ये हेलीकाप्टर ISI ने तो नहीं भेज दिया चुप चाप I यह सुरक्षा का गंभीर मामला है I परन्तु रामदेव जी के सभी प्रशंशक संभवत : इस स्पष्टीकरण को आसानी से हजम कर लेंगे और इस पर प्रशन चिन्ह लगाने वालों को भला बुरा कहने में कोई कोताही नहीं करेंगे I कांग्रेस और रामदेव की इस तकरार का पूरा दोहन करने के लिए बीजेपी ने ताका-झाकी शुरू कर दी है और रामदेव के साथ गुप्त समझौते की शुरुआत करने के लिए उतारू है I जल्द ही एक नया चुनावी गठबंधन उजागर होने के कयास लगने शुरू हों गए हैं, जैसा कि मैंने बहुत पहले संशय जाहिर किया था एक पोस्ट में I दिग्विजय सिंह की यह टिप्पणि कि "यह गुप्तदान कहीं काला धन तो नहीं है " आपत्तिजनक एवं हैरतंगेज़ नहीं है क्योंकि इतना बड़ा गुप्तदान कोई भैन्स्वालिया रामफल, रलदू या जिले सिंह तो देगा नहीं और ना ही Warren Buffet या Bill Gates यह काम करने वाले I तो फिर ये छुपा हुआ Philanthropist कौन है इसकी जांच गुप्तचर विभाग को करनी चाहिए

VP Sir, you are ignoring the most important 'fact' here: Ramdev is a 'citizen'; Congress is the largest party in GOVT!!
Let us assume that Ramdev is 'corrupt' and he has ill-gotten money and mountains of Kala-Dhan, who is to blame? Is it not the responsibility of ruling party to make sure that people pay their taxes honestly? If Ramdev is indeed involved in illegal transfer of money, what stops the UPA govt (or congress) to investigate the matter? Why was/is the govt sleeping for the last 6-7 years? Why can't they come up with the facts after through investigations rather than indulging in moronic aarop-pratyaarop? This only shows that not only this govt is corrupt, it is also highly inefficient!!
Really sad to see that govt is justifying corruption by reciprocating the corruption-charges on the individuals who dare to speak against it. It ain't right.
 
VP Sir, you are ignoring the most important 'fact' here: Ramdev is a 'citizen'; Congress is the largest party in GOVT!!
Let us assume that Ramdev is 'corrupt' and he has ill-gotten money and mountains of Kala-Dhan, who is to blame? Is it not the responsibility of ruling party to make sure that people pay their taxes honestly? If Ramdev is indeed involved in illegal transfer of money, what stops the UPA govt (or congress) to investigate the matter? Why was/is the govt sleeping for the last 6-7 years? Why can't they come up with the facts after through investigations rather than indulging in moronic aarop-pratyaarop? This only shows that not only this govt is corrupt, it is also highly inefficient!!
Really sad to see that govt is justifying corruption by reciprocating the corruption-charges on the individuals who dare to speak against it. It ain't right.

Sunil,

I agree with your argument that individuals are corrupt in any particular system, and I think the ruling group , whosoever, cannot absolve itself of the responsibility. From pre-historic times, our system of governance has been corrupt by default, in every political clime. Reasons: Rulers pampered it for their benefit, Opposition shared the dividends, intellectuals faltered in their approach of protest and masses connived for their petty self-interests.

Now, let us assume, Ramdev ji is a very decent individual with impeccable clean slate. He is a good Yogi and raised his voice against corruption also like some other opposition leaders. It is appreciable. But is that enough to accept him or his group as the next ruler of the country? Isn’t it an oversimplification of the whole issue? I think, we need to discuss his social allegiance and political agenda threadbare. I would appreciate, if someone publishes salient features of his manifesto here on the site for point wise discussion, especially education policy, stand on current pace of economic reforms, anti-corruption mechanism, unemployment, foreign policy, rural sector development and agrarian reforms, defence policy and internal security etc.
 
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Not only for this era,,,,,,,, congress is responsible for corruption from 1951 coz, is ruling party from that time,......meantime others came but for short period.........if there were anything wrong in the others govt. then also why congress did not take any step against the others and corruption.at least some maturity should be shown if the others failed to do so........i m not saying that congress is a bunch of crooks, honest men there also but what could they do....... so congress overall is a flop show.........



भाइयो म भी स्वामी जी धोक लगाने की बात नहीं कह रहा हू,म सिर्फ ये कहना चाहता हू के स्वामी जी के विचारों से कम से कम हम सीख तो सकते है की देश प्रेम क्या होता है ,राष्ट्र धर्म क्या है, बाकि इन् नेताओ को तो सभी न आछी तरिया बरत क देख लिया होगा धांस नि इनमे ,,,,,,,,,,,,कम से कम मुझे तो स्वामी जी विश्वासघाती नहीं लगते ......



ओर रही बात बाबा जी के मेनिफेस्टो और फीचर्स की तो यो काम भी जल्दी ए हो ज्यागा .......

बाकि इब्ब सोड मे मुह देके सो जाऊ........मने तो इसे मे फायदा देख्या ........
 
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ले भाई एक और काला धन दाबनिये का नाम आग्या है : लालू प्रसाद यादव ...............


.....यु लालू भी किमे बोलन जोगा स के ................मेरी ख्याल म सबते फालतू काला माल तो यु ललुआ ए दाब रह्या स जया ए त इसके पेट म दर्द उठया ..............बाबा जी न कह्या था के संसद म काले धन को राष्ट्रीय सम्पति घोषित करने का प्रस्ताव रखो ......जो भी इसका विरोध करेगा....... उसे धोरे काला धन स......तो इस धोरे काला धन स ......

..... इसके बयान की तरफ ध्यान देने की जरुरत नही है ............इसकी बाता न पहल्या तो लोग सुव्वाद लेन खातर सुना करदे आर बिहार इलेक्शन में हारने क बाद तो इसकी दुकान क ताला लाग लिया.

........इसने तो रिकॉर्ड सेट करे थे भरसटाचार के,,,,,,,,,,,,,, आर इब्ब कानग्रेस इसके रिकॉर्ड तोड्न लाग रही स............


जो लोग कहन लागरे स के साईकिल त हेलिकॉप्टर तक क्युकर आये बाबा जी ............भाई भूखे पेट तो भजन भी ना होया करे ........देश खातर कुछ करना स तो पिस्से तो चाहिय.......आर इन् पिसया का भी पूरा हिसाब देने को तयार है बाब जी.........


बाबा जी के ट्रस्ट पे पिस्सा स तो इसमें के गलत स ......देश की जनता न दान करया स........जो पिस्सा स सबके स्यामी स आर सब के भले खातर स ......................... इन् पार्टी रूपी दुकान आल्या की तरिया हफ्ता त नहीं मांग्या किसे त .......इब्ब कोए इस सुसरे बिहारी त पुछ्निया हो क ........इतना पिस्सा कड़े ते लुटया आर क्या खातर लुटया ........


तो भाई इस म आश्चर्य की कोए बात नहीं है अगर आने दिनों म कई और लालू की तरिया बकवास करे तो ..........करण द्यो ये सारे अपनी बेईमानी का सबूत दे रहे है ,,,,,,,,


जय हिंद .......

बाबा रामदेव की संस्था ने बीजेपी को दिए 11 लाख,
बाबा रामदेव ने किया 'विश्*वासघात'

ये एक अखबार के कम्मेंट है ,,,,,इस अखबार म सारी न्यूज़ बाबा जी के खिलाफ ही आ रही है..

ये सारा मामला मुद्दे से ध्यान भटकाने का एक माध्यम भर है .
बदनाम करने के लिए क्या क्या तरीके हो सकते है अब सारे सामने आ रहे है .

और अब पैसे गिन ने का नया तरीका :

1 करोड : 1 कोए भी छुट भैया मंत्री
500 करोड - 1 कोड़ा
1000 करोड - 1 राडिया
10000 करोड - 1 कलमाड़ी
100000 करोड - 1 राजा
100 राजा - 1 पवार
100 पवार - देश के लेगा- धार ?,,,,,,
शर्म देई तार ........
 
Better not speak - Madam (Oops) AKA High Command is watching

I may please be forgiven for not having read all the previous comments on this thread, but I could not resist from sharing my thoughts on this topic.

It does not surprise me any longer to see every new day starting with a graft or corruption story perpetuated by the Congress Party. As the now glorified COMMON MAN, I just read it like any other story because the Congress corruption antics continue unabated and shamelessly like the not so recent British Petroleum Gulf of Mexico Oil leak over which all the wise men of the world seemed to have no control.

Baba Ramdev was made to almost eat his words which he spoke about those Congress antics. Congress including the high command is an expert in all the facets of politics be it luring opponents, purchasing opponents, coercing opponents by unleashing the CBI, etc., etc.

The fact of the matter is that the present cases of Congress corruption is just of tip of the ice-berg. These are a just a small sample of what the Congress has done to our nation over the decades. The only difference is that in these cases the party did not or was not able to cover its tracks well unlike the many more that were stacked away in the dusty files in the cupboards of the 'Back of the Beyond' Govt. offices.

The govt. has given sufficient time for the money in the Swiss bank accounts to be transferred elsewhere so that when a serious investigation is forced upon it by the judiciary, it can show that there exists nothing at all to investigate about.

Congress - what a party - So much corruption, yet you are so clean especially madam, rahul baba and the learned economist - All of them clean!!!
 
what if baba jee turns out to be a political pawn.
there are people who feel Baba Ramdev has nthing to do with politics, he is just damaging BJPs vote bank .
though i dont follow the argument wholly but the logic can not be denied all at once, BJP will suffer more vote lose than congress by Baba jis endeavorer
 
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