akshaymalik84
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एक बार भैन्स्वाल गाम की बरात किसे दुसरे गाम में जानी थी! तो बाराती अपने पेग शेग मार क गाड़ियां में बैठ लिए अर्र दुसरे गाम के चुगर्दे ने चक्कर काट क गाम की चुपाड़ में आ क बैठ जा ....कई देर होली बिचारा ने घूमते पैर कित्ते भी ब्याह आला घर ना पावे ......तो एक ने देखि की चुपाड़ के शाम्ही काने धाणक का घर क्यूकर .....अर्र उस घर में काना धाणक खड्या....ते बारातिया ने धाणक बुलाया अर्र बोले अक डेढ़ तू इस गाम में के करे स ....तो धाणक नुए बोल्या अक में ते आड़े इ रहया करू.....तो एक बोल्या धाणक ते तू के हमने फद्दु ला रया है काल ताहीं ते म्हारे लाम्निया में लाग रया था आज इस गाम में भी आ लिया ...तो धाणक बोल्या ....काल ताहीं ते थम भी सयाने मानस थे ...पर इब ल्यो हो अर्र घूम फिर क अपनी बरात ने अपने ऐ गाम की चुपाड़ में ले आओ सो ......