Bhoondi baat laaggi

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Bhai ji kai tey keh dein hai bhai tanney key jarurat say iskee khamkhan peesey bigadey hai....aaram tey metrom mein jaya kar keu liye handey.....mein to keh deu hun bhai jey mein ney na lee rakhi hoti tey tanney lift kaun dey tha....
मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो पहलम ते लिफ्ट मांग लेंगे अर फेर नई गाडी ने न्यू बूझें गे अक पुराणी ली स के ? क: फेर न्यू कहवेंगे अक इब्ब ताहीं बेचीं कोणी के ? जा उन् पे न्यू बुझ ले अक" क्यूँ ,बेचनी क्यूँ थी भाई ",ते न्यू कहवेंगे "अक ना में ते न्यू सोचूं था अक आजकाल गाडी राखणा काफी महंगा स ,ज्यां तें हो सके स बेचदी हो" | फेर जब जित उहने उतरणा होगा, उड़े जा के ने न्यू कहवेंगे अक" र उड़े सिक ताहीं और छोड़ दे तू न्यून के लिकड़ जाइए ,तेरी ते ज़रा सी लागेगी अर मेरी हांड बच जा गी "| फेर गाडी में तें उतरदी हाण न्यू कहवेंगे " र: जा बेचे ते मन्ने बता दिए ,मन्ने लेनी स "| -----"गधी मरी पड़ी सोनीपत के भाड़े करें"|
 
Eak bey mein Ludhiyaney tey Shatabdi mein aaun tha eak bahut padhi likhi jananni ney apney balak pay (toilet) washbasin mein potty karva dee or jisney bhee dekhya usney ea ghani bhundi laagi....or logan ney us teyghani layant dee tey wo bolli mein to dho rahi thee iskee potti isney or kardi mein kaya karti..............batao wa key dhon kee jagaj thee.....
 
कई लोग उप्पर आली बर्थ पे आपणे जुत्याँ ने ले के ने चढ़ ज्यां सें अर उड़-ए बैठ के ने फेर किम्मे-किम्मे खावेंगे आर छिलके या दूसरी चीज तले बगावेंगे वे भी भोत भुन्ड़े लाग्या करें ,कहें तें भी ना मानें इस्से माणस |
 
कई लोग उप्पर आली बर्थ पे आपणे जुत्याँ ने ले के ने चढ़ ज्यां सें अर उड़-ए बैठ के ने फेर किम्मे-किम्मे खावेंगे आर छिलके या दूसरी चीज तले बगावेंगे वे भी भोत भुन्ड़े लाग्या करें ,कहें तें भी ना मानें इस्से माणस |

I don't like it when people keep staring at me without saying anything! Don't they know staring is rude?
 
मैंने तो किम्मे "अळबादी" से लागे इसे माणस ..lol

कई लोग उप्पर आली बर्थ पे आपणे जुत्याँ ने ले के ने चढ़ ज्यां सें अर उड़-ए बैठ के ने फेर किम्मे-किम्मे खावेंगे आर छिलके या दूसरी चीज तले बगावेंगे वे भी भोत भुन्ड़े लाग्या करें ,कहें तें भी ना मानें इस्से माणस |
 
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bhoondi baat ya laage se jab do aadmia me bahas ho rahi ho to kuch swaadu type ke aadmi sulah karan k bajay aur aag me ghee kyu gere se.ve do aadmi te ke bera baad me dost ban bhi ja par vo swaadu donua te gaya.dhobi ka kutta na ghar ka na ghaat ka jisi ban ja se un gail.
 
जाटलैंड पे रोज जूत बाजे जा है.. मन्ने या बात भोत भूंडी लागी! :victorious:
 
जाटलैंड पे रोज जूत बाजे जा है.. मन्ने या बात भोत भूंडी लागी! :victorious:

बात कित की कित चाल रही पावे, आर कोए हो खामखा अपने ऊपर ले के तमाशा शुरू करण लाग जा,.... मन्ने या बात बोहोत भुंडी लाग्गी
 
बात तो स्यानी सै, पर नाम तै बता दिया होता, हम ने बी बेरा लाग ज्या किम्मे, बच कै रहा इसया तै

मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो बिना कोनटेंट ने समझें पहलम ते लुगाइयां की पोस्टां पे लाइक पे लाइक मारे जावें अर जब उन् ने समझावें तें जाण बावले बाण जावें अर जब उनके भीजे होड़ खोंश्ड़े लागें ,तो जाटलैंड पे रोंदे आवें |
 
मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो कार चलान्दी हाण सड़क पे अडंगा बगांदे जावें अर पान या ओर किम्मे इस्सी-ए चीज का थूक चाल्दी कार में ते बहार बगावें |
 
मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो कार चलान्दी हाण सड़क पे अडंगा बगांदे जावें अर पान या ओर किम्मे इस्सी-ए चीज का थूक चाल्दी कार में ते बहार बगावें |

Ravinderjeet Ji,

अच्छे लोगों और उनकी अच्छी आदतों के बारे मैं बात करें तो क्या ज्यादा ठीक नहीं रहेगा?
जसे की मुझे रविंदरजीत जी और उनकी लिखी कविताएं अछि लगती हैं|
 
Ravinderjeet Ji,

अच्छे लोगों और उनकी अच्छी आदतों के बारे मैं बात करें तो क्या ज्यादा ठीक नहीं रहेगा?
जसे की मुझे रविंदरजीत जी और उनकी लिखी कविताएं अछि लगती हैं|

नकारात्मक चीजों को उजागर करने से लोगों के मन में सकारातमक विचार भी आते हैं | बहुत सारे लोगों को ये पता ही नहीं होता की जो वे कर रहे हैं वो ठीक ह या नहीं | पर जब इस तरह की बात सामने आती हैं की लोग उनके बारे में उन् द्वारा किये हुए कर्म से उनकी केसी छवि बनाते हैं तो उनमे सकारातमक परिवर्तन आने की संभावना होती हे | किसी की आदत होती हे बात बात में सामने वाले को हाथ लगाने की या हलके से चप्पत लगाने की गाल पर | ये हरकतें बुरी होती हैं | अर मन्ने भोत भुंडी लाग्या करें | और मेने इसे कई आदमिओं की आदतें छुड़वाई हैं उनके साथ वेसा ही व्यवाहर कर के | जब उनके साथ वेसा ही होता हे जेसा वे दूसरों के साथ करते हैं तो उनको समझ में आजाता हे की वे गलत कर रहे थे क्योंकि ये बात जब इनके साथ हुई तो उन्हें अच्छी नहीं लगी | ये बातें आपको भी समझ में आई होंगी जब कई लोग जाटलैंड पर घायल हो गए पिछले दो-तीन दिन में ,जब उनके साथ वेसा ही वाय्वाहर किया गया जो वे मेरे साथ कर रहे थे |थप्पड़ मारने वाले की मुंह पर जब तक वापस थप्पड़ नहीं पड़ता तब तक थप्पड़ का दरद उसकी समझ में नहीं आता ----साद भावनाओं सहित |
 
मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो बिना कोनटेंट ने समझें पहलम ते लुगाइयां की पोस्टां पे लाइक पे लाइक मारे जावें अर जब उन् ने समझावें तें जाण बावले बाण जावें अर जब उनके भीजे होड़ खोंश्ड़े लागें ,तो जाटलैंड पे रोंदे आवें |

मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो उन् तो कदे पोस्ट लिखते नहीं, विचार व्यक्त करते नहीं .. किसे हॉट चाल रही थ्रेड में ..बिना कोनटेंट ने समझें आर पढ़े,.. दोनों पस्से आले के आर्गुमेंट्स पे 'like ' के खटके दाब्बी जा से.. आर diplomatic स्टैंड दिखावे से...
 
मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो उन् तो कदे पोस्ट लिखते नहीं, विचार व्यक्त करते नहीं .. किसे हॉट चाल रही थ्रेड में ..बिना कोनटेंट ने समझें आर पढ़े,.. दोनों पस्से आले के आर्गुमेंट्स पे 'like ' के खटके दाब्बी जा से.. आर diplomatic स्टैंड दिखावे से...

भाई सतिंदर इन् ने कहया करें सै " मुफ्त के स्वादू " या फेर "जीसेदार" |
 
नकारात्मक चीजों को उजागर करने से लोगों के मन में सकारातमक विचार भी आते हैं | बहुत सारे लोगों को ये पता ही नहीं होता की जो वे कर रहे हैं वो ठीक ह या नहीं | पर जब इस तरह की बात सामने आती हैं की लोग उनके बारे में उन् द्वारा किये हुए कर्म से उनकी केसी छवि बनाते हैं तो उनमे सकारातमक परिवर्तन आने की संभावना होती हे | किसी की आदत होती हे बात बात में सामने वाले को हाथ लगाने की या हलके से चप्पत लगाने की गाल पर | ये हरकतें बुरी होती हैं | अर मन्ने भोत भुंडी लाग्या करें | और मेने इसे कई आदमिओं की आदतें छुड़वाई हैं उनके साथ वेसा ही व्यवाहर कर के | जब उनके साथ वेसा ही होता हे जेसा वे दूसरों के साथ करते हैं तो उनको समझ में आजाता हे की वे गलत कर रहे थे क्योंकि ये बात जब इनके साथ हुई तो उन्हें अच्छी नहीं लगी | ये बातें आपको भी समझ में आई होंगी जब कई लोग जाटलैंड पर घायल हो गए पिछले दो-तीन दिन में ,जब उनके साथ वेसा ही वाय्वाहर किया गया जो वे मेरे साथ कर रहे थे |थप्पड़ मारने वाले की मुंह पर जब तक वापस थप्पड़ नहीं पड़ता तब तक थप्पड़ का दरद उसकी समझ में नहीं आता ----साद भावनाओं सहित |
आप जो कह रहे हो वो भी हो सकता है| सबका अनुभव भिन्न होता है|

मनोविज्ञानीयों के अनुसार अगर आप सिर्फ अपने सकारातमक पहलू (विचार, आदत) को उजागर करें तो नकारात्मक खुद ब खुद पीछे रह जायेगा|
वसे, कभी-कभी आपकी उपर्युक्त बात भी तर्कसंगत लगती है|
 
आप जो कह रहे हो वो भी हो सकता है| सबका अनुभव भिन्न होता है|

मनोविज्ञानीयों के अनुसार अगर आप सिर्फ अपने सकारातमक पहलू (विचार, आदत) को उजागर करें तो नकारात्मक खुद ब खुद पीछे रह जायेगा|
वसे, कभी-कभी आपकी उपर्युक्त बात भी तर्कसंगत लगती है|

अरविन्द जी , मन्ने यु तागा समाज में फेली होई कुछ गलत आदत, जो की कई बे हामने बेरा कोणी होंदा, पर करें जावां सां ,लोगाँ का ध्यान आकर्षित करण खातर शुरू करया था | कई बे इस्सा भी हो सके स अक में किम्मे करदा होऊं अर मन्ने बेरा कोणी अक इह तें किहे के तकलीफ भी हो स ,अर जे ओर कोए वा बात लिख दे अक या बात उहने भुंडी लागे स ,ते हो सके स में आगे तें उह बात का ध्यान राखूँ अक किहे ने तकलीफ ना होज्या | उप्पर मन्ने टौमी कुत्ते का एक उदाहरण दिया था अर इस समस्या तें कम या ज्यादा घनखरे आदमियां ने गुजरना पड़े स जा किहे कुत्ता पाल्निये के ये बात समझ में आज्यां ते आगे तें किहे मेरे बरगे ने शर्मींदा ना होना पडेगा |कोए भाई इस्सा तागा भी शुरू कर सके स अक "या बात मन्ने भोत आछि लागी "-----सद भावनाओं सहित |
 
बुरा जो देखन मैं चला ,बुरा ना मिलया कोय
जो मन खोजा अपना , तो मुझसे बुरा ना कोय !!
 
अरविन्द जी , मन्ने यु तागा समाज में फेली होई कुछ गलत आदत, जो की कई बे हामने बेरा कोणी होंदा, पर करें जावां सां ,लोगाँ का ध्यान आकर्षित करण खातर शुरू करया था | कई बे इस्सा भी हो सके स अक में किम्मे करदा होऊं अर मन्ने बेरा कोणी अक इह तें किहे के तकलीफ भी हो स ,अर जे ओर कोए वा बात लिख दे अक या बात उहने भुंडी लागे स ,ते हो सके स में आगे तें उह बात का ध्यान राखूँ अक किहे ने तकलीफ ना होज्या | उप्पर मन्ने टौमी कुत्ते का एक उदाहरण दिया था अर इस समस्या तें कम या ज्यादा घनखरे आदमियां ने गुजरना पड़े स जा किहे कुत्ता पाल्निये के ये बात समझ में आज्यां ते आगे तें किहे मेरे बरगे ने शर्मींदा ना होना पडेगा |कोए भाई इस्सा तागा भी शुरू कर सके स अक "या बात मन्ने भोत आछि लागी "-----सद भावनाओं सहित |

If the attention is focussed on what is good around us, there is no time to think or do bad things. I think your priorities need serious re adjustment.
 
मन्ने वे लोग भी भोत भुंडे लागे सें जो घर में कुत्ता पालें अर जब कोए उनके घरां आवे ते न्यू कहवें " पुचर-पुचर ,बस करो टौमी ,मेहमान हैं , आने दो इन्हें अन्दर ,आप आजाइए हमारा कुत्ता बड़ा ही समझदार हे ,काटेगा नहीं "| (या थी पहली बेजती )इब्ब उड़े इस्सा लागे अक जा कुत्ता नाट गा ते मालिक भी किम्मे नि कर सकदा ,फेर घर का असली मालिक कुत्ता दीखण लाग जा स | जब घर आले पुचकार देवेंगे ते कुत्ता हाथां ने अर पायां ने इस्सी ढाल चाटेगा के जणू ते भीतर बडन तें पहलम हामने पवित्र करे स | (या थी दूसरी बेजती )फेर सोफे पे आगंतुक तें पहलम जा के ने बैठ जा गा अर आगन्तुक कानी इस्सी ढाल लाखावेगा अक जाणु ते कोए उह का सिंघासन खोसण आग्या | फेर मालिक कहवेगा " हे हे हे हे असल में हम तो बेड रूम में या फिर टेर्रेस पर ज्यादा बैठते हैं और ये हमारे टौमी यहीं पर आराम फरमाते हैं,इस्सी लिए ये हमेशा यहीं पर डेट रहते हैं ,चलो टौमी अन्दर, प्लीज गो इनसाइड "| और उसकी जगह म्हारे ताहीं मिल ज्या स जिह पर के सारे के बाल खींड रे सें |( या स तीसरी बेजती )| टौमी फेर भीतर जा के ने बाहर आ जावेगा अर मालिक न्यू कहवेगा (आपणी नोकरानी या लुगाई ताहीं )अक टौमी को शायद भूख लगी हे उसको कुछ खिलाइए | फेर आगन्तुक पे बुझेगा "आप भी कुछ लेंगे "| इस्सा लागेगा जाणु ते कुत्ते आला बच्या होड़ सौदा म्हारे आगे गेर दिया जावेगा |(या स चौथी बेजती ) फेर चाय बिस्कुट आज्यांगे अर टौमी आपने नाम का खा के ने पुन्झअड़ हिलान्दा आगन्तुक की पलेट में मुंह देवण ने होज्यागा | फेर मालिक कहवेगा "नो टौमी खाने दो ,यु आर सो नोटी"| फेर मादी मोती जो भी बात करनी होंगी वे कर के ने मालिक न्यू कहवेगा "चलो आप किस तरफ जा रहे हैं, में भी थोड़ी दूर तक चलता हूँ ,टौमी को घुमाना हे "|पहलम ते माणस न्यू सोचेगा अक यु माड़ी दूर मन्ने छोड़न आवे स पर आखरी वाक्य में सब किम्मे ख़त्म ,यानी की कुत्ते की ओकात तेरे तें घणी बाध स |( या स पांच्मी बेजती ) फेर जब आगन्तुक बाहर लिकडन लाग्ज्या गा जब वो गुर्रावेगा इस्सी ढाल अक जाणु ते न्यू कहवे स अक मेरी थां बेठ्गा अर मेरी-ए पलेट में मेरा-ए भोजन कर के ने जावे स ,इबके ना भोड़ के आइये | फेर आगन्तुक जा न्यू कह देगा अक "थारा कुत्ता बड़ा प्यारा स", ते मालिक नाराज हो जावेगा अर न्यू कहवेगा "डोंट काल हिम कुत्ता ,ही इज टौमी ,ही इज लाईक अवर सन ,इनकी मम्मी (मालकिन ) सून लेंगी तो बहुत नाराज हो जायेंगी , फेर मालिक न्यू कहवेगा "लेट हिम गो टौमी ,नो नॉनसेन्स "| ( या स छट्टी बेजती ) अर कुत्ता (सॉरी टौमी ) इतने भोंसे जावेगा ,इतने तेरे कान इतनी दूर ना जा लेवें अक उह की आवाज सुननी बंद ना होज्या | अर रात ने खाणा खांदी हाण भी इस्सा लागेगा जाणु ते इब्बी उह की लार हाथां में लाग री स | टौमी के मान- सम्मान आगे ते हाम कुछ भी नहीं |-----सद भावनाओं सहित |


Seriously humorous
 
Hmm..seems either you have lot of bad experience..or hinting towards someone.. either way :cool:

मन्ने वे लोग भोत भुंडे लागें सें जो बिना कोनटेंट ने समझें पहलम ते लुगाइयां की पोस्टां पे लाइक पे लाइक मारे जावें अर जब उन् ने समझावें तें जाण बावले बाण जावें अर जब उनके भीजे होड़ खोंश्ड़े लागें ,तो जाटलैंड पे रोंदे आवें |
 
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