rajpaldular
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आज लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 136 वीँ जयन्ती है.
देश के प्रथम प्रधानमंत्री ...बनने के हकदार वो ही थे.
12 देशी रियासतोँ मेँ से 11 ने सरदार जी को प्रधानमंत्री बनाने की सिफारिश की थी लेकिन गाँधी ने नेहरु को थोप दिया.
देशी रियासतोँ के भारत मेँ विलय कराने का श्रेय केवल और केवल सरदार वल्लभ भाई को जाता है.
हैदराबाद का निजाम हैदराबाद को भारत से अलग रखना चाहता था और सरदार जी बल पूर्वक हैदराबाद का विलय कराने... के पक्ष मेँ थे.
लेकिन गाँधी का तुच्छ अहिँसावादी सिद्धान्त इसकी अनुमति नहीँ दे रहा था.
और फिर जब गाँधी का वध हो गया तो हैदराबाद को भारत मेँ मिला लिया गया.
(गाँधी के वध का एक कारण ये भी था).
एक दूसरी समस्या कश्मीर जिसको हल करने के लिये पटेल जी ने राजा हरिसिँह को भी अपने मेँ मिला लिया था लेकिन फिर नेहरु ने अपनी महिला मित्र एडविना माउँट बेटेन(लार्ड माउँट बेटेन की पत्नी) के प्रभाव मेँ आकर कश्मीर मसले को राष्ट्रसंघ मेँ ले गये जिसका पटेल जी ने विरोध किया था.
और इसी का परिणाम हम धारा 370 के रुप मेँ भुगत रहे हैँ.
देश के प्रथम प्रधानमंत्री ...बनने के हकदार वो ही थे.
12 देशी रियासतोँ मेँ से 11 ने सरदार जी को प्रधानमंत्री बनाने की सिफारिश की थी लेकिन गाँधी ने नेहरु को थोप दिया.
देशी रियासतोँ के भारत मेँ विलय कराने का श्रेय केवल और केवल सरदार वल्लभ भाई को जाता है.
हैदराबाद का निजाम हैदराबाद को भारत से अलग रखना चाहता था और सरदार जी बल पूर्वक हैदराबाद का विलय कराने... के पक्ष मेँ थे.
लेकिन गाँधी का तुच्छ अहिँसावादी सिद्धान्त इसकी अनुमति नहीँ दे रहा था.
और फिर जब गाँधी का वध हो गया तो हैदराबाद को भारत मेँ मिला लिया गया.
(गाँधी के वध का एक कारण ये भी था).
एक दूसरी समस्या कश्मीर जिसको हल करने के लिये पटेल जी ने राजा हरिसिँह को भी अपने मेँ मिला लिया था लेकिन फिर नेहरु ने अपनी महिला मित्र एडविना माउँट बेटेन(लार्ड माउँट बेटेन की पत्नी) के प्रभाव मेँ आकर कश्मीर मसले को राष्ट्रसंघ मेँ ले गये जिसका पटेल जी ने विरोध किया था.
और इसी का परिणाम हम धारा 370 के रुप मेँ भुगत रहे हैँ.