amitbudhwar
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Sir ji,भाई साहब,माफ़ करना कहे बिना नहीं रहा गया, पिछले दो-तीन साल से आपकी एक ही आरती चालू है i
Sir, प्रचारकों को यहाँ पर अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता है i और कितनी स्वतंत्रता चाहिए आपके प्रधान-प्रचारक को I जो लोग PK पर प्रतिबन्ध के हक़ में नहीं हैं उनको माननीय प्रधान-प्रचारक जी सूवर बता रहे हैं i लेकिन हमने बड़ी विनम्रता के साथ उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी थी i और कितनी गालियां दिलवाना चाहते हो महोदय? बड़ा खेद होता है यह देख कर कि हमारे देश में धर्म और संस्कृति के धनी लोगों का मुंह सिर्फ अपशब्द, भद्दी फब्ती, गाली-गलौज़, खीझ, कड़वाहट, अन्धविश्वाश भरे ढोंगी तंत्र-मंत्र, मिथ्या प्रचार और लड़ाई झगडे के लिए ही खुलता है i धर्म का ढोंग रचा कर, जाट समुदाय के बचे खुचे प्यार और भाईचारे को तोड़ने और जाटों की ताकत को मिटाने वाले तांत्रिकों के हाथों की कठपुतली बन कर यहां खुलकर इस वेब-साइट का दुरूपयोग करने की आपको पूरी स्वतंत्रता मिली हुई है i आपको और क्या चाहिए, सर ? अगर हमारा यहाँ आना आपको अखरता है तो खुल के बता दीजिये सर I हम आपकी साइट पर आना बंद कर देंगे I लेकिन हम ढोंगी और झूठे प्रचारकों की तर्ज़ पर आरती गाना शुरू कर दें, ये नहीं हो पायेगा, सर I
आदरणीय प्रधान-प्रचारक साहब की मधुर वाणी वाली पोस्ट आपकी याददास्त को वापिस लाने के नीचे चिपकी है (जिसको मॉडरेटर साहिबान ने भी बड़ी इज़्ज़त के साथ संजो कर रखा हुआ है ताकि इस महान वेब-साइट की महानता में चार-पांच चाँद और लग जाएँ )
aisa lagta hai ye BJP waale log Indian courts se bhi badi order dete hain. Moral policing to aise karte hai jaise inke hi order chalenge desh mei.
khair jab Court ne keh diya ki Movie mei aisa kuch nahi to ye log ab us court ke order ko bhi nahi manenge.
Jisko dekhna hai dekho aur jisko na dekhna hai matt dekho. phir bhi kayi logo ko pata nahi kya pett mei dard hai.
Maan liya bjp ki sarkaar hai aur unke logg har jagah is tarah ke karname karte hain lekin iska matlab aab ye to nahi hai ye logg ab humme aage issi tarah ki moral siksha denege.
pata nahi kya chakkar hai in logon ke saath. aab ye Kangaroo court chalane waale hain is website ke upar bhi. Diktat pass honge phir inke sabke upar.