Challenges and Chances before AAP

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Vaise is jwaab se meri political affilation ko jod ke na dekha jaaye, but O.P. Chautala ka stand clear hai ispe..... jo ki media mein recorded hai!

baaki mujhe nahin pata ki aap AAP se affiliated hain ya nahin aur agar hain to aapka farj banta hai ki jwaab ko doosron pe daalne ki bajaaye, apna aur pani party ka stand clearly bataayen ispe...... warna fir AAP mein aur doosron mein fark hi kyaa hai.... us honesty aur transparency ka kya jiske liye AAP dhindore peetati hai? so plz clear the stand of AAP instead of transferring the question on general!

मेरा एफिलियेशन आप से हे या नही ये मुझे भी नही पता. अभी तक कुछ देसी जाट जैसे भाई कहते हे के मे भाजपा से ज़ुडा हूँ आप ला लो मे आप से ज़ुडा हूँ .खेर मे सिर्फ़ वही बोलता हूँ जो मुझे सही लगता हे.
मेने आपसे प्रशन इसलिए पूछा था क्योंकि
१. खाप एक सामाजिक संस्था हे. इसके बारे मे एक पार्टी का स्पष्ट स्टॅंड रखना बहुत मुस्किल हे.
२. मुझे याद हे के हुड्डा ने खाप की वकालत की थी पर कॉंग्रेस पार्टी का स्टॅंड इसपर क्या हे ?
३. अगर खाप सिर्फ़ समाज सुधार के कार्य करती रहे तो उसके लिए दो राय हो ही नही सकती किसी भी पार्टी की.

जहाँ तक आपके प्रशन के दो टूक जवाब की बात हे तो उसका उतर ये हे के आप का स्टॅंड क्लियर नही हे पर हाँ खाप के खिलाफ केजरीवाल ने कोई ब्यान नही दिया हे.

अब समये आ गया हे के हम जात पात और लोकल मुद्दों से उपर उठके भी देखें. आआप और मोदी दोनो ने ही राजनीति को जात पात से उपर उठा दिया हे

जिस राष्ट्र मे राष्ट्र जैसे भावना नही होती वो राष्ट्र या तो इतिहास के पन्नों में खो जातें हे या वो दूसरों के गुलाम बन जाते हें.
 
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केजरीवाल गैंग ने दो साल तक - - सलमान खुर्शीद पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - राबर्ट वाड्रा पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - रिलायंस के मुकेश अंबानी पर खुलास...ा करके खूब हल्ला मचाया - कपिल सिब्बल पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - शीला दीक्षित पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - सुरेक्ष कलमाड़ी पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया आज जब इनकी सरकार बनी है तो रवैया एकदम सुस्त है बस दिखावे के नाम पर कुछ हजार की रिश्वत लेने वालो को पकड़ रहे है पर हजारो करोड़ खाने वाले आजाद है , असली गुनाहगारो को पकड़ने की जगह लोकलुभावन फैसले करके टाइम पास किया जा रहा है .

Nothing strange to a discerning eye!

This is the Indian political system and AAP is no exception to it.

The difference pointed out is of 'THEN'--out of power outcry of a party

and 'NOW'--the party enjoying power; that too with the blessings of

those whom they considered at that time to be 'corrupt' !
 
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isi thread mein kaafi peechhe Kumar Viswas dvara khaapon pe ki gai bakwas ka jikra hua tha, jara dekhen peechhe ja ke, kyaa wo mangega Khaapon se maafi, jaise muslims sangthanon se maangi? wo AAP ka hi key person hai, in fact founding person. Kejriwal ne usko kyon nahin roka, Kejriwal to khud haryana se hai, Kumar Bakwas nahin janta tha agar Khaps ke baare to Kejri bata sakta tha usko, nahin?



जहाँ तक आपके प्रशन के दो टूक जवाब की बात हे तो उसका उतर ये हे के आप का स्टॅंड क्लियर नही हे पर हाँ खाप के खिलाफ केजरीवाल ने कोई ब्यान नही दिया हे.

 
मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एन&amp

मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एनसीआर, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने:

क्या आम आदमी पार्टी वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरह हरियाणा में भी लोकल स्टूडेंट्स के लिए भिन्न-भिन्न कॉलेज-यूनिवर्सिटीज में आरक्षण करने आ रहे हैं? मुद्दा सही, वोट बटोर सकता है, परन्तु है क्षेत्रवाद और भाषावाद का!

वैसे उत्सुकता तो होती है कि जानूं तो सही कि आये दिन ख़बरें सुनता हूँ कि हरियाणा में आज वहाँ कोई IIT. तो कोई IIM. तो कोई इंजीनियरिंग तो कोई मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी खुली है, क्या मतलब बाढ़ ला रखी है इन संस्थानों की| और खोलने और खुलवाने वाले पीठ थपथाते रहते हैं कि अब हरियाणा में शिक्षा की कमी नहीं रहेगी, हरियाणा नेशनल से इंटरनेशनल एजुकेशन हब बन जायेगा|

लेकिन क्या कोई बता पायेगा कि इनमें हरियाणवियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? शायद कोई "आप" वाला बता दे?

वैसे कुछ भी कहो, अगर ऐसा हुआ तो जो ढींगें मैं हांका करता था कि मेरा हरियाणा सदियों से क्षेत्रवाद और भाषवाद की बीमारी से दूर रहा है, मुझे लगता है ये "आप" वाले हरियाणा को भी उससे दूषित जरूर करेंगे जैसे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से इसकी शुरुवात कर दी है| भारत की जनता सावधान, वो मुम्बई में MSN और शिवसेना तो चल गई थी परन्तु यह देश की राजधानी है, और हरियाणा का दिल है, यहाँ पर भी क्षेत्रवाद फैलने दोगे क्या?

कोई T.V. वाला सुन रहा हो तो इसपे प्रोग्राम करे भाई, मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और NCR, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने|

इनको रोको कोई, क्योंकि यह जाटों का इलाका है ये जब तक शांत होते हैं तो चाहे मख्खी भी नाक चिढ़ाती रहे, कुछ नहीं बोलते लेकिन अगर यहाँ क्षेत्रवाद और भाषवाद की आग एक बार जाटों के दिमागों में चढ़ गई तो फिर यहाँ मुम्बई से कहीं भयंकर मुम्बई होने से कोई नहीं रोक पायेगा| कोई रोके इस आप के इन नापाक इरादों को| यह गलत चीजें भड़का रही है यहाँ|

मैं चिंतित हूँ मेरे प्रदेश के पडोसी प्रदेशों और दूर-प्रदेशों से सदियों से शालीन और सभ्य रहे हमारे हरियाणा के रिश्तों को ले के| और आप वालों ने मुझे इस चिंता में डाल दिया है|

नोट: मेरे लिए वो हर हरियाणवी है जिसके पास हरियाणा का राशन कार्ड है, फिर चाहे वो बिहार का हो, तमिलनाडु का, पंजाब का या खुद नेटिव हरियाणवी हो| - Phool Kumar Malik
 
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जम्मू कश्मीर को स्वतंत्र कराने की पहली चाल


प्रशान्त भूषण के जम्मू कश्मीर पर दिए गए अलगाववादी बयान से पकिस्तान के हौसले बुलंद हो गए हैं. पाकिस्तान चाहता है कि भारत के सभी मुसलमान 'आप' पार्टी को चुनाव में आगे लायें ताकि संसद में भी इसका प्रस्ताव आप पार्टी लाये यह जम्मू कश्मीर को भारत से स्वाधीन करने में पाकिस्तान को बहुत सहायता मिलेगी. इससे कश्मीर की स्वाधीनता का मामला सयुंक्त राष्ट्र संघ में भी पुरजोर ढंग से रखने में पाकिस्तान को सहायता मिलेगी।









 
पाकिस्तान से सूचना आ रही है आप (AAP) के लिये चंदा (donation) जमा करने का उत्तरदायित्व हाफिज सईद ने उठाया है समाचार की सत्यता आप Google पर जाकर " funding from Pakistan for AAP " लिखिए एवं जान लीजिये इस देशभक्त पार्टी की सत्यता।


और ये काम अधिकृत रुप से 17 नवम्बर, 2013 से ही प्रारम्भ किया है पाकिस्तान ने.
 
भाई तू तो घने बड़े लेवेल की सोचज्ञा !! इस भुप्पी आर कांग्रेस ने हरयाने के भीतर ए भीतर क्षेत्रवाद् फैला राख्य ... यकीन ना अवे तो नौकरिया की लिस्ट ठा के देख ले।...... वो ना दीख्य तेने..? AAP ने तो शयद कुछ कर्या भी ना से एबे आर तेने लेख पाथ दिया इतना बड़ा जानु तो वो हथियार supply करन आले हों हरयाने mein .... क्यू हव्वा फैलावे स् .,....

मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एनसीआर, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने:
- Phool Kumar Malik
 
केजरीवाल गैंग ने दो साल तक - - सलमान खुर्शीद पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - राबर्ट वाड्रा पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - रिलायंस के मुकेश अंबानी पर खुलास...ा करके खूब हल्ला मचाया - कपिल सिब्बल पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - शीला दीक्षित पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया - सुरेक्ष कलमाड़ी पर खुलासा करके खूब हल्ला मचाया आज जब इनकी सरकार बनी है तो रवैया एकदम सुस्त है बस दिखावे के नाम पर कुछ हजार की रिश्वत लेने वालो को पकड़ रहे है पर हजारो करोड़ खाने वाले आजाद है , असली गुनाहगारो को पकड़ने की जगह लोकलुभावन फैसले करके टाइम पास किया जा रहा है .

Bilkul sahi. 3 hafte mein kya kuch nahin ho sakta. Baki parties ne to 60 saalon mein kya kuch nahi kar diya corruption ke against.
 
kuen se nikal ke dikhati-dikhati khaai mein to nahin gir sakta ya desh ko girne de sakta na Anil Sangwan! aur fir jinke ghaple-ghotale-shanka-mansha sabko already pata hai, usi lakeer ko peetne se kyaa faaida..... chalte waqt aage dekhna hota hai na, peechhe thode hi..... ye log past mein ja chuke hain, AAP waale aa rahe hain.... baaki past ko discuss karna hai to aap shuru kijiye post, I shall put my views there, but right now I am worried because hum log, "kuen se nikal ke ya kuen se nikaal ke, khaai mein girne waale hain ya gira diye jaane waale hain".... aur mere is view ki support mere har in posts mein aapke saamne hain, jaise ki isi post mein regionalism and lingualism ka mudda..... kyaa aap chahte hain ki kal Haryana, Hindi, Punjabi, Haryanvi, Bihari ya anay kisi languages groups mein bante aur yahaan bhi wahi aag sulge jo MNS aur Shivsena ne Mumbai mein sulgai hui hai.... at least abhi tak hum aise kisi bhi organized hate mission schèmes se bachi hui state hain....but AAP aise steps utha rahi hai jo kal ko humen is aag mein sulga degi!

भाई तू तो घने बड़े लेवेल की सोचज्ञा !! इस भुप्पी आर कांग्रेस ने हरयाने के भीतर ए भीतर क्षेत्रवाद् फैला राख्य ... यकीन ना अवे तो नौकरिया की लिस्ट ठा के देख ले।...... वो ना दीख्य तेने..? AAP ने तो शयद कुछ कर्या भी ना से एबे आर तेने लेख पाथ दिया इतना बड़ा जानु तो वो हथियार supply करन आले हों हरयाने mein .... क्यू हव्वा फैलावे स् .,....
 
isi thread mein kaafi peechhe Kumar Viswas dvara khaapon pe ki gai bakwas ka jikra hua tha, jara dekhen peechhe ja ke, kyaa wo mangega Khaapon se maafi, jaise muslims sangthanon se maangi? wo AAP ka hi key person hai, in fact founding person. Kejriwal ne usko kyon nahin roka, Kejriwal to khud haryana se hai, Kumar Bakwas nahin janta tha agar Khaps ke baare to Kejri bata sakta tha usko, nahin?

भाई मेने देखा पीछे आपने उसको चॅलेंज किया हुआ हे पंजाब केसरी के ज़रिए पर न्यू ना बेरा के उनने बोलया के हे. अगर आप बता दो तो मे मेरी राय बता सकता हूँ.

खेर मेरे लिए कुमार विस्वास आप ना हे हर जिब तक आप कोई औपचारिक टिपनि नही करती मे कुमार विस्वास की बात पे ज़यादा ध्यान ना देता. एक मोटी से बात चाहे कोई भी सरकार आ जाए वो खाप को ख़तम नही कर सकती

रही बात खाप की तो अपनी इज़्ज़त अपने हाथ होती हे काई बार खाप के लोगों ने भी उल जुल्लुल टिपनियाँ करी हे. क्यी खाप के अनुयायी कांग्रेस की चमची मारते नज़्ज़र आ जाएँगे हर गाँधी परिवार का रुख़ तो आपने बेरा ही होगा खाप के प्रति.
 
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Phhol Bhai
Upto some limit regionalism is OK, it is to protect the right of local, it is everywhere in world except India. In case there is too much open then all the Senior and Junior Position in Haryana will be occupied by outsider just like Delhi, then Bihari will favour Bihari for any position in Govt or private sector in Haryana. You will hardly find Haryanavi working high or average position job. Be careful about going too much open.


QUOTE=phoolkumar;355051]मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एनसीआर, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने:

क्या आम आदमी पार्टी वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरह हरियाणा में भी लोकल स्टूडेंट्स के लिए भिन्न-भिन्न कॉलेज-यूनिवर्सिटीज में आरक्षण करने आ रहे हैं? मुद्दा सही, वोट बटोर सकता है, परन्तु है क्षेत्रवाद और भाषावाद का!

वैसे उत्सुकता तो होती है कि जानूं तो सही कि आये दिन ख़बरें सुनता हूँ कि हरियाणा में आज वहाँ कोई IIT. तो कोई IIM. तो कोई इंजीनियरिंग तो कोई मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी खुली है, क्या मतलब बाढ़ ला रखी है इन संस्थानों की| और खोलने और खुलवाने वाले पीठ थपथाते रहते हैं कि अब हरियाणा में शिक्षा की कमी नहीं रहेगी, हरियाणा नेशनल से इंटरनेशनल एजुकेशन हब बन जायेगा|

लेकिन क्या कोई बता पायेगा कि इनमें हरियाणवियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? शायद कोई "आप" वाला बता दे?

वैसे कुछ भी कहो, अगर ऐसा हुआ तो जो ढींगें मैं हांका करता था कि मेरा हरियाणा सदियों से क्षेत्रवाद और भाषवाद की बीमारी से दूर रहा है, मुझे लगता है ये "आप" वाले हरियाणा को भी उससे दूषित जरूर करेंगे जैसे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से इसकी शुरुवात कर दी है| भारत की जनता सावधान, वो मुम्बई में MSN और शिवसेना तो चल गई थी परन्तु यह देश की राजधानी है, और हरियाणा का दिल है, यहाँ पर भी क्षेत्रवाद फैलने दोगे क्या?

कोई T.V. वाला सुन रहा हो तो इसपे प्रोग्राम करे भाई, मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और NCR, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने|

इनको रोको कोई, क्योंकि यह जाटों का इलाका है ये जब तक शांत होते हैं तो चाहे मख्खी भी नाक चिढ़ाती रहे, कुछ नहीं बोलते लेकिन अगर यहाँ क्षेत्रवाद और भाषवाद की आग एक बार जाटों के दिमागों में चढ़ गई तो फिर यहाँ मुम्बई से कहीं भयंकर मुम्बई होने से कोई नहीं रोक पायेगा| कोई रोके इस आप के इन नापाक इरादों को| यह गलत चीजें भड़का रही है यहाँ|

मैं चिंतित हूँ मेरे प्रदेश के पडोसी प्रदेशों और दूर-प्रदेशों से सदियों से शालीन और सभ्य रहे हमारे हरियाणा के रिश्तों को ले के| और आप वालों ने मुझे इस चिंता में डाल दिया है|

नोट: मेरे लिए वो हर हरियाणवी है जिसके पास हरियाणा का राशन कार्ड है, फिर चाहे वो बिहार का हो, तमिलनाडु का, पंजाब का या खुद नेटिव हरियाणवी हो| - Phool Kumar Malik[/QUOTE]
 
Kumar Vishwas ne kyaa kaha tha, uska poora FB ka discussion ka link bhi diya hai maine isi thread mein, aap peechhe ki post check karen....


Khap ki wo definition mat maaniye aap jo media dikhata hai ya kisi kaaranwash aap banaaye baithe hain, apne Jat blood mein janm liya to usse hi aap by default Khap member ban jaate hain..... aur agar aap aisa bhi nahin maante to fir to aap ko Jat identity chhod ke hi isse chhutkara milta hai, kyonki rest of non-jat world aapko Khap se jodega hi agar aap Jat hain to..... vaise maine ispe bhi ek detailed article prepare kiya tha apne bhaiyon ke liye taaki wo jaan saken ki actual mein Khap hai kyaa, usko main e yahaan JL pe bhi dala hua hai, aapke liye link idhar bhi diye deta hu................ http://www.nidanaheights.com/Panchayat.html

aur congress v INLD mein jab tak Hooda aur Chautalas respectively hain to unki taraf se itni to tasslli hai ki wo hamaare is system ko kuchh nahin hone denge, jabki AAP waalon ne to ye kah diya ki hum villages mein bhi Mohlla Sabhas to banayenge but unem opinion making mein dominant community ki nahin sunenge aur Haryana mein kaun dominant community hai I think mujhe aapko bataane ki jaroorat nahin, by default wo hum Jats hi hain......to aap batao itna clear cut hamaare khilaaf khadi hui is party ko kaise support karun main?


भाई मेने देखा पीछे आपने उसको चॅलेंज किया हुआ हे पंजाब केसरी के ज़रिए पर न्यू ना बेरा के उनने बोलया के हे. अगर आप बता दो तो मे मेरी राय बता सकता हूँ.

खेर मेरे लिए कुमार विस्वास आप ना हे हर जिब तक आप कोई औपचारिक टिपनि नही करती मे कुमार विस्वास की बात पे ज़यादा ध्यान ना देता. एक मोटी से बात चाहे कोई भी सरकार आ जाए वो खाप को ख़तम नही कर सकती

रही बात खाप की तो अपनी इज़्ज़त अपने हाथ होती हे काई बार खाप के लोगों ने भी उल जुल्लुल टिपनियाँ करी हे. क्यी खाप के अनुयायी कांग्रेस की चमची मारते नज़्ज़र आ जाएँगे हर गाँधी परिवार का रुख़ तो आपने बेरा ही होगा खाप के प्रति.
 
Brother jab Bihari, aapke-mere kheton mein aa ke kaam karte hain tab to humen iska khatra nahin khada hota? aur fir agar aap itna openly regionalism pe aayenge to kal ko ye saare bhag jayenge yahaan se, fir pata hai aapko ek local farmer ko kitna bojh padega majdoor karne mein..... jaante ho na local castes waalon ke kyaa bhaav hain majdoori ke....??? Arvind Kejriwal ka kyaa jayega, iske to vyapar community hai, jahaan Harayana ki local castes bhi hanste-hanste kaam karegi..... but aap jameen ke jamindar ho aur agar is regionalism and lingualism mein bihari bhaag gaye ya is AAP ke aavesh mein aake humne awaaj buland karke bhaga diye to fir aapki kheton mein khadi faslon ko janwar hi charenge ya khadi-ki-khadi jalaani hongi!


I hope why i am not in favor of this step of AAP, moreover hum itne selfish nahin ho sakte Mumbai waalon ki tarah ki unke yahaan bihari jab tak riksha-auto chalaate rahe to theek, but ab jab unke yahaan technology aa gai, naye saadhan of working aa gaye, travelling aa gaye to inko bhaga diya wahaan se......

halanki main is baat ko le ke bhi utna hi sensitive hu jab ye Bihari-Bengali T.V. anchors baith ke T.V. e-pe jats and khaps pe ull-jullul bakte hain.....regionalism ki ulti hawa chalaate hain, humen dabaane aur badnaam karne ki, so agar aap aur AAP waale kisi type ke regionalism and hate ko khatm karwana chahte hain to usko karwaiye.... koi 1-2 bihari yahaan naukri le bhi lega to itna nuksaan nahin karega, jitne te T.V. ke dabbon waale bihari-bangali karte hain.....



Phhol Bhai
Upto some limit regionalism is OK, it is to protect the right of local, it is everywhere in world except India. In case there is too much open then all the Senior and Junior Position in Haryana will be occupied by outsider just like Delhi, then Bihari will favour Bihari for any position in Govt or private sector in Haryana. You will hardly find Haryanavi working high or average position job. Be careful about going too much open.


QUOTE=phoolkumar;355051]मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एनसीआर, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने:

क्या आम आदमी पार्टी वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरह हरियाणा में भी लोकल स्टूडेंट्स के लिए भिन्न-भिन्न कॉलेज-यूनिवर्सिटीज में आरक्षण करने आ रहे हैं? मुद्दा सही, वोट बटोर सकता है, परन्तु है क्षेत्रवाद और भाषावाद का!

वैसे उत्सुकता तो होती है कि जानूं तो सही कि आये दिन ख़बरें सुनता हूँ कि हरियाणा में आज वहाँ कोई IIT. तो कोई IIM. तो कोई इंजीनियरिंग तो कोई मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी खुली है, क्या मतलब बाढ़ ला रखी है इन संस्थानों की| और खोलने और खुलवाने वाले पीठ थपथाते रहते हैं कि अब हरियाणा में शिक्षा की कमी नहीं रहेगी, हरियाणा नेशनल से इंटरनेशनल एजुकेशन हब बन जायेगा|

लेकिन क्या कोई बता पायेगा कि इनमें हरियाणवियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? शायद कोई "आप" वाला बता दे?

वैसे कुछ भी कहो, अगर ऐसा हुआ तो जो ढींगें मैं हांका करता था कि मेरा हरियाणा सदियों से क्षेत्रवाद और भाषवाद की बीमारी से दूर रहा है, मुझे लगता है ये "आप" वाले हरियाणा को भी उससे दूषित जरूर करेंगे जैसे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से इसकी शुरुवात कर दी है| भारत की जनता सावधान, वो मुम्बई में MSN और शिवसेना तो चल गई थी परन्तु यह देश की राजधानी है, और हरियाणा का दिल है, यहाँ पर भी क्षेत्रवाद फैलने दोगे क्या?

कोई T.V. वाला सुन रहा हो तो इसपे प्रोग्राम करे भाई, मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और NCR, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने|

इनको रोको कोई, क्योंकि यह जाटों का इलाका है ये जब तक शांत होते हैं तो चाहे मख्खी भी नाक चिढ़ाती रहे, कुछ नहीं बोलते लेकिन अगर यहाँ क्षेत्रवाद और भाषवाद की आग एक बार जाटों के दिमागों में चढ़ गई तो फिर यहाँ मुम्बई से कहीं भयंकर मुम्बई होने से कोई नहीं रोक पायेगा| कोई रोके इस आप के इन नापाक इरादों को| यह गलत चीजें भड़का रही है यहाँ|

मैं चिंतित हूँ मेरे प्रदेश के पडोसी प्रदेशों और दूर-प्रदेशों से सदियों से शालीन और सभ्य रहे हमारे हरियाणा के रिश्तों को ले के| और आप वालों ने मुझे इस चिंता में डाल दिया है|

नोट: मेरे लिए वो हर हरियाणवी है जिसके पास हरियाणा का राशन कार्ड है, फिर चाहे वो बिहार का हो, तमिलनाडु का, पंजाब का या खुद नेटिव हरियाणवी हो| - Phool Kumar Malik
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मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और एनसीआर, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने:

क्या आम आदमी पार्टी वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरह हरियाणा में भी लोकल स्टूडेंट्स के लिए भिन्न-भिन्न कॉलेज-यूनिवर्सिटीज में आरक्षण करने आ रहे हैं? मुद्दा सही, वोट बटोर सकता है, परन्तु है क्षेत्रवाद और भाषावाद का!

वैसे उत्सुकता तो होती है कि जानूं तो सही कि आये दिन ख़बरें सुनता हूँ कि हरियाणा में आज वहाँ कोई IIT. तो कोई IIM. तो कोई इंजीनियरिंग तो कोई मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी खुली है, क्या मतलब बाढ़ ला रखी है इन संस्थानों की| और खोलने और खुलवाने वाले पीठ थपथाते रहते हैं कि अब हरियाणा में शिक्षा की कमी नहीं रहेगी, हरियाणा नेशनल से इंटरनेशनल एजुकेशन हब बन जायेगा|

लेकिन क्या कोई बता पायेगा कि इनमें हरियाणवियों के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं? शायद कोई "आप" वाला बता दे?

वैसे कुछ भी कहो, अगर ऐसा हुआ तो जो ढींगें मैं हांका करता था कि मेरा हरियाणा सदियों से क्षेत्रवाद और भाषवाद की बीमारी से दूर रहा है, मुझे लगता है ये "आप" वाले हरियाणा को भी उससे दूषित जरूर करेंगे जैसे कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से इसकी शुरुवात कर दी है| भारत की जनता सावधान, वो मुम्बई में MSN और शिवसेना तो चल गई थी परन्तु यह देश की राजधानी है, और हरियाणा का दिल है, यहाँ पर भी क्षेत्रवाद फैलने दोगे क्या?

कोई T.V. वाला सुन रहा हो तो इसपे प्रोग्राम करे भाई, मैं बिलकुल नहीं चाहता कि मेरा हरयाणा और NCR, भाषावाद और क्षेत्रवाद में सुलगता दूसरा मुम्बई बने|

इनको रोको कोई, क्योंकि यह जाटों का इलाका है ये जब तक शांत होते हैं तो चाहे मख्खी भी नाक चिढ़ाती रहे, कुछ नहीं बोलते लेकिन अगर यहाँ क्षेत्रवाद और भाषवाद की आग एक बार जाटों के दिमागों में चढ़ गई तो फिर यहाँ मुम्बई से कहीं भयंकर मुम्बई होने से कोई नहीं रोक पायेगा| कोई रोके इस आप के इन नापाक इरादों को| यह गलत चीजें भड़का रही है यहाँ|

मैं चिंतित हूँ मेरे प्रदेश के पडोसी प्रदेशों और दूर-प्रदेशों से सदियों से शालीन और सभ्य रहे हमारे हरियाणा के रिश्तों को ले के| और आप वालों ने मुझे इस चिंता में डाल दिया है|

नोट: मेरे लिए वो हर हरियाणवी है जिसके पास हरियाणा का राशन कार्ड है, फिर चाहे वो बिहार का हो, तमिलनाडु का, पंजाब का या खुद नेटिव हरियाणवी हो| - Phool Kumar Malik

म्हैंस और कटड़ा जाट कि जीवन शैली क करीब जुड़े हैं ! आप या केजरीवाल या ओबामा या सोनिया या मोदी ने कुछ नहीं कहा इनके बारे में ! इन्होने कटड़े कि कब्जी तोड़ने क कोई उपाय भी नहीं बताये ! मै इनमे से किसी को वोट नहीं दूंगा ! जिस किसी भी लीडर का इन पर स्टैंड नहीं है , उनका जाट वोट से कोई वास्ता नहीं !
 
Kumar Vishwas ne kyaa kaha tha, uska poora FB ka discussion ka link bhi diya hai maine isi thread mein, aap peechhe ki post check karen....


Khap ki wo definition mat maaniye aap jo media dikhata hai ya kisi kaaranwash aap banaaye baithe hain, apne Jat blood mein janm liya to usse hi aap by default Khap member ban jaate hain..... aur agar aap aisa bhi nahin maante to fir to aap ko Jat identity chhod ke hi isse chhutkara milta hai, kyonki rest of non-jat world aapko Khap se jodega hi agar aap Jat hain to..... vaise maine ispe bhi ek detailed article prepare kiya tha apne bhaiyon ke liye taaki wo jaan saken ki actual mein Khap hai kyaa, usko main e yahaan JL pe bhi dala hua hai, aapke liye link idhar bhi diye deta hu................ http://www.nidanaheights.com/Panchayat.html

aur congress v INLD mein jab tak Hooda aur Chautalas respectively hain to unki taraf se itni to tasslli hai ki wo hamaare is system ko kuchh nahin hone denge, jabki AAP waalon ne to ye kah diya ki hum villages mein bhi Mohlla Sabhas to banayenge but unem opinion making mein dominant community ki nahin sunenge aur Haryana mein kaun dominant community hai I think mujhe aapko bataane ki jaroorat nahin, by default wo hum Jats hi hain......to aap batao itna clear cut hamaare khilaaf khadi hui is party ko kaise support karun main?

Bhai mene pad li va Facebook post par Jat Ke khilaf aisa kya likh diya vo nahi dikha. Baki jo system kisi ek sarkar ka Mohtaj ho vo aaj ya kal to gire hi ga chale kitna hi jor lagalo.
 
पाकिस्तान के कश्मीर मुद्दे के मंत्री ताहिर ने इस्लामाबाद में कहा कि आम आदमी पार्टी के जनमत संग्रह की मांग भारत के आम आदमी की मांग है और उस पर भारत को अपनी अकड़ छोड़ कर कार्यवाही करनी चाहिए। पाकिस्तान में इस मांग के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान भी प्रारंभ हो गया है।

अब अगर यह बात और आगे बढ़ती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? अपनी ही धरती के टुकड़े को ले जनमत संग्रह का बीज बोने वाले "आप" वाले या कोई और......? वाकई में "आप" ऐसे कारनामे कर रही है जो बाकी पार्टियां पिछले 65 सालों में नहीं कर पाई!
 
पाकिस्तान के कश्मीर मुद्दे के मंत्री ताहिर ने इस्लामाबाद में कहा कि आम आदमी पार्टी के जनमत संग्रह की मांग भारत के आम आदमी की मांग है और उस पर भारत को अपनी अकड़ छोड़ कर कार्यवाही करनी चाहिए। पाकिस्तान में इस मांग के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान भी प्रारंभ हो गया है।

अब अगर यह बात और आगे बढ़ती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? अपनी ही धरती के टुकड़े को ले जनमत संग्रह का बीज बोने वाले "आप" वाले या कोई और......? वाकई में "आप" ऐसे कारनामे कर रही है जो बाकी पार्टियां पिछले 65 सालों में नहीं कर पाई!

Needless brouhaha. Pakistan can commence any signature campaign it wants. Doesn't really change anything here.

To solve problems that have remain unsolved for 65 years, one does wonder if unconventional or never before tried tactics are the need of the hour.
 
Needless brouhaha. Pakistan can commence any signature campaign it wants. Doesn't really change anything here.

To solve problems that have remain unsolved for 65 years, one does wonder if unconventional or never before tried tactics are the need of the hour.

Do you subscribe or not to the view as advocated by Prashant Bhushan and'or signature campaigners of Pakistan that there must be plebiscite in Jammu and Kashmir to solve the insurgency and allied problems between India and Pakistan !

Would it solve the problem or further complicate the relations between the two countries !
 
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