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चमार की ससुराल
एक चमार पैदल चलता-चलता सात कोस दूर अपनी ससुराल पहुंच गया । उसकी सास बूझण लागी - "बेटा, पाहयां (पैदल) आया सै के?"
चमार नै जवाब दिया - "ना, पहल्यां चार कोस तै पाहयां चाल्या, पाछै नहर की पटड़ी पै चढ़ लिया" !!
बाद में उसकी साळियों ने उसके साथ मजाक करने की सूझी । रोटी बनाते वक्त आटे में कुछ लोगड़ (रुई) मिला दिया और उसकी रोटियां बना कर उसकी थाली में रख दी । भूखा मरता वो सारी रोटी खा-ग्या । फिर बाद में उसकी एक साली बोली - " देख हे, यो तै लोगड़ नै बी खा-ग्या" । दूसरी बोली - "मरै सै भूखा, यो तै सौड़ नै बी खा ज्यागा !!
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चमार की ससुराल
एक चमार पैदल चलता-चलता सात कोस दूर अपनी ससुराल पहुंच गया । उसकी सास बूझण लागी - "बेटा, पाहयां (पैदल) आया सै के?"
चमार नै जवाब दिया - "ना, पहल्यां चार कोस तै पाहयां चाल्या, पाछै नहर की पटड़ी पै चढ़ लिया" !!
बाद में उसकी साळियों ने उसके साथ मजाक करने की सूझी । रोटी बनाते वक्त आटे में कुछ लोगड़ (रुई) मिला दिया और उसकी रोटियां बना कर उसकी थाली में रख दी । भूखा मरता वो सारी रोटी खा-ग्या । फिर बाद में उसकी एक साली बोली - " देख हे, यो तै लोगड़ नै बी खा-ग्या" । दूसरी बोली - "मरै सै भूखा, यो तै सौड़ नै बी खा ज्यागा !!
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