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चटोरा ताऊ
ताऊ बदले के बारे में मैं पहले भी अपने दो धागों में लिख चुका हूँ (ताऊ बदले की करामात और Dharti ke Lal ). पुराने धागों पर ताला लग चुका है, वर्ना शायद यह नई याद आई बात वहीं लिखता ।
ताऊ बदले बातूनी होने के साथ-साथ चटोरा भी है । एक बार की बात । बदले के लड़के की बहू ने मूली आधी खा कर अनाज के ठेके पर रख दी । कुछ देर बाद जब बदले घर आया तो उसने मूली वहां रखी देखी और उसे उठा कर खाने लगा। उसका पाँच साल का पोता यह देख कर बोला - "दादा, या मूळी मत खा - मेरी मां नै झूठी कर राखी सै" ।
ताऊ बदले ने पलट कर जवाब दिया - "तेरी मां इस ठेके पै जीभ ला देगी तै हम कोए भूखे मरते रहवांगे?"
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चटोरा ताऊ
ताऊ बदले के बारे में मैं पहले भी अपने दो धागों में लिख चुका हूँ (ताऊ बदले की करामात और Dharti ke Lal ). पुराने धागों पर ताला लग चुका है, वर्ना शायद यह नई याद आई बात वहीं लिखता ।
ताऊ बदले बातूनी होने के साथ-साथ चटोरा भी है । एक बार की बात । बदले के लड़के की बहू ने मूली आधी खा कर अनाज के ठेके पर रख दी । कुछ देर बाद जब बदले घर आया तो उसने मूली वहां रखी देखी और उसे उठा कर खाने लगा। उसका पाँच साल का पोता यह देख कर बोला - "दादा, या मूळी मत खा - मेरी मां नै झूठी कर राखी सै" ।
ताऊ बदले ने पलट कर जवाब दिया - "तेरी मां इस ठेके पै जीभ ला देगी तै हम कोए भूखे मरते रहवांगे?"
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