Chhoti si kahani

malikdeepak1

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एक कहनी याद आ गयी छोटी सी मेरे | मेरी दादी सुनाया करती |​

एक बर एक लोमड़ी ने घनी तस लाग रही थी |

वा पानी दूंडती होड़ एक जोहड़ पे प्होचगी | उड़े एक गादड़ बैठ्या था जोहड़ के कन्त्ठारे, चोंतरे पै | वो लोमड़ी ने पाणी पीवन देन ते नाट गया | न्यू बोल्या के पहलम न्यू कह अक "चांदी का तेरा चोंतरा जणु सोना लीप्या से... काना मै तेरे गोखले जणु राजा बैठ्या सै"
जब पानी पीवन द्यूंगा |
लोमड़ी बोली के तसायी का बोल ना लिकड़ता, तू पाणी पी लेन दे, फेर जो कह्गा वो कह द्युंगी |​
गादड़ मान गया |
इब लोमड़ी पाणी पी केने बोल चपाकी चाल पड़ी | गादड़ मार के रुक्का बोल्या के "वे बचन तो कह ज्या!! "​

लोमड़ी माड़ी सी आगे ने सरक केने बोली "गोबर का तेरा चोंतरा जणु गुह का लिप्या से... काना मै तेरे खोंसड़े जणु ढेड बैठ्या सै!!" ;)
अर डांक मारी लोमड़ी ने| :rock​






PS : ​

१. हो सके सै किसे ने और दूसरा वर्जन सुन राख्या हो | अपनी ने न्यारी लिख दियो कदे ईह्के आंगली करो !! ​

२. मोड्या ने जे यु तागा "टेमपास" मै लागे तो उड़े बगा दियो |

3. तीसरा एवं महतवपूर्ण PS : "अर जिसके पुन्झडी लान की खाज जागे वो भी मटे लियो अपणी !!"​


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Last edited:
Deepak bhai ya kahani mera dada sunaya karta ar eeb b jad kade uste kahani sunaan ne kah do to ya e sunaya kare yahan padh k jee sa aa gaya bhai...:rock
 
Bhai remind karwa di kahani kayi din hoge the sune .... PS ke saath-saath moral bhi chhaap deta .. :)


bhai shivam nyu kahya kare, "roti khate time pet me itni jagah raakh leni chaiye ak koi kuch khaan ka lee aave roti khaye piche to us khatir jagah bachi rahve". "Baaki samjh to tu gya e hoga" :rock
 
"Baaki samjh to tu gya e hoga"


इह के कई दिना पाछे समझ में आवेगी | इतने बिच्ल्या हंडे जावेगा |
 
ऐसा क्यूँ रविंदर भाई .... थारे भी कई दिन में आवे थी के समझ में पहलम .....और समझदार होते ही .. सरकारी नोकरी छोड़ दी .. :d
 
ऐसा क्यूँ रविंदर भाई .... थारे भी कई दिन में आवे थी के समझ में पहलम .....और समझदार होते ही .. सरकारी नोकरी छोड़ दी .. :d

किम्मे कह ले इब्ब , बाकी " तू समझ ते गया-ए होगा "
 
गादड़ नै जी सा आवै था लाग्गै साम्ही वाळे पै अपणी झूठी बड़ाई करवाण मैं...पर लोमड़ी के आग्गै कित पार बसावै थी उसकी...जमा कसाई लिकड़ी...मरीबटी पानी
भी पी गी अर गादड़ नै धो भी गई...
 
हा हा हा हा हा हा भिघन्न post

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एक कहनी याद आ गयी छोटी सी मेरे | मेरी दादी सुनाया करती |​

एक बर एक लोमड़ी ने घनी तस लाग रही थी |

वा पानी दूंडती होड़ एक जोहड़ पे प्होचगी | उड़े एक गादड़ बैठ्या था जोहड़ के कन्त्ठारे, चोंतरे पै | वो लोमड़ी ने पाणी पीवन देन ते नाट गया | न्यू बोल्या के पहलम न्यू कह अक "चांदी का तेरा चोंतरा जणु सोना लीप्या से... काना मै तेरे गोखले जणु राजा बैठ्या सै"
जब पानी पीवन द्यूंगा |
लोमड़ी बोली के तसायी का बोल ना लिकड़ता, तू पाणी पी लेन दे, फेर जो कह्गा वो कह द्युंगी |​
गादड़ मान गया |
इब लोमड़ी पाणी पी केने बोल चपाकी चाल पड़ी | गादड़ मार के रुक्का बोल्या के "वे बचन तो कह ज्या!! "

लोमड़ी माड़ी सी आगे ने सरक केने बोली "गोबर का तेरा चोंतरा जणु गुह का लिप्या से... काना मै तेरे खोंसड़े जणु ढेड बैठ्या सै!!" ;)
अर डांक मारी लोमड़ी ने| :rock






PS :

१. हो सके सै किसे ने और दूसरा वर्जन सुन राख्या हो | अपनी ने न्यारी लिख दियो कदे ईह्के आंगली करो !!

२. मोड्या ने जे यु तागा "टेमपास" मै लागे तो उड़े बगा दियो |

3. तीसरा एवं महतवपूर्ण PS : "अर जिसके पुन्झडी लान की खाज जागे वो भी मटे लियो अपणी !!"​


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