bajrangdussad
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एक बार की बात है हरियाने में बाढ़ आ गी ते
ताऊ अपना होका ठा के एक टीले पे जा कर
बैठ गया,हुक्का पीवे अर बाढ़ के नजारे लेन
लाग रह्या,ताऊ न देखा कोए आपणी भैंश
खोल के ले जान लाग रह्या है अर कोए
अपनी पीठ पे नाज़ की बोरी ठा ऐ भाज
रह्या है ,अर कोए आपणी सुन्दुकड़ी ने सिर पे
ले ऐ चाल रह्या है ,अर कोए
कपड़ा की गठरी ठा ऐ भाज रह्या है ,सब बोझ
तले दब रहे अर सारे सुखी जमीन ढुंढते फिरन
लाग रे
ताऊ यो सारे हाल चाल देख के न राम की और
देख केबोल्या --राम
जी यो साला टोटा भी इबे काम आया,ना ते मै
भी मर जाता बोझ तले ..:nonchalance::topsy_turvy::suspicion::topsy_turvy::suspicion::topsy_turvy:

ताऊ अपना होका ठा के एक टीले पे जा कर
बैठ गया,हुक्का पीवे अर बाढ़ के नजारे लेन
लाग रह्या,ताऊ न देखा कोए आपणी भैंश
खोल के ले जान लाग रह्या है अर कोए
अपनी पीठ पे नाज़ की बोरी ठा ऐ भाज
रह्या है ,अर कोए आपणी सुन्दुकड़ी ने सिर पे
ले ऐ चाल रह्या है ,अर कोए
कपड़ा की गठरी ठा ऐ भाज रह्या है ,सब बोझ
तले दब रहे अर सारे सुखी जमीन ढुंढते फिरन
लाग रे
ताऊ यो सारे हाल चाल देख के न राम की और
देख केबोल्या --राम
जी यो साला टोटा भी इबे काम आया,ना ते मै
भी मर जाता बोझ तले ..:nonchalance::topsy_turvy::suspicion::topsy_turvy::suspicion::topsy_turvy: