डॉ कर्मैन्द्र जी,
या तो बहोत अच्छी जानकारी दी आपने. आप ज्ञान तै सारा md वाला भी ले रहे सो! मै तै न्यू कहू था अक गंभीर बिमारिया के टीके तै बण लिए/उपलब्ध सै, उनमे तै कुछ सुधार की हे जरूरत रह रही होगी मेरे ख्याल तै तो? सुणा सै कै अमरिका मै कुछ संस्थान सै fda/nih वे जमा बीमारिया का तौड़ पाड़-पाड़ कै सुए/दवाई बणाया करै इलाज के भी आर बचाव के भी.
म्हारे अडै भी इसे ढ़ाळ संस्थान बताये icmr/csir आदि. आपने नै तो जरूर बेरा होगा इसी चीज्या का. मक़ा वे ठाली बैठे कीमे इसी चीज़ बना दे आर 10-20 रुपिया मै बेच दे तो जनता का कीमे भला हो ज्या. ये डाक्टर टीवी पै आ कै कह गे अक बचाव करना चाहिए, इब स्कूल/कोलेज, बस, दफ्तर मै माणस कितना के बचाव कर ले? भाई मै चिकित्सा क्षेत्र का माणस तै सु कौन्या, कदे आप घणे विस्तार मै चले जाओ ना.
पर भाई ये मौसमी बीमारी बेरा ना कितणे का नुक्सान करती होंगी. माणस नै काम छोड़ना पडै, दुःख पावै, और डाक्टर दवाईया का खर्चा अलग तै.