dada ka hukka

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hoodarajesh

Guest
दादा का हुक्का
बचपन में बहुत अच्छा लगता था उसको दादा का हुक्का
दूसरे भाई से चिलम छिनकर कहता मैं भरूँगा दादा का हुक्का
आई जवानी तो अखरने लगा फ़िर दादा का हुक्का
बच के लिकलने लगा सोचा क्यों भरू मैं दादा का हुक्का
ब्याह हुआ जब बीवी घर में आई
दादा की हुक्का चिलम बाहर लगाई
बाहर ही दादा हुक्का गुड गुडाने लगा
जो बचे हुए थे वो दिन बिताने लगा
धीरे धीरे उसको दादा का तम्बाखू भी भारी पड़ने लगा
दो पात तम्बाखू रख देता फ़िर ये होश्यारी करने लगा
बच्चा हुआ तब लोग बोले परपोता हो गया अब किस बात से डरते हो
दादा देखने गया तो बीवी ने मना कर दिया की तुम धुमर्पान करते हो
धुमर्पान से हो जायेगी बच्चे को परेशानी
तुम तो मरने वाले हो हडियो की निशानी
हुक्का बेच दिया कबाडी में दादा को कर दिया बैन
रात को नींद ना आती दादा रहने लगा बेचैन
बेचैनी में ही दादा एक दिन गुजर गया
बीवी हुई खुश की चलो बुड्डा तो मर गया
खामोश घर रहता है अब कोई नही बड बड़ाय्र्गा
इस सुने आँगन में अब दादा का हुक्का नही गुड गुडा ऐ गा
 
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वाह राजेश !

कोई याद न करता उस बूढ़े को, सब तरफ छाया है मौन ।
बस, वो बच्चा याद करता दादा को, पर उसकी सुनता कौन ?



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Heart Touching
Rajesh ji mujhe dar lagee se kahi ye hukke or chaupal atit ki batte na ban jayen.

Ye cigrette bhi lelo ye bidi bhi lelo
magar mujhko lota do vo dada ka hukka
vo dadi ki hokti
vo dada ka chupke se hukka pilana
vo mummi ka dekhna or dadi se ladna jhagdna.............
 
Last edited:
ek saach jo aurton ko kadva lagta hai humesha..

जिनको दादा जी मिले हैं वो समझते नहीं
जिनको नही मिले हैं वो तरसते हैं एक अदद दादा जी को
जब घर में कोई बुजुर्ग दादा जी नहीं होते हैं , कितना अखरता है उनकों, ये उन से पूछो जिन्हें दादा जी का वो निस्वार्थ प्यार नही मिला, जो तरसते ही रह गये, दादा जी के उस निश्चल प्यार के लिए.
मैं यह हमेशा महसूस करती हूँ, जब मेरी बेटी बोलती हैं माँ मेरे दादाजी क्यों नही हैं ?
 
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वाह राजेश !

कोई याद न करता उस बूढ़े को, सब तरफ छाया है मौन ।
बस, वो बच्चा याद करता दादा को, पर उसकी सुनता कौन ?


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बिल्कुल सही बात है देसवाल साहब ---

ग़लत सोच होती है उनकी जो सोचते है बच्चो से आँगन भरता है .
आँगन भरा हुआ जभी अच्छा लगता है जब दादा का हुक्का गुड गुड करता है
 
जिनको दादा जी मिले हैं वो समझते नहीं
जिनको नही मिले हैं वो तरसते हैं एक अदद दादा जी को
जब घर में कोई बुजुर्ग दादा जी नहीं होते हैं , कितना अखरता है उनकों, ये उन से पूछो जिन्हें दादा जी का वो निस्वार्थ प्यार नही मिला, जो तरसते ही रह गये, दादा जी के उस निश्चल प्यार के लिए.
मैं यह हमेशा महसूस करती हूँ, जब मेरी बेटी बोलती हैं माँ मेरे दादाजी क्यों नही हैं ?


Yes Anjliji, Its 100% true... I am missing my grandpa a lot, I never seen him [:(]
 
बिल्कुल सही बात है देसवाल साहब ---

ग़लत सोच होती है उनकी जो सोचते है बच्चो से आँगन भरता है .
आँगन भरा हुआ जभी अच्छा लगता है जब दादा का हुक्का गुड गुड करता है

Rajesh bhai saab .... its ultimate. Badalte parivesh mein sab badal raha hai. Development development ... pata nahi kya mil raha hai ... par aadmi iske peechey kho bahut kuch raha hai ... chahte hue ya bina chahe ....

Ek bhai ne upar kaha ki kahin ye ateet ki batein na ho jaen ... bhai bus 10 ek sal aur ...
 
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