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I have been reading some threads regarding Cma Sndhu and the ‘ban’ business. In a hurry, I have attempted this running poem. No offence to anyone – for reading pleasure only !!
http://www.jatland.com/forums/member.php?u=13058
सीमा, ए सीमा !
तू ठहरी एक पत्रकार, तेरे काम की नहीं कोई सीमा
पर तू है एक जाटणी भी और एक 'जाटलैंडर' भी !
सो, यहां तूने सारे रिकार्ड तोड़े -
पर सिर तो किसी के नहीं फोड़े !
तू बनी जाटलैंडर कुछ दिन पहले ही
पर इस मैदान में इतनी जल्दी 'रन' बना लिये 1120
कितना अच्छा स्कोर !
यानि एक ओवर में 6.30 का रन-रेट !!
इतना अच्छा स्कोर तो मैं भी कभी न बना सका !
तूने खूब चौके और छक्के मारे
तेरे लिखे धागे भी कोई कच्चे धागे न थे -
खूब पढ़े गए सारे ।
तुझे शायद हिन्दी से थी कुछ 'अलर्जी'
पर वो तो तेरी मर्जी, इसमें कुछ न थी खुदगर्जी
पर देखो न, मुझे पता होते हुए भी कि
सीमा को है मेरी हिन्दी पोस्ट से अलर्जी -
मैं क्यूं लिख रहा हूं यह हिन्दी पोस्ट ?
मेरी मर्जी !!
उम्मीद है तू यह सब पढ़ रही होगी -
आउट होने के बाद भी - बेशक जवाब न सके तू
कई छक्के मारे, कई बाउलरों को दी मात
वे कर नहीं सके तुझे आउट !
पर देख सीमा - यह दुनिया है
हमारे जाटलैंड की दुनिया -
और पगली, दुनिया तो दुनिया है !
शेक्सपीयर वाली बात - यह दुनिया एक रंगमंच है
और हम सब इसमें काम करने वाले कलाकार -
अपना-अपना काम करो और रुख्सत हो जाओ यहां से
इसमें भी - कभी न कभी आउट तो होना ही पड़ता है
सुना है तुझे 'आउट' भी किया तो एक जाटणी ने ही ।
मत हो निराश - याद रख वही ताऊ वाली बात
घरवाले अगर डांटें, तो भी प्यार से ही डांटते हैं
पर कोई बात नहीं, तू निराश न हो -
भला वो खिलाड़ी भी क्या जो कभी आउट न हो
वो लीडर भी क्या जो कुछ दिन 'हाउस-अरैस्ट' न हो
वो पार्टी-नेता भी क्या जिस पर 'वाक-आउट' न हो
वो पत्रकार भी क्या जिस की पोस्ट पर 'डाउट' न हो
तुझे जाटलैंड से बहुत थी आस
एक अच्छे दूल्हे की भी तुझे है तलाश -
शायद इसीलिए एक 'मैट्रिमोनियल' डाला जाटलैंड पर
भगवान तेरी इच्छा जरूर पूरी करे -
और तुझे मिले एक अच्छा जीवन-साथी ।
और फिर तू वापस आये यहां उसी धूम-धड़ाके से
और फिर बनाये रन
यह भी है एक फन !!
अंधेरी रात बीती, हो गई भोर -
भाई सरपंचो (और सरपंचनियो)
जरा करना कुछ गौर !
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I have been reading some threads regarding Cma Sndhu and the ‘ban’ business. In a hurry, I have attempted this running poem. No offence to anyone – for reading pleasure only !!
http://www.jatland.com/forums/member.php?u=13058
सीमा, ए सीमा !
तू ठहरी एक पत्रकार, तेरे काम की नहीं कोई सीमा
पर तू है एक जाटणी भी और एक 'जाटलैंडर' भी !
सो, यहां तूने सारे रिकार्ड तोड़े -
पर सिर तो किसी के नहीं फोड़े !
तू बनी जाटलैंडर कुछ दिन पहले ही
पर इस मैदान में इतनी जल्दी 'रन' बना लिये 1120
कितना अच्छा स्कोर !
यानि एक ओवर में 6.30 का रन-रेट !!
इतना अच्छा स्कोर तो मैं भी कभी न बना सका !
तूने खूब चौके और छक्के मारे
तेरे लिखे धागे भी कोई कच्चे धागे न थे -
खूब पढ़े गए सारे ।
तुझे शायद हिन्दी से थी कुछ 'अलर्जी'
पर वो तो तेरी मर्जी, इसमें कुछ न थी खुदगर्जी
पर देखो न, मुझे पता होते हुए भी कि
सीमा को है मेरी हिन्दी पोस्ट से अलर्जी -
मैं क्यूं लिख रहा हूं यह हिन्दी पोस्ट ?
मेरी मर्जी !!
उम्मीद है तू यह सब पढ़ रही होगी -
आउट होने के बाद भी - बेशक जवाब न सके तू
कई छक्के मारे, कई बाउलरों को दी मात
वे कर नहीं सके तुझे आउट !
पर देख सीमा - यह दुनिया है
हमारे जाटलैंड की दुनिया -
और पगली, दुनिया तो दुनिया है !
शेक्सपीयर वाली बात - यह दुनिया एक रंगमंच है
और हम सब इसमें काम करने वाले कलाकार -
अपना-अपना काम करो और रुख्सत हो जाओ यहां से
इसमें भी - कभी न कभी आउट तो होना ही पड़ता है
सुना है तुझे 'आउट' भी किया तो एक जाटणी ने ही ।
मत हो निराश - याद रख वही ताऊ वाली बात
घरवाले अगर डांटें, तो भी प्यार से ही डांटते हैं
पर कोई बात नहीं, तू निराश न हो -
भला वो खिलाड़ी भी क्या जो कभी आउट न हो
वो लीडर भी क्या जो कुछ दिन 'हाउस-अरैस्ट' न हो
वो पार्टी-नेता भी क्या जिस पर 'वाक-आउट' न हो
वो पत्रकार भी क्या जिस की पोस्ट पर 'डाउट' न हो
तुझे जाटलैंड से बहुत थी आस
एक अच्छे दूल्हे की भी तुझे है तलाश -
शायद इसीलिए एक 'मैट्रिमोनियल' डाला जाटलैंड पर
भगवान तेरी इच्छा जरूर पूरी करे -
और तुझे मिले एक अच्छा जीवन-साथी ।
और फिर तू वापस आये यहां उसी धूम-धड़ाके से
और फिर बनाये रन
यह भी है एक फन !!
अंधेरी रात बीती, हो गई भोर -
भाई सरपंचो (और सरपंचनियो)
जरा करना कुछ गौर !
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