शुक्रवार की दोपहर जब जज ने 'दामिनी' के चार गुनहगारों को सजा-ए-मौत दी तो एक गुनहगार रोने लगा था, कोर्ट रूम के बाहर पुलिसकर्मी भी खुश हो गए और घटना की जांच करने वाले एक अधिकारी ने तो पत्रकार को गले लगा लिया। लेकिन इस मामले में तीन साल की सजा पा चुका नाबालिग दोषी अलग ही धुन में था। वह उत्*तर दिल्*ली के विशेष केंद्र में अपने एक प्रशिक्षक के साथ था। साकेत कोर्ट में फैसला आने के करीब आधे घंटे बाद जब एक अफसर नाबालिग कैदी को देखने गया तो उसे टीवी देखते पाया। लेकिन अफसर जैसे ही उसके कमरे में दाखिल हुआ, नाबालिग लड़के ने चैनल बदल दिया और गोविंदा की फिल्*म देखने लगा।