kavita by ND Deswalji....
Thanks to Goyat, Jyoti and others
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राज मलिक की कविता पढ़कर मेरे कवि हृदय ने ली अंगड़ाई ।
भाई, ज्योति जी का सब करो शुक्रिया सारे लोग-लुगाई ।
उसकी पहल, मेहनत-हिम्मत और लगन देखो आज रंग लाई ।
मुझे खुशी हुई संजीत से मिलकर, उसके चुटकुलों की याद आई ।
स्मृति, सीमा, अनू, सुनीता की मुस्कान भी मन को भाई ।
कोयल की मधुर मीठी आवाज सबके कानों को पड़ी सुनाई ।
दूर की ही दोस्ती थी पहले, कई भाईयों की न देखी थी परछाई ।
इस मीटिंग में जाकर चेहरे भी देखे और आवाज भी दी सुनाई ।
चहल जी की 'पर्सनेलिटी', हुड्डा जी की सेहत का क्या राज है भाई ?
नवीन, खुशी, देव, दर्शना के हुए दर्शन, दिल में ठंडक आई ।
विनय सिवाच की मिक्स हिन्दी-अंग्रेजी में थी काफी गहराई ।
छोटूराम से लेकर आज तक की सच्चाई देव जी ने बताई ।
भारती ने भी रोल किया मास्टरनी का, सबकी 'Intro' करवाई ।
मैने कहा मैडम, इन नए लड़कों के धागों की मत किया करो छंटाई ।
ये मेरे चेले हैं, हौंसला दो इनको - यही हैं भविष्य की परछाई ।
नहीं तो मैं एक लिखूंगा धागा - और करूंगा आपकी टांग-खिंचाई !
सुनील काद्याण थे मेरे कायल - कि मैंने काद्याण खाप पर की थी लिखाई ।
रवि, आवेश, अमित, सतेन्द्र, संजीत ने भी महफिल खूब थी सजाई ।
शैलेन्द्र भाई साहब के आते ही सभा में अलग सी रौनक छाई ।
फोटो सेशन हुआ सबका, खाया-पीया, स्वाद से जीभ लपलपाई ।
जीत, मुकेश, रवि और 'राक्का' खिसक लिए, फिर शक्ल न दिखाई ।
शाम को इन्होंने की होगी गुड़गामें में पार्टी, पर पूरी बात न बताई ।
मैं गया सबसे बाद में - ज्योति ने फिर कुछ पेश की थी मिठाई ।
धन्यवाद किया उनका - अगली DJM की यहीं की प्लान बनाई !!
Thanks to Goyat, Jyoti and others
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राज मलिक की कविता पढ़कर मेरे कवि हृदय ने ली अंगड़ाई ।
भाई, ज्योति जी का सब करो शुक्रिया सारे लोग-लुगाई ।
उसकी पहल, मेहनत-हिम्मत और लगन देखो आज रंग लाई ।
मुझे खुशी हुई संजीत से मिलकर, उसके चुटकुलों की याद आई ।
स्मृति, सीमा, अनू, सुनीता की मुस्कान भी मन को भाई ।
कोयल की मधुर मीठी आवाज सबके कानों को पड़ी सुनाई ।
दूर की ही दोस्ती थी पहले, कई भाईयों की न देखी थी परछाई ।
इस मीटिंग में जाकर चेहरे भी देखे और आवाज भी दी सुनाई ।
चहल जी की 'पर्सनेलिटी', हुड्डा जी की सेहत का क्या राज है भाई ?
नवीन, खुशी, देव, दर्शना के हुए दर्शन, दिल में ठंडक आई ।
विनय सिवाच की मिक्स हिन्दी-अंग्रेजी में थी काफी गहराई ।
छोटूराम से लेकर आज तक की सच्चाई देव जी ने बताई ।
भारती ने भी रोल किया मास्टरनी का, सबकी 'Intro' करवाई ।
मैने कहा मैडम, इन नए लड़कों के धागों की मत किया करो छंटाई ।
ये मेरे चेले हैं, हौंसला दो इनको - यही हैं भविष्य की परछाई ।
नहीं तो मैं एक लिखूंगा धागा - और करूंगा आपकी टांग-खिंचाई !
सुनील काद्याण थे मेरे कायल - कि मैंने काद्याण खाप पर की थी लिखाई ।
रवि, आवेश, अमित, सतेन्द्र, संजीत ने भी महफिल खूब थी सजाई ।
शैलेन्द्र भाई साहब के आते ही सभा में अलग सी रौनक छाई ।
फोटो सेशन हुआ सबका, खाया-पीया, स्वाद से जीभ लपलपाई ।
जीत, मुकेश, रवि और 'राक्का' खिसक लिए, फिर शक्ल न दिखाई ।
शाम को इन्होंने की होगी गुड़गामें में पार्टी, पर पूरी बात न बताई ।
मैं गया सबसे बाद में - ज्योति ने फिर कुछ पेश की थी मिठाई ।
धन्यवाद किया उनका - अगली DJM की यहीं की प्लान बनाई !!