rakeshsehrawat
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एक बार एक जाट रिश्तेदारी में गया
साँझ होई तो उसका रिश्तेदार बोल्या चलो चौधरी साहब खेता में हंडा के लयों आपने
उसने सोची के जादा हो रहया है रिश्तेदार खेत में कान ताते करवांदा होगा फेरया मुछ्या पे हाथ आर गेल हो लिया
इब रिश्तेदार उसने खेता कानी ले गया आर बोल्या जी ये म्हारे खेत ये मेरे ताऊ के ये फलाने के ये धाकडे के
इनके यो है इनके वो है काम की बात कटी नही करी
फेर वो बोल्या जी थोड़ा आगे म्हारी कुई है कोठदा भी है चलो उडे चलेंगे
इब वो फेर राजी हो गया की इसने कुई पे धर राख्या होगा कीमे
पर के पाना था चार पॉँच किलोमीटर की गेडी मरी अर घर लय छोड्या
उसके तो पककी मन में आ ली थी उसने एक Chora बुलाया दस रपिये दिए एक पव्वा मंगवाया अर मार के बैठ गया बोलबाला रोटी पानी होया अर दो चार आ के बैठ गए हुक्के पे
इब उसके हुक्के की घुट मार के सरुर हो गया वो हुक्का हाथ में लिए लिए झुलले
उसका रिश्तेदार बोल्या छोड़ दयो चौधरी साहब इसने के खाओगे???
वो बोल्या " ओ सगार चुप रह तेरे भरोसे तो नरे गंठ्या के पप्डे के खाने थे यो तो दस रापिया का कमाल है "
साँझ होई तो उसका रिश्तेदार बोल्या चलो चौधरी साहब खेता में हंडा के लयों आपने
उसने सोची के जादा हो रहया है रिश्तेदार खेत में कान ताते करवांदा होगा फेरया मुछ्या पे हाथ आर गेल हो लिया
इब रिश्तेदार उसने खेता कानी ले गया आर बोल्या जी ये म्हारे खेत ये मेरे ताऊ के ये फलाने के ये धाकडे के
इनके यो है इनके वो है काम की बात कटी नही करी
फेर वो बोल्या जी थोड़ा आगे म्हारी कुई है कोठदा भी है चलो उडे चलेंगे
इब वो फेर राजी हो गया की इसने कुई पे धर राख्या होगा कीमे
पर के पाना था चार पॉँच किलोमीटर की गेडी मरी अर घर लय छोड्या
उसके तो पककी मन में आ ली थी उसने एक Chora बुलाया दस रपिये दिए एक पव्वा मंगवाया अर मार के बैठ गया बोलबाला रोटी पानी होया अर दो चार आ के बैठ गए हुक्के पे
इब उसके हुक्के की घुट मार के सरुर हो गया वो हुक्का हाथ में लिए लिए झुलले
उसका रिश्तेदार बोल्या छोड़ दयो चौधरी साहब इसने के खाओगे???
वो बोल्या " ओ सगार चुप रह तेरे भरोसे तो नरे गंठ्या के पप्डे के खाने थे यो तो दस रापिया का कमाल है "
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