Extra marital affairs in society

कसुती discussion बिठा राखी हे आजकल जाटलैंड पे. एक त एक चढ़ दा तागा, कुन्सा पढ़े कुन्सा छोड़े
 
V. P. Singh Ji, though I had written 'I think' in my related post,




It is a fact that on mostly occasions it is man who seduces a woman and not vice versa. Women try to do all those things what men do (be it having more than one sex partner or whatever). It proves that women follow the men. When a girl is taken to some place to have 'enjoyment of life', then on mostly occasions she protests, but when the 'real pig' insists then she surrenders. So, I was serious and I was not joking. It is the reality. You agree or not, it is upto you.

Upender, I have nowhere indicated my agreement or disagreement to your views. I just wanted to have a clarification for better understanding. In fact, I enjoy your free, frank and fearless style which always causes a kind of "Bhadak" and you know "Bhadak" is a sign of life within us;) Keep it up Uppu and chill.

PS: Uppu don't get swayed by any HEADLESS MORON as some people are always in search of opportunity of fanning the fire to settle their own scores. Please accept my post-dated like buttons to 75% OF YOUR POSTS in one go.;):rock:)
 
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कसुती discussion बिठा राखी हे आजकल जाटलैंड पे. एक त एक चढ़ दा तागा, कुन्सा पढ़े कुन्सा छोड़े
ek va film dekhi hogi, love, sex and dhokha ? va ae story se aade. in 3 topic pe koye thread chaal pado, kood - kood pade hain log -baag post karan khaaatar :D
 
ek va film dekhi hogi, love, sex and dhokha ? va ae story se aade. in 3 topic pe koye thread chaal pado, kood - kood pade hain log -baag post karan khaaatar :D

Aaj kaal ke to buddhey ghane bigadd re sein..... sabb kyahein ne maaf karein sein........... desh mein ho chahe baahar...
 
Aaj kaal ke to buddhey ghane bigadd re sein..... sabb kyahein ne maaf karein sein........... desh mein ho chahe baahar...

Le bhai Leele.....Teri baat official kar dyun hoo.....
[h=1]Now, senior citizens look for love and live-ins[/h]
Now, senior citizens look for love and live-insLive-in relationships, popular among youngsters who want to check compatibility with their partners before marriage, has found favour with the elderly as well.

The first-ever public function to help 50-plus men and women from across India find live-in companions will be held on November 20 at Mehndi Nawaz Jung Hall in Ahmedabad. Organizer Natubhai Patel, who runs Vina Mulya Amulya Sewa, an organization created to help arrange marriages of lonely senior citizens in the country, says the concept of live-in relationships has interested a lot of elderly, who are shy of getting married again fearing legal wrangles and succession disputes. Also, many seniors are wary of being stuck with an incompatible partner in old age.

"Of the 3,000-odd applications, nearly 1,000 prefer finding a live-in partner who will keep them company without inviting social and legal complications associated with marriage. Most women still prefer marriage but many say they are fine with live-in companions if they provide them financial security," Patel said.

Asha Pandya, a 51-year divorcee in Vejalpur, is keen to find a partner with whom she can live to the fullest, watching movies, eating out and travelling. "Once bitten, twice shy, I do not want to get into a marriage without knowing if my relationship with the man will work or not. However, I need financial security and want the partner to put some money in my name first," said Pandya, who confesses to feeling lonely after her only daughter got married.

Alpesh Parikh, 61, a retired bank officer who draws a pension of Rs 16,000 is also looking for a live-in partner. "I live with my son and daughter-in-law and need a companion. I am ready to move out if I find the right partner. I would like to get married only if I am comfortable," said Parikh.

Patel said all men and women above 50 years of age including divorcees, widows and single are eligible to join the meet in Ahmedabad.

http://timesofindia.indiatimes.com/...or-love-and-live-ins/articleshow/10586142.cms
 
उपेंदर भाई का वो सरदारनी आला किस्सा याद आ गया यो थ्रेड देख के...... उपेंदर
भाई... चेप्पिये उस ने एक बे फेर.... मेंने तो पाया कोणी....... इस सन्दर्भ में बहुत मिलता जुलता है
वो..... सीख भी मिले स उस तें......


लै भाई लीले, चेप्पूं हूं, गैल्ला इ वा खबर भी चेप्पूं हूं जो तन्ने गेरी थी एक बै जीह मैं एक की घरवाळी का यार बेडरूम तले तै थ्यावै है...:cool:
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बहुत समय पहले की बात है. हमारे उधर एक डॉक्टर था (जो ये कई वैसे ही क्लिनिक खोल लेते हैं, वैसा डॉक्टर). उसका नाम था डॉ. बी.एस. घुम्मन, पंजाबी था. छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लोग उसके क्लिनिक पर ही जाया करते थे और कई बार उसे घर पर भी बुला लिया करते थे. दरअसल वो एक बहुत ही दिलफेंक किस्म का डॉक्टर था. जगतार नाम के एक सरदार ने तो उसे अपना पंजाबी भाई समझकर फैमिली डॉक्टर सा ही बना लिया था. घुम्मन का दिलफेंक अंदाज देखो कि उसने जगतार की बीवी को ही पटा लिया. एक दिन जगतार ने उन्हें अपने ही घर में प्यार की बातें करते हुए भी देख लिया, पर घुम्मन अर जगतार की घर वाली उलटे जगतार के ही चिपट गए...'तैन्नू शर्म नी औंदी हैगी. ए आया सी इलाज वास्ते और तू एवे इ इन्नी माड़ियां गल करी जाना है.'
इस वजह से जगतार बड़ी टेंशन में रहने लगा था. उसकी मोबिल ऑयल वगैरह की दुकान थी. मेरे एक दोस्त की भी वहीं दुकान थी तो मैं वहां कई बार ताश खेलने चला जाता था. जगतार कई बार अपनी दुकान में गुरु नानक की तस्वीर के सामने खड़ा होकर बड़बड़ाता रहता था-'हुण ते तू खुश है ना मैन्नू बर्बाद करके. और रज के बर्बाद करीं मैन्नू.'
ऐसे ही समय बीतता रहा. इस बीच जगतार की घरवाली ने डॉ. घुम्मन से हजारों रुपए ऐंठ लिए या यूं समझो कि उधार ले लिए. फिर पता नहीं उसका क्या मन पलटा. वो घुम्मन को नापसंद करने लगी और फिर अपने पति की मानने लगी.
तो एक दिन की बात है. डॉक्टर घुम्मन के अपने क्लिनिक पर आने का रास्ता जगतार की दुकान के सामने से ही था. जगतार पूरी तैयारी करे बैठा था. एक तो होता है लठ, लेकिन एक होती है बल्ली (लठ से भी ठाडी). जगतार बल्ली लिए बैठा था. जैसे ही घुम्मन अपने स्कूटर पर उसकी दुकान के सामने से गुजरने लगा जगतार ने ना कही उसे रुकने की भी. उसने तो सीधा बल्ली का ऐसा वार किया घुम्मन पै अक उसका स्कूटर एक कानी पड्या जा का ना अर वो परली कानी...हा...हा...हा...:cool:

लोगों ने बीच-बचाव किया. मजमा लग गया. घुम्मन का जो दुकान मालिक था उसे बुलाया गया, इस बीच जगतार की घरवाली भी आ गई. वो घुम्मन पर इल्जाम लगाने लगी. 'इन्ने वड्डा परेशान करके रख्या सी मैन्नू...कहंदा सी तू ओदे नाल ते प्यार कर लेन्नी ए...मेरे नाल नि करदी...' एकदम खुल्लम-खुल्ला बोल रही थी.

तो जी वहां पूरा खेल हो गया. आखिर में डॉक्टर घुम्मन जगतार और उसकी घरवाली के आगे हाथ जोड़कर बोला-'ओए त्वानु मेरे पए नि देने सी ते कोई गल नि सी...मेरा ए जुलूस कढ़न दी की लोड सी?':rock


हाल ही में मुझे त्रिया चरित्र संबंधी एक किस्सा पढ़ने को मिला. एक चरित्रहीन विवाहिता स्त्री थी. एक दिन वो अपने प्रेमी के साथ प्यार की बातें कर रही थी तो उसका पति वहां आ गया. वो सीधा उस प्रेमी से उलझ गया. प्रेमी उस पर भारी पड़ने लगा तो वो स्त्री बोली-"मार इसे (पति को) खूब...ना खुद प्यार करता है, ना ही किसी और को करने देता है..."
फिर हुआ यूं कि प्रेमी का दम उखड़ गया और पति उस पर हावी हो गया. ऐसे में वो स्त्री चिल्लाई-"मार इसे (प्रेमी को) और...दूसरों की बहू-बेटियों पर बुरी निगाह डालता है."
हा...हा...हा...मुझे यह किस्सा पढ़कर उस डॉक्टर घुम्मन का किस्सा याद आ गया.

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जागरण संवाद केंद्र: शादीशुदा होने के बावजूद प्रेमी को अपनी ससुराल गांव अचीना में बुलाना एक महिला को काफी महंगा पड़ा। महिला के पति व अन्य ससुरालजनों द्वारा मौके पर प्रेमी को पकड़ने के बाद विवाहिता को कोर्ट में पंचायती तौर पर तलाक के लिए रजामंद होना पड़ा। वहीं प्रेमी को भी ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली के साथ लोहे की जंजीर से बांधकर जमकर पिटाई की। जानकारी के अनुसार दादरी उपमंडल के गांव अचीना निवासी उमानंद के बेटे व बहू के कमरे में उनके बेड के नीचे बृहस्पतिवार अल सुबह एक युवक घुसा हुआ था। उमानंद की पत्**नी बेड के समीप से गुजर रही थी तो उसका पांव उस युवक को लगा। उन्होंने तुंरत लाइट जलाकर बेड के नीचे देखने का प्रयास किया तो युवक एकाएक उन्हें धक्का देकर भागने लगा, लेकिन महिला के शोर मचाते ही उमानंद व उनके फौजी बेटे महेश ने उसे धर दबोचा। तब तक शोर सुनकर अन्य ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए। सभी ने पहले उक्त युवक को चोर समझकर अच्छी तरह पीटा बाद में पूछताछ करने पर युवक ने स्वयं को महेश की पत्**नी का प्रेमी बताया। युवक ने बताया कि वह गांव बहरोड निवासी है अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए यहां आया था। प्रेमिका ने ही उसे फोन करके अपने घर पर बुलाया था। उसने बताया कि इससे पूर्व भी वह कई बार उनके घर में इसी प्रकार आ चुका है तथा चुपचाप निकल जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि गांव बहरोड़ के उक्त युवक के पास एक चाकू भी मिला है जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए घर में आया था। उसने दूर खेतों में बाइक खड़ी कर रखी थी। ग्रामीणों ने सुबह पंचायत आयोजित कर आरोपी युवक व विवाहिता के परिजनों को गांव में बुलाया तथा घटना से अवगत करवाया। बाद में फैसला लिया गया कि विवाहिता अपने पति से तलाक लेगी।
 
Thannks bhai Upender. Hindi mein thaa shayad issliye search engine mein nahi fassya yoh.....!!

Ebbb samajh lyo, Extramarital affairs ka ek kaaaran "Paisa" bhi hai ( Sardaar ji waali ghatna) er doosra kaaran "Chaska" -- as mentioned by worthy members above and same is shown in the news article from Jagran.


लै भाई लीले, चेप्पूं हूं, गैल्ला इ वा खबर भी चेप्पूं हूं जो तन्ने गेरी थी एक बै जीह मैं एक की घरवाळी का यार बेडरूम तले तै थ्यावै है...:cool:
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बहुत समय पहले की बात है. हमारे उधर एक डॉक्टर था (जो ये कई वैसे ही क्लिनिक खोल लेते हैं, वैसा डॉक्टर). उसका नाम था डॉ. बी.एस. घुम्मन, पंजाबी था. छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लोग उसके क्लिनिक पर ही जाया करते थे और कई बार उसे घर पर भी बुला लिया करते थे. दरअसल वो एक बहुत ही दिलफेंक किस्म का डॉक्टर था. जगतार नाम के एक सरदार ने तो उसे अपना पंजाबी भाई समझकर फैमिली डॉक्टर सा ही बना लिया था. घुम्मन का दिलफेंक अंदाज देखो कि उसने जगतार की बीवी को ही पटा लिया. एक दिन जगतार ने उन्हें अपने ही घर में प्यार की बातें करते हुए भी देख लिया, पर घुम्मन अर जगतार की घर वाली उलटे जगतार के ही चिपट गए...'तैन्नू शर्म नी औंदी हैगी. ए आया सी इलाज वास्ते और तू एवे इ इन्नी माड़ियां गल करी जाना है.'
इस वजह से जगतार बड़ी टेंशन में रहने लगा था. उसकी मोबिल ऑयल वगैरह की दुकान थी. मेरे एक दोस्त की भी वहीं दुकान थी तो मैं वहां कई बार ताश खेलने चला जाता था. जगतार कई बार अपनी दुकान में गुरु नानक की तस्वीर के सामने खड़ा होकर बड़बड़ाता रहता था-'हुण ते तू खुश है ना मैन्नू बर्बाद करके. और रज के बर्बाद करीं मैन्नू.'
ऐसे ही समय बीतता रहा. इस बीच जगतार की घरवाली ने डॉ. घुम्मन से हजारों रुपए ऐंठ लिए या यूं समझो कि उधार ले लिए. फिर पता नहीं उसका क्या मन पलटा. वो घुम्मन को नापसंद करने लगी और फिर अपने पति की मानने लगी.
तो एक दिन की बात है. डॉक्टर घुम्मन के अपने क्लिनिक पर आने का रास्ता जगतार की दुकान के सामने से ही था. जगतार पूरी तैयारी करे बैठा था. एक तो होता है लठ, लेकिन एक होती है बल्ली (लठ से भी ठाडी). जगतार बल्ली लिए बैठा था. जैसे ही घुम्मन अपने स्कूटर पर उसकी दुकान के सामने से गुजरने लगा जगतार ने ना कही उसे रुकने की भी. उसने तो सीधा बल्ली का ऐसा वार किया घुम्मन पै अक उसका स्कूटर एक कानी पड्या जा का ना अर वो परली कानी...हा...हा...हा...:cool:

लोगों ने बीच-बचाव किया. मजमा लग गया. घुम्मन का जो दुकान मालिक था उसे बुलाया गया, इस बीच जगतार की घरवाली भी आ गई. वो घुम्मन पर इल्जाम लगाने लगी. 'इन्ने वड्डा परेशान करके रख्या सी मैन्नू...कहंदा सी तू ओदे नाल ते प्यार कर लेन्नी ए...मेरे नाल नि करदी...' एकदम खुल्लम-खुल्ला बोल रही थी.

तो जी वहां पूरा खेल हो गया. आखिर में डॉक्टर घुम्मन जगतार और उसकी घरवाली के आगे हाथ जोड़कर बोला-'ओए त्वानु मेरे पए नि देने सी ते कोई गल नि सी...मेरा ए जुलूस कढ़न दी की लोड सी?':rock


हाल ही में मुझे त्रिया चरित्र संबंधी एक किस्सा पढ़ने को मिला. एक चरित्रहीन विवाहिता स्त्री थी. एक दिन वो अपने प्रेमी के साथ प्यार की बातें कर रही थी तो उसका पति वहां आ गया. वो सीधा उस प्रेमी से उलझ गया. प्रेमी उस पर भारी पड़ने लगा तो वो स्त्री बोली-"मार इसे (पति को) खूब...ना खुद प्यार करता है, ना ही किसी और को करने देता है..."
फिर हुआ यूं कि प्रेमी का दम उखड़ गया और पति उस पर हावी हो गया. ऐसे में वो स्त्री चिल्लाई-"मार इसे (प्रेमी को) और...दूसरों की बहू-बेटियों पर बुरी निगाह डालता है."
हा...हा...हा...मुझे यह किस्सा पढ़कर उस डॉक्टर घुम्मन का किस्सा याद आ गया.

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जागरण संवाद केंद्र: शादीशुदा होने के बावजूद प्रेमी को अपनी ससुराल गांव अचीना में बुलाना एक महिला को काफी महंगा पड़ा। महिला के पति व अन्य ससुरालजनों द्वारा मौके पर प्रेमी को पकड़ने के बाद विवाहिता को कोर्ट में पंचायती तौर पर तलाक के लिए रजामंद होना पड़ा। वहीं प्रेमी को भी ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली के साथ लोहे की जंजीर से बांधकर जमकर पिटाई की। जानकारी के अनुसार दादरी उपमंडल के गांव अचीना निवासी उमानंद के बेटे व बहू के कमरे में उनके बेड के नीचे बृहस्पतिवार अल सुबह एक युवक घुसा हुआ था। उमानंद की पत्**नी बेड के समीप से गुजर रही थी तो उसका पांव उस युवक को लगा। उन्होंने तुंरत लाइट जलाकर बेड के नीचे देखने का प्रयास किया तो युवक एकाएक उन्हें धक्का देकर भागने लगा, लेकिन महिला के शोर मचाते ही उमानंद व उनके फौजी बेटे महेश ने उसे धर दबोचा। तब तक शोर सुनकर अन्य ग्रामीण भी वहां एकत्रित हो गए। सभी ने पहले उक्त युवक को चोर समझकर अच्छी तरह पीटा बाद में पूछताछ करने पर युवक ने स्वयं को महेश की पत्**नी का प्रेमी बताया। युवक ने बताया कि वह गांव बहरोड निवासी है अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए यहां आया था। प्रेमिका ने ही उसे फोन करके अपने घर पर बुलाया था। उसने बताया कि इससे पूर्व भी वह कई बार उनके घर में इसी प्रकार आ चुका है तथा चुपचाप निकल जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि गांव बहरोड़ के उक्त युवक के पास एक चाकू भी मिला है जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए घर में आया था। उसने दूर खेतों में बाइक खड़ी कर रखी थी। ग्रामीणों ने सुबह पंचायत आयोजित कर आरोपी युवक व विवाहिता के परिजनों को गांव में बुलाया तथा घटना से अवगत करवाया। बाद में फैसला लिया गया कि विवाहिता अपने पति से तलाक लेगी।
 
gadbad se bhai mujjafarnagar ke paani me. usne pi pi ke log lugaayi sexually overactive hoge.
Lollam Loll...:rock:rock:rock

पानी का जिक्र चल रह्य था ,,,,,? :p

यु एरिया पक्का किसे महा भड़की न बसाया होगा ,,,,,,,इब्ब तो उड़े का पानी पिटरोल त भी महंगा हो जागा ,,,,,,,,,,:cool:
 
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मंदीप जी,
विधवा बाळक्या नै छोड़ कै चाली जा, दुसरा ब्याह/ करेवा कर ले दूसरे बगड़ मै. सारी ज़मीन भी चढ़वा दी बाळक्या (
A,B,C) कै नाम. दादा-दादी और काका-ताऊ बाळक्या नै पाळते रहो. साझे मै होगी धक्कम-पेल, कोए बात ना.

लुगाई कै करेवा तै दो बाळक (X,Y) और होगे.

It seems logical that the woman can give the property to X,Y. I think, legally it is possible, but customarily it will be very difficult for X,Y to use that property especially if it is land. A,B,C's relative's can create trouble.
[
 
जो मेरी समज मे आते हैं, वो निम्लिखित कारण रखना चाहूँगा

१. हर मनुष्य की अपनी शारीरिक ज़रूरते होती है, और अधिकतर मामलो में इनकी पूर्ति घर में न होने पाने के कारण ही स्त्री/पुरुष घर से बहार झाकता है


२. स्त्री-पुरुष का आपसी खिचाव नैसरगिक है, और उसे परवान चड़ने के लिए आपकी man made शादी की प्रमाणिकता की ज़रूरत नहीं है.
 
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