लखनऊ। गन्ना समर्थन मूल्य बढ़ने की आस लगाए किसानों को लगातार दूसरे वर्ष भी मायूसी हाथ लगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमडल की बैठक में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को खारिज कर गत वर्ष के समर्थन मूल्य 275-280 रुपये प्रति क्विंटल को यथावत बनाए रखने का निर्णय किया गया। साथ ही चीनी मिल मालिकों की मांग मंजूर करते हुए दो किस्तों में भुगतान करने की इजाजत भी दे दी। इसमें भी किसानों की कटौती कर दी गई। पहली किस्त में किसान को 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिल सकेगा। धन लेने के लिए पेराई खत्म होने तक इंतजार करना होगा। यानि गत सत्र में गन्ना मूल्य की पहली किस्त में 260 रुपये की दर से भुगतान पाए किसान इस मर्तबा प्रति क्विंटल 40 रुपये कम नगद रकम पा सकेंगे।
सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए चीनी विकास के प्रमुख सचिव राहुल भटनागर ने पत्रकारों को बताया कि चीनी मिलों की खराब वित्तीय स्थिति व किसान हित ध्यान में रखते हुए इस बार गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया जा सका। गत पेराई सत्र के समर्थन मूल्य को यथावत रखते हुए सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 280, अगेती-290 व अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना 275 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही खरीदा जाएगा। मिलों को दो किस्तों में गन्ना मूल्य भुगतान की सुविधा मिलेगी। पहली किस्त में 240 रुपये प्रति क्विंटल दर से 14 दिन में भुगतान करना होगा वरना ब्याज लगाया जाएगा।