Funny Shayari

*किसी ने धूल क्या झोकी आखों में,*

*कम्बख़्त पहले से बेहतर दिखने लगा...!*
 
*किसी ने धूल क्या झोकी आखों में,*

*कम्बख़्त पहले से बेहतर दिखने लगा...!*

:cool: .........gir-gir kar sambhalna! .....now, I am good in Hindi as well :topsy_turvy:.

Here is my final exit!

Regards to All!!
:star:
 
माँझी तेरी कश्ती के तलबदार बहुत है
इस पार कुछ मगर उस पार बहुत है
जिस शहर में तुने खोली है शीशे की दुकान
उस शहर में पत्थर के खरीददार बहुत है.....
,,,,,
 
*तिरंगे ने मायूस होकर सियासत से पूछा - ये क्या हाल हो रहा है !*

*मेरा लहराने में कम और कफन में ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।*

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*तिरंगे ने मायूस होकर सियासत से पूछा - ये क्या हाल हो रहा है !*

*मेरा लहराने में कम और कफन में ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है।*

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Siyasat kuchh yun boli,

Lahraya hai to atal bhi ban,
Napak ko dafnane mein tera naam bhi hoga!
 
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