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amankadian
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:moon:जयपुर.तीन साल में डेढ़ लाख से अधिक लोगों से 300 करोड़ रु. से ज्यादा की ठगी कर फरार हुए गोल्ड सुख कंपनी के दो डायरेक्टरों को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया।
आठ अन्य डायरेक्टरों की तलाश में लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। पासपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इनकी पूरी जानकारी लेकर दबिश दी, लेकिन पता नहीं चला। उधर ठगी के शिकार सैकड़ों लोग बुधवार को सिविल लाइन्स फाटक के पास स्थित कार्यालय के बाहर एकत्र ...हुए तथा करीब चार घंटे तक नारेबाजी की।
इसके बाद विधायकपुरी थाने पहुंचे मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कंपनी के तीस से अधिक बैंक खातों को फ्रीज (रोक) करवा दिया है। पुलिस ने शाम को कंपनी के तीन मंजिला शोरूम के ताले खोले। यहां सोना तो नहीं मिला, लेकिन दो तिजोरियां पुलिस के हाथ लगीं। इन्हें अभी खोला नहीं गया है। उल्लेखनीय है कि गोल्ड सुख ने झांसा देकर तीन साल में जयपुर में ५क् हजार से अधिक सदस्य बनाए।
बेसमेंट व प्रथम मंजिल पर कार्यालय तथा ग्राउंड फ्लोर पर शोरूम है, जिसकी चाबी सिक्योरिटी गार्ड के पास थी। भवन मालिक लईम अंसारी की उपस्थिति में एएसपी रघुवीर सैनी के नेतृत्व में तीन थाना प्रभारियों की टीम ने शोरूम तथा कार्यालय की तलाशी ली। शोरूम में सारे शोकेस खाली पड़े थे। पुलिस ने कार्यालय में मिले कंप्यूटर तथा अन्य रिकार्ड जब्त किया। कई ठिकानों पर छापे :
पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टरों के ठिकानों पर दबिश दी गई। दो डायरेक्टर शिव कॉलोनी सांगानेर निवासी जगदीश शर्मा तथा रामेश्वर शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा डायरेक्टर नरेन्द्र सिंह के कुंदीगर भैंरू जी का रास्ता स्थित आवास, मानवेन्द्र सिंह के टिक्कड़मल का रास्ता किशनपोल स्थित आवास, प्रमोद शर्मा उर्फ बबलू के शिव कॉलोनी सांगानेर स्थित आवास तथा महेन्द्र सिंह के झोटवाड़ा स्थित आवास पर छापा मारा लेकिन कोई नहीं मिला।
कंपनी के दस डायरेक्टर हैं, जिनमें नरेन्द्र सिंह, मानवेन्द्र सिंह तथा प्रमोद के परिवार वाले शामिल है। पुलिस के अनुसार कंपनी में नरेन्द्र सिंह की पत्नी सरोज, महेन्द्र सिंह की मां शालिनी तथा पत्नी नीतू डायरेक्टर है। कंपनी के खिलाफ चार मामले दर्ज: विधायकपुरी थाने में कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के चार मामले दर्ज किए गए हैं।
बुधवार दोपहर तक जब किसी भी पीड़ित ने थाने में आकर मामला दर्ज नहीं कराया तो थाना प्रभारी चंद्र पुरोहित की तरफ से मामला दर्ज किया गया। इसके बाद शाम को तीन पीड़ितों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया।
डेढ़ सौ लोगों के साढ़े तीन करोड़ जमा कराए, लोग पैसे मांग रहे हैं, मैं भागा फिर रहा हूं नीम का थाना सीकर के वेद प्रकाश ने बताया कि वह एलआईसी का एजेंट है। ढाई साल पहले कंपनी का एक प्रतिनिधि उनसे मिला और कहा कि वह एलआईसी के साथ उनकी कंपनी में भी सदस्य बनाएं तो अच्छा मुनाफा मिलेगा। कंपनी की स्कीम समझाई
इसके बाद पहले वह खुद कंपनी का सदस्य बन गया। तब उसे अच्छा लाभ मिला। तब उसने कंपनी में करीब डेढ़ सौ से अधिक लोग जोड़ दिए। इस तरह से कंपनी को उन्होंने करीब साढ़े तीन करोड़ से अधिक रुपए दे दिए। जिन लोगों को जोड़ा वे अब उससे रुपए मांग रहे है। अब कंपनी भाग गई। लोग रुपए मांग रहे हैं। मैं भागा फिर रहा हूं।
प्रदेश में भी करोड़ों की ठगी
सीकर.पांच हजार लोगों से गोल्ड सुख ने करीब 50 करोड़ रुपए की ठगी की। बुधवार को कंपनी के दफ्तर पर ताला लगा रहा। पुलिस में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
कोटा.हाड़ौती के करीब 9000 से अधिक लोगों को झांसा दिया। १२ करोड़ से अधिक की ठगी।
आठ अन्य डायरेक्टरों की तलाश में लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। पासपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इनकी पूरी जानकारी लेकर दबिश दी, लेकिन पता नहीं चला। उधर ठगी के शिकार सैकड़ों लोग बुधवार को सिविल लाइन्स फाटक के पास स्थित कार्यालय के बाहर एकत्र ...हुए तथा करीब चार घंटे तक नारेबाजी की।
इसके बाद विधायकपुरी थाने पहुंचे मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कंपनी के तीस से अधिक बैंक खातों को फ्रीज (रोक) करवा दिया है। पुलिस ने शाम को कंपनी के तीन मंजिला शोरूम के ताले खोले। यहां सोना तो नहीं मिला, लेकिन दो तिजोरियां पुलिस के हाथ लगीं। इन्हें अभी खोला नहीं गया है। उल्लेखनीय है कि गोल्ड सुख ने झांसा देकर तीन साल में जयपुर में ५क् हजार से अधिक सदस्य बनाए।
बेसमेंट व प्रथम मंजिल पर कार्यालय तथा ग्राउंड फ्लोर पर शोरूम है, जिसकी चाबी सिक्योरिटी गार्ड के पास थी। भवन मालिक लईम अंसारी की उपस्थिति में एएसपी रघुवीर सैनी के नेतृत्व में तीन थाना प्रभारियों की टीम ने शोरूम तथा कार्यालय की तलाशी ली। शोरूम में सारे शोकेस खाली पड़े थे। पुलिस ने कार्यालय में मिले कंप्यूटर तथा अन्य रिकार्ड जब्त किया। कई ठिकानों पर छापे :
पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी ने बताया कि कंपनी के डायरेक्टरों के ठिकानों पर दबिश दी गई। दो डायरेक्टर शिव कॉलोनी सांगानेर निवासी जगदीश शर्मा तथा रामेश्वर शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा डायरेक्टर नरेन्द्र सिंह के कुंदीगर भैंरू जी का रास्ता स्थित आवास, मानवेन्द्र सिंह के टिक्कड़मल का रास्ता किशनपोल स्थित आवास, प्रमोद शर्मा उर्फ बबलू के शिव कॉलोनी सांगानेर स्थित आवास तथा महेन्द्र सिंह के झोटवाड़ा स्थित आवास पर छापा मारा लेकिन कोई नहीं मिला।
कंपनी के दस डायरेक्टर हैं, जिनमें नरेन्द्र सिंह, मानवेन्द्र सिंह तथा प्रमोद के परिवार वाले शामिल है। पुलिस के अनुसार कंपनी में नरेन्द्र सिंह की पत्नी सरोज, महेन्द्र सिंह की मां शालिनी तथा पत्नी नीतू डायरेक्टर है। कंपनी के खिलाफ चार मामले दर्ज: विधायकपुरी थाने में कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के चार मामले दर्ज किए गए हैं।
बुधवार दोपहर तक जब किसी भी पीड़ित ने थाने में आकर मामला दर्ज नहीं कराया तो थाना प्रभारी चंद्र पुरोहित की तरफ से मामला दर्ज किया गया। इसके बाद शाम को तीन पीड़ितों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया।
डेढ़ सौ लोगों के साढ़े तीन करोड़ जमा कराए, लोग पैसे मांग रहे हैं, मैं भागा फिर रहा हूं नीम का थाना सीकर के वेद प्रकाश ने बताया कि वह एलआईसी का एजेंट है। ढाई साल पहले कंपनी का एक प्रतिनिधि उनसे मिला और कहा कि वह एलआईसी के साथ उनकी कंपनी में भी सदस्य बनाएं तो अच्छा मुनाफा मिलेगा। कंपनी की स्कीम समझाई
इसके बाद पहले वह खुद कंपनी का सदस्य बन गया। तब उसे अच्छा लाभ मिला। तब उसने कंपनी में करीब डेढ़ सौ से अधिक लोग जोड़ दिए। इस तरह से कंपनी को उन्होंने करीब साढ़े तीन करोड़ से अधिक रुपए दे दिए। जिन लोगों को जोड़ा वे अब उससे रुपए मांग रहे है। अब कंपनी भाग गई। लोग रुपए मांग रहे हैं। मैं भागा फिर रहा हूं।
प्रदेश में भी करोड़ों की ठगी
सीकर.पांच हजार लोगों से गोल्ड सुख ने करीब 50 करोड़ रुपए की ठगी की। बुधवार को कंपनी के दफ्तर पर ताला लगा रहा। पुलिस में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
कोटा.हाड़ौती के करीब 9000 से अधिक लोगों को झांसा दिया। १२ करोड़ से अधिक की ठगी।