पार्टियों की होगी जीत आम आदमी की तो दुर्गत वही हर बार होगी
नारों के दल बदेल्लेगे महंगाई की तो आम आदमी प ही मार होगी
दल्ले बदल्लेगे दाम बदल्लेगे रिश्वत की तो फिर भी काबलियत पे भार होगी
जय जय कार हो या फेर हा हा कार हो आम आदमी की
हर बार ही मार होगी
जस्शन मन्नायेगे मानाने वाले और संन्न्त्वना के आंसू भी भाएगे बहाने वाले
एक वोट से जायदा जिसकी हसियत नहीं उस आम आदमी के नहीं दिनन बदल्न्ने वाले
नारों के दल बदेल्लेगे महंगाई की तो आम आदमी प ही मार होगी
दल्ले बदल्लेगे दाम बदल्लेगे रिश्वत की तो फिर भी काबलियत पे भार होगी
जय जय कार हो या फेर हा हा कार हो आम आदमी की
हर बार ही मार होगी
जस्शन मन्नायेगे मानाने वाले और संन्न्त्वना के आंसू भी भाएगे बहाने वाले
एक वोट से जायदा जिसकी हसियत नहीं उस आम आदमी के नहीं दिनन बदल्न्ने वाले