Happy with Moderator(s)???????

Happy with Moderator's workstyle?

  • Yes

    Votes: 19 43.2%
  • No

    Votes: 25 56.8%

  • Total voters
    44
  • Poll closed .
Status
Not open for further replies.
Dear Friends,

My association with the Site as member/editor is a open book and I have no new points to present here to justify my role or reply every bit of questions raised by some of the active members and others .

I suggest to the administrators name of Mr. Ravinderjeet Singh, a veteran Jat and seasoned member of the site, for their consideration for appointment to the team of editors.

I have already devoted enough time on the site to this job and am ready to give walk over in favour of him or anybody else for editor's post.

Kindly come up !

Thanks and regards


Jan-Jan ki yehi pukar,
RavinderJeet Singh abki baar!! :very_drunk:
 
.

With due respect but Dr Rajpal Ji poll results clearly shows JL janta is not happy with your way of moderation.
So you must take the moral responsibility and step down.
I might sound a bit harsh but that's the fact before Satyeshwer asks you to resign do it yourself.

Nothing personal here.

Cheers!

Thanks for the concern shown !

I must not abdicate my duty at this critical hour when daggers are drawn by a few of friends against the system of moderation and cause harm to the site by running away to avoid personal criticism! It is part and parcel of public life that none can please everyone !

Yes, Let someone come forward to take over from me and as earlier stated I will be the happiest person to welcome the change.

Would it be possible for to join immediately as team member of editors/moderators of the site ! If yes, the matter could be forwarded to concerned authorities for their consideration.

If it is not acceptable to you, then suggest some name for the assignment so that vacuum could be filled in immediately.

Thanks and regards
 
ओहो, जाट कसूते लट्ठम लट्ठा हो रे सैं भाई I और जैसा कि मानव स्वभाव है, इस लट्ठम-लट्ठा युद्ध ने मुद्दत से सुनसान मोहल्ले में काफ़ी कुतूहल पैदा कर दिया है, जिसका भरपूर आनंद तमाशबीन टोली खूब उड़ाती नज़र आ रही है I नज़ारा कुछ यूं लगता है जैसे मोहल्ले के निठल्ले लोग सर्दी की धूप में दो मुरगों की लड़ाई का लुत्फ़ उठा रहे हों, और मोहल्ले के दादा कल्लू उस्ताद के मुर्ग़े के हर वार पर ताली पर ताली बजा रहे हों, ताकि कल्लू उस्ताद के खौफ और सींग फसाई से बचे रहें I

मुद्दे की बात करें तो मुद्दा कोई ख़ास है ही नहीं I हालांकि राजपाल जी की मोडेटरशिप उनके कार्यकाल के आखरी दिनों में मुझे भी अधिक प्रभावित नहीं कर पाई, परन्तु ऐसी कोई गंभीर शिकायत मुझे उनसे कभी नहीं रही, बावजूद इसके कि उन्होंने मेरी कुछ झरीटों पर भी थोड़ी बहुत लीपा पोती की I दूसरी बात यह है की इतने लम्बे अरसे तक बिना तनखाह के मोलड़ पंचायत की प्रधानता करना अपने आप में कोई कम महत्वपूर्ण कार्य नहीं I अगर किसी भाई की बहुमूल्य लिखतम पर उन्होंने कभी पोचा मार भी दिया तो उसकी शिकायत Administrator महोदय से करने का एक विकल्प उपलब्ध है I इस प्रकार की टीका टिप्पणी और अभद्र भाषा के खुले प्रचार प्रसार से जाट समुदाय की शान में कोई बढ़ोतरी होने वाली नहीं है I एक तरफ तो हम जाट भाईचारे का राग अलापते नहीं थकते और दूसरी तरफ अपने ही समुदाय के सीनियर और शिक्षित भाइयों के प्रति अभद्रता और अशिष्टता करने में मर्दानगी समझते हैं जो काफी निंदनीय है I यह तो वही बात हुई कि मोहल्ले में दादा टाइप लोग किसी को कुछ भी उल्टा सीधा कहे और मोहल्ले की पंचायत को टोका टोकी का हक़ ना हो I मुझे पता है इस पोस्ट के बाद मुझे भी काफी अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है परन्तु अपने आँगन का कूड़ा तूड़े आले कोठे की पछीत मैं सरकाना भी ठीक नहीं I

उपरोक्त कथन के बाद मैं यह अवश्य कहना चाहूँगा क़ि मॉडरेटर को हटाने के हक़ में ज्यादा लोगों के मत दान के मध्य नज़र अब राजपाल जी को मॉडरेटर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है I वैसे भी जाटों की पंचायत की प्रधानता के लिए कभी कोई शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति फिट नहीं बैठता, क्योंकि वहां जंगल का राज़ चलता है, जहाँ सिर्फ लाठी और फेफड़ों की ताकत ही योग्यता समझी जाती है I
 
Last edited:
ओहो, जाट कसूते लट्ठम लट्ठा हो रे सैं भाई I और जैसा कि मानव स्वभाव है, इस लट्ठम-लट्ठा युद्ध ने मुद्दत से सुनसान मोहल्ले में काफ़ी कुतूहल पैदा कर दिया है, जिसका भरपूर आनंद तमाशबीन टोली खूब उड़ाती नज़र आ रही है I नज़ारा कुछ यूं लगता है जैसे मोहल्ले के निठल्ले लोग सर्दी की धूप में दो मुरगों की लड़ाई का लुत्फ़ उठा रहे हों, और मोहल्ले के दादा कल्लू उस्ताद के मुर्ग़े के हर वार पर ताली पर ताली बजा रहे हों, ताकि कल्लू उस्ताद के खौफ और सींग फसाई से बचे रहें I

मुद्दे की बात करें तो मुद्दा कोई ख़ास है ही नहीं I हालांकि राजपाल जी की मोडेटरशिप उनके कार्यकाल के आखरी दिनों में मुझे भी अधिक प्रभावित नहीं कर पाई, परन्तु ऐसी कोई गंभीर शिकायत मुझे उनसे कभी नहीं रही, बावजूद इसके कि उन्होंने मेरी कुछ झरीटों पर भी थोड़ी बहुत लीपा पोती की I दूसरी बात यह है की इतने लम्बे अरसे तक बिना तनखाह के मोलड़ पंचायत की प्रधानता करना अपने आप में कोई कम महत्वपूर्ण कार्य नहीं I अगर किसी भाई की बहुमूल्य लिखतम पर उन्होंने कभी पोचा मार भी दिया तो उसकी शिकायत Administrator महोदय से करने का एक विकल्प उपलब्ध है I इस प्रकार की टीका टिप्पणी और अभद्र भाषा के खुले प्रचार प्रसार से जाट समुदाय की शान में कोई बढ़ोतरी होने वाली नहीं है I एक तरफ तो हम जाट भाईचारे का राग अलापते नहीं थकते और दूसरी तरफ अपने ही समुदाय के सीनियर और शिक्षित भाइयों के प्रति अभद्रता और अशिष्टता करने में मर्दानगी समझते हैं जो काफी निंदनीय है I यह तो वही बात हुई कि मोहल्ले में दादा टाइप लोग किसी को कुछ भी उल्टा सीधा कहे और मोहल्ले की पंचायत को टोका टोकी का हक़ ना हो I मुझे पता है इस पोस्ट के बाद मुझे भी काफी अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है परन्तु अपने आँगन का कूड़ा तूड़े आले कोठे की पछीत मैं सरकाना भी ठीक नहीं I

उपरोक्त कथन के बाद मैं यह अवश्य कहना चाहूँगा क़ि मॉडरेटर को हटाने के हक़ में ज्यादा लोगों के मत दान के मध्य नज़र अब राजपाल जी को मॉडरेटर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है I वैसे भी जाटों की पंचायत की प्रधानता के लिए कभी कोई शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति फिट नहीं बैठता, क्योंकि वहां जंगल का राज़ चलता है, जहाँ सिर्फ लाठी और फेफड़ों की ताकत ही योग्यता समझी जाती है I



सिंह साहब , आपकी लाजबाब पोसटे भी आजकल यदा कदा ही दिखती है , इसमें आपका कसूर है या मोड्रेटर महासय के चाबुक का असर है, पता नहीं, पर जाटलैंड आपकी पोस्टो से वंचित है ,

इस तागे की तारीफ़ करनी पड़ेगी कि जाटलैंड के कई धुरंदर अरसे बाद दिखाई तो दिए और अपनी पीड़ा व्यक्त की, सुनसान मोहल्ले में कुतूहल/ हलचल तो हुई, आपके दादा कल्लू उस्ताद और एक दो और भुक्तभोगी को छोड़ दे तो किसी अन्य ने राजपाल जी के बारे में कोई असभ्य भाषा का पर्योग नहीं किया, राजपाल जी काफी सीनियर और शभय, शिष्ट इंसान है और उनके खिलाफ अभद्रता और अशिष्टता कोई मर्दानगी नहीं है, और बहुत से मेम्बर ने इसकी भर्त्सना की है

लेकिन जिसको आप तथाकथित शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत माहोल कह रहे हो वो वास्तव में अभिवयक्ति की स्वतंत्रता का हनन है, जाटलैंड परिवार को तथाकथित माहोल की जंजीरों म जकड़ना चाहोगे तो ये मोहल्ला सुनसान ही नहीं कुछ दिनो में वीरान भी हो जायेगा, फिर यंहा भजन, समाचार विश्लेसन और कॉपी पेस्ट ही हुआ करेंगे, अगर आप पहले वाली जाटलैंड को जंगल राज और वर्तमान वाली ने रामराज समझते हो तो यु रामराज आपको मुबारक,
सदभावनाओ सहित
 
ओहो, जाट कसूते लट्ठम लट्ठा हो रे सैं भाई I और जैसा कि मानव स्वभाव है, इस लट्ठम-लट्ठा युद्ध ने मुद्दत से सुनसान मोहल्ले में काफ़ी कुतूहल पैदा कर दिया है, जिसका भरपूर आनंद तमाशबीन टोली खूब उड़ाती नज़र आ रही है I नज़ारा कुछ यूं लगता है जैसे मोहल्ले के निठल्ले लोग सर्दी की धूप में दो मुरगों की लड़ाई का लुत्फ़ उठा रहे हों, और मोहल्ले के दादा कल्लू उस्ताद के मुर्ग़े के हर वार पर ताली पर ताली बजा रहे हों, ताकि कल्लू उस्ताद के खौफ और सींग फसाई से बचे रहें I

मुद्दे की बात करें तो मुद्दा कोई ख़ास है ही नहीं I हालांकि राजपाल जी की मोडेटरशिप उनके कार्यकाल के आखरी दिनों में मुझे भी अधिक प्रभावित नहीं कर पाई, परन्तु ऐसी कोई गंभीर शिकायत मुझे उनसे कभी नहीं रही, बावजूद इसके कि उन्होंने मेरी कुछ झरीटों पर भी थोड़ी बहुत लीपा पोती की I दूसरी बात यह है की इतने लम्बे अरसे तक बिना तनखाह के मोलड़ पंचायत की प्रधानता करना अपने आप में कोई कम महत्वपूर्ण कार्य नहीं I अगर किसी भाई की बहुमूल्य लिखतम पर उन्होंने कभी पोचा मार भी दिया तो उसकी शिकायत Administrator महोदय से करने का एक विकल्प उपलब्ध है I इस प्रकार की टीका टिप्पणी और अभद्र भाषा के खुले प्रचार प्रसार से जाट समुदाय की शान में कोई बढ़ोतरी होने वाली नहीं है I एक तरफ तो हम जाट भाईचारे का राग अलापते नहीं थकते और दूसरी तरफ अपने ही समुदाय के सीनियर और शिक्षित भाइयों के प्रति अभद्रता और अशिष्टता करने में मर्दानगी समझते हैं जो काफी निंदनीय है I यह तो वही बात हुई कि मोहल्ले में दादा टाइप लोग किसी को कुछ भी उल्टा सीधा कहे और मोहल्ले की पंचायत को टोका टोकी का हक़ ना हो I मुझे पता है इस पोस्ट के बाद मुझे भी काफी अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है परन्तु अपने आँगन का कूड़ा तूड़े आले कोठे की पछीत मैं सरकाना भी ठीक नहीं I

उपरोक्त कथन के बाद मैं यह अवश्य कहना चाहूँगा क़ि मॉडरेटर को हटाने के हक़ में ज्यादा लोगों के मत दान के मध्य नज़र अब राजपाल जी को मॉडरेटर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है I वैसे भी जाटों की पंचायत की प्रधानता के लिए कभी कोई शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति फिट नहीं बैठता, क्योंकि वहां जंगल का राज़ चलता है, जहाँ सिर्फ लाठी और फेफड़ों की ताकत ही योग्यता समझी जाती है I

kaadh ge ji ki!!!!!!!!!!
 
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उपरोक्त कथन के बाद मैं यह अवश्य कहना चाहूँगा क़ि मॉडरेटर को हटाने के हक़ में ज्यादा लोगों के मत दान के मध्य नज़र अब राजपाल जी को मॉडरेटर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है I वैसे भी जाटों की पंचायत की प्रधानता के लिए कभी कोई शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति फिट नहीं बैठता, क्योंकि वहां जंगल का राज़ चलता है, जहाँ सिर्फ लाठी और फेफड़ों की ताकत ही योग्यता समझी जाती है I

Friend,

Thanks for your candid opinion !

Abdicating responsibility by running away in fear of personal attacks/comments by a few well wishers of the site would be bigger immoral act if I leave it at this juncture and create vacuum.

Moreover, the betrayal of trust of anyone, is not in my nature.

Nonetheless, Criticizing the style of functioning of someone is one thing and to assume the duty of editor and moderator is another onerous task!

This is proved by the fact that I have already invited some of the friends to take up the responsibility but to the best of my knowledge, none has opted to do so by now !

The offer stands open even now,those who are interested to undertake to act as Editor/moderator, kindly come up and join the team of moderators, of course with the approval of the administrators.
 
Last edited:
वि. पि. जी ,
सादर नमस्कार !!!


गुरुदेव ! आप भी कती डिप्लोमेसी आली बोली बोल जावो सो, असल में आप का के कसूर ,आप का ते प्रोफैशन-अ यु स । गालियॉँ अनदर के क्रोध को निकालने और किसी को अहिंसक रूप से प्रताड़ित करने का माध्यम हैं । जब कोए आप के प्रिय की ह्त्या कर रहा हो ,और आप सभ्यता ,मृदुलता , शिष्टाचार की चादर ओढ़े रहें ,और वो उसकी ह्त्या कर के निकल जाए , तो आप का होना निरर्थक ही नहीं बल्कि दंडनीय हे । जाटलैंड पर मेने बहुत कुछ सीखा हे ,बहुत अच्छे ग्यानी दोस्त मिले ,यहाँ पर कई हीरे हैं ,थे । में तो कहता हूँ की जाटलैंड का ढंग से विस्तार किया जाये तो इस से अच्छी जगह नहीं ,मेल मिलाप की । पर अगर कोई जाटलैंड की ह्त्या कर रहा हो तो ये असहनीय हे । और हम यदि उसका विरोध ना करें ,तो हम जाट नहीं ।
--------सद्भावनाओं सहित ।
 
वि. पि. जी ,
सादर नमस्कार !!!


गुरुदेव ! आप भी कती डिप्लोमेसी आली बोली बोल जावो सो, असल में आप का के कसूर ,आप का ते प्रोफैशन-अ यु स । गालियॉँ अनदर के क्रोध को निकालने और किसी को अहिंसक रूप से प्रताड़ित करने का माध्यम हैं । जब कोए आप के प्रिय की ह्त्या कर रहा हो ,और आप सभ्यता ,मृदुलता , शिष्टाचार की चादर ओढ़े रहें ,और वो उसकी ह्त्या कर के निकल जाए , तो आप का होना निरर्थक ही नहीं बल्कि दंडनीय हे । जाटलैंड पर मेने बहुत कुछ सीखा हे ,बहुत अच्छे ग्यानी दोस्त मिले ,यहाँ पर कई हीरे हैं ,थे । में तो कहता हूँ की जाटलैंड का ढंग से विस्तार किया जाये तो इस से अच्छी जगह नहीं ,मेल मिलाप की । पर अगर कोई जाटलैंड की ह्त्या कर रहा हो तो ये असहनीय हे । और हम यदि उसका विरोध ना करें ,तो हम जाट नहीं ।
--------सद्भावनाओं सहित ।

रविंदर जीत, प्रणाम भाई, आपकी दो बार I

चलो कोई बात नहीं, परिवार का ही मामला है, मिलकर बैठ कर सुलझा ल्यो I इस साइट नै जिन्दा राखण खातर थोड़ी नीची तो आप नै भी कींचणी पड़ेगी, आर मेरे जिसे बुजुर्ग माणस की थोड़ी लिहाज़ आर थोड़ी concession तो करणी पड़ेगी I पर एक बात तो सै आपकी एक साल के बनवास नै जाटलैंड की कमर सी तोड़ दी I इतना लम्बा नहीं रूस्या करदे I
 
The way Dr Rajpal has conducted himself here is great. My respect for him has only increased. Guys even I was unhappy with moderation at one point but he has always provided me with reasoning whenever I have asked.

He is a valuable member here and by abusing him we are just showing our character. He is appointed by the administrator of the site and only they can remove him. You should take the case with them rather than abusing him.

I can only salute him when he said he is not going to run away. That shows his strong character. He is ready to give up his post once they have found an appropriate replacement.

Request the members to delete the abusive posts themselves. We can have difference of opinion but that doesn't mean we cannot co-exist. I can bet you if there would have been one of us in his place we would have run away by now.
 
Last edited:
हम्बे ...... न्यू ए कती लट्ठ गाढ़े राखो, खैंच के ने ले ल्यो सार्यां ने, मॉडारेटरशिप ते भाजियो ना राजपालजी. ना ते केजरीवाल अली बना देंगे लोग आड़े।.

बाकी मौके पे चौका लगान मे घाट ते ना घाल रहे आप भी कती । बेरा से, अक किहे धोरे इतना टेम ना से आप की ज्यू, जो सारा दिन-रात होक्का ठा के बैठक मे हारा सुलगाई राखे. कोए हम्बे केहनिया नहीं पावे.. देख लियो।

जब तक कोई नया मॉडारेटर नहीं बन पता।.....तब तलक बस थोड़ा-बोहोत एक बार आप इनके/हमारे रंग मे रंगने की कोशिश कर के देखो,

थोड़ा - बोहोत हम/ये आपके रंग मे रंगने की कोशिश करेंगे। क्या पता बात घर की घर मे ही सुलट जाये .
 
Last edited:
जनमत संग्रह के आकड़ों से साफ है 22 लोग मे से 16 सदस्यों ने मोडरेटर से खुश नही का बटन दबा दिया है.....| हालांकि पोल 5 दिसंबर तक खुला है... पर मोडरेटर महोदय ने बड़ी विनम्रता से इस जनमत संग्रह का आदर करते हुए तुरंत इस "पद" को त्यागने को प्रस्ताव दिया है.....और मै समझता हू कि अब वह काम चलाऊ के रूप रहेंगे... और पोस्टों में ज्यादा मोडरेशन नही करेंगे ... अब समय है कि नई सोच के नए सभापति को चुनकर... फिर से आगे की शुरूआत किया जाय.....साथ ही कुछ दिशा निर्देश भी बना ले तो ठीक रहेगा... जिससे ज्यादा मोडरेशन की जरूरत ही ना पड़े...और इस स्थिति की पुनरावृत्ति न हो.....पर इसका निर्णय कौन करेगा ....



"jatland" जैसे सशक्तं मंच की पड़े लिखे जाटों को जो दूर-सुदूर तक फैले हुए है बहुत जरूरत है... यह जाटों को जोड़ने और जानने का अच्छा अवसर देती है..विश्वास है आने बाले समय में यह पुराने सदस्य सक्रीय होंगे और अपने आचार विचारों से साइट को एक जाटों के एक प्रमुख सामाजिक मंच के रूप में और भी नए सदस्य जोड़ने में कामयाब होंगे...॥

जैसा कि कुछ सदस्यों के 'जाट-मिलन' की बात की.... उत्सुकता से इंतजार है.....
 
Your comments are perfect for this thread. There may be complaint against a Moderator but it is not good to use bad words for him. I fully agree with your statement in the last sentence of last paragraph.

ओहो, जाट कसूते लट्ठम लट्ठा हो रे सैं भाई I और जैसा कि मानव स्वभाव है, इस लट्ठम-लट्ठा युद्ध ने मुद्दत से सुनसान मोहल्ले में काफ़ी कुतूहल पैदा कर दिया है, जिसका भरपूर आनंद तमाशबीन टोली खूब उड़ाती नज़र आ रही है I नज़ारा कुछ यूं लगता है जैसे मोहल्ले के निठल्ले लोग सर्दी की धूप में दो मुरगों की लड़ाई का लुत्फ़ उठा रहे हों, और मोहल्ले के दादा कल्लू उस्ताद के मुर्ग़े के हर वार पर ताली पर ताली बजा रहे हों, ताकि कल्लू उस्ताद के खौफ और सींग फसाई से बचे रहें I

मुद्दे की बात करें तो मुद्दा कोई ख़ास है ही नहीं I हालांकि राजपाल जी की मोडेटरशिप उनके कार्यकाल के आखरी दिनों में मुझे भी अधिक प्रभावित नहीं कर पाई, परन्तु ऐसी कोई गंभीर शिकायत मुझे उनसे कभी नहीं रही, बावजूद इसके कि उन्होंने मेरी कुछ झरीटों पर भी थोड़ी बहुत लीपा पोती की I दूसरी बात यह है की इतने लम्बे अरसे तक बिना तनखाह के मोलड़ पंचायत की प्रधानता करना अपने आप में कोई कम महत्वपूर्ण कार्य नहीं I अगर किसी भाई की बहुमूल्य लिखतम पर उन्होंने कभी पोचा मार भी दिया तो उसकी शिकायत Administrator महोदय से करने का एक विकल्प उपलब्ध है I इस प्रकार की टीका टिप्पणी और अभद्र भाषा के खुले प्रचार प्रसार से जाट समुदाय की शान में कोई बढ़ोतरी होने वाली नहीं है I एक तरफ तो हम जाट भाईचारे का राग अलापते नहीं थकते और दूसरी तरफ अपने ही समुदाय के सीनियर और शिक्षित भाइयों के प्रति अभद्रता और अशिष्टता करने में मर्दानगी समझते हैं जो काफी निंदनीय है I यह तो वही बात हुई कि मोहल्ले में दादा टाइप लोग किसी को कुछ भी उल्टा सीधा कहे और मोहल्ले की पंचायत को टोका टोकी का हक़ ना हो I मुझे पता है इस पोस्ट के बाद मुझे भी काफी अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है परन्तु अपने आँगन का कूड़ा तूड़े आले कोठे की पछीत मैं सरकाना भी ठीक नहीं I

उपरोक्त कथन के बाद मैं यह अवश्य कहना चाहूँगा क़ि मॉडरेटर को हटाने के हक़ में ज्यादा लोगों के मत दान के मध्य नज़र अब राजपाल जी को मॉडरेटर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है I वैसे भी जाटों की पंचायत की प्रधानता के लिए कभी कोई शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत व्यक्ति फिट नहीं बैठता, क्योंकि वहां जंगल का राज़ चलता है, जहाँ सिर्फ लाठी और फेफड़ों की ताकत ही योग्यता समझी जाती है I
 
Off Topic

Hats Off to Parikshit ....3 Damn Days and u manage to pull almost everyone back ......
Kudos to you ...keep it up
रेखा बेबे ,जा राजपाल आड़े अड्या रह्या कयांए ना क्याँए का बहाना ले के ने ,ते ये बन्दे आड़े घणे दिन कोणी डटें । मन्ने सुणी स एक यू पहलम भी कई बे अस्तीफा देणं की कह चुका स ,पर देंदा कोणी । इह के विरोध में पहलम भी कई ताग्गे चाले से । यू जावे कोणी आड़े तें ,इह के बुढ़ापे का सहारा स जाटलैंड ।
कई भाई आड़े घणे डिप्लोमेटिक भी से कितनी-ए तकलीफ हो ,हमने-के , आला हिसाब रखेँ से । इस्स्याँ का वेब साइट तें कैजुअल रिस्ता स । काल बंद होंदी चाहे आज हो जावे । प्रीक्षित के भी या बात खटके थी एक नाश होणं लागर्या स ,जिब्बे ते उहने एक कोशिश मारी । बाकी घणे बैठे लखावें थे ।
---------- सद्भावनाओं सहित ।
 
[h=2]u ek aur aagyaa ,ibbi nyu-a karan laagryaa s mr.intelactual.

Hello[/h]
Thanks my friend for posting my grievance on thread "Happy with moderators?" You are the only way now through which I can express my views. And thanks to the person who started this thread. In the past I did try to start a thread in the same place on the same topic but Moderator Saheb did not like criticism and did not approve my thread.

Anyhow despite so much criticism and feedback, Unfortunately harassment by Mr Rajpal Jangoo is still going on.

Yesterday I tried to post my views on one of the thread and trust me my post did not have a single thing which does not comply with JL members agreement. But still Mr Rajpal did not approve my post. I tried to reply to a fellow member post and my reply did not have anything personal or anything off topic but still moderator saheb did not approve it and nor he provided me any reason on why he did not approve my post.

It's routine affair here. I face continuous harassment by Moderator Rajpal. I tried to put my grievance in the thread "Happy with moderators" but Mr Rajpal again did not approve my post. This is just HEIGHT my friend.

One person spends some time to post views and my time is also valuable like Mr Rajpal's time. But its his style of moderator ship and bias/prejudice is killing this website every single day. A member who post his views by spending so much time get disappointed when his views do not get published. This leave members frustrated and annoyed. The other bad thing is not even a single justification is provided when my posts don't get approved by the moderator. What a SHAME!

I am sorry to pester you again but grateful if you could post my views in that thread again.

Thanks in advance
​
 
Naveen, You have been a member since 2004, I assume you well versed with the functioning of JL. Even I don't want anybody to be removed, simple demand is light should be thrown on content removal and imposition of ban, which is the bone of contention. Somebody is doing this, we need to figure that out. You say who is at fault? PS: a discussion is healthy if comes to a conclusion
 
Naveen, You have been a member since 2004, I assume you well versed with the functioning of JL. Even I don't want anybody to be removed, simple demand is light should be thrown on content removal and imposition of ban, which is the bone of contention. Somebody is doing this, we need to figure that out. You say who is at fault? PS: a discussion is healthy if comes to a conclusion

If calling a fellow names and imputing unfounded allegation is a healthy discussion !

I think, one can argue in favour of his point of view simply without using non required words against anybody also !!

I once again request the member participants in the discussion on this thread to edit their posts which contain derogatory remarks against the fellow member/s at their earliest convenience please.

Healthy discussion on any issue under the sun is welcome but kindly avoid mud slinging on one another please !
 
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