Hariyanvi Rhymes for children ( hariyanvi ) please contribute...

थाली पे थाली
थाली पे बेला
बेले में खीर
खावे म्हारा
न्हना वीर
 
धन्ना कुम्हार ,धन्ना कुम्हार
घर तें कदे तो लिकड़ बहार
धन्ना के गधे की टूटी टांग
धन्ना पड़ग्या पी कें भांग
गधे ने मारी दुलत्ती
धन्ना पड़्या दुछत्ती

( यो म्हारे गाम का एक धन्ना कुम्हार था , उहने चिडाया करदे गा कें )
 
गंडे तें गंडीरी मीठी ,
गुड तें मीठा राला |
भाई तें भतीजा प्यारा ,
सब तें प्यारा साला ||
 
के कहवे तू के
तेरे बाबू ने मारी टेह
तू भाज भाज ले
टेह ने लेग्या बान्दर
तेरे बाबु की खुलगी लान्गड़


( घणा के?के? करनिए बालक नु चिडाया करदे )
 
धारे र धारे
धर दे धरर -धरर
धार पे
एक किल्ला बाहिये
चार बे
किल्ले में गेहूँ हो घणा
फेर हांडइए बन्या- ठणा
( एक धारे था म्हारे गाम में , ऊह का ट्रेक्टर घणा खुड्का कर्या करदा , उहनू चिडाया करदे )
 
डाला भार्या मोटा
पींग का झोटा
लाम्बा मार हाथ
तोड़ सासू कि नाथ

( छोरी पींग पे झोटे लेंदी हाण गाया करदी )
 
मोटी पीहल पताशा
लाल कसूत गंडाशा
और पीहल पकावांगे
फेर छिक-छिक खावांगे
 
राम की झोटी
राम की गाँ
दोनु दूध देवें
रामलू दूध मलाई खा

राम की झोटी
राम की गाँ
दोनु लात मार देवें
रमलू किथों दूध मलाई खा

राम की झोटी
राम की गाँ
रमलू बीरा शायांना
तावाला मुंह बा

( छोटे-छोटे बालकां नु भलो के खुवाया करदे जब उन् की माँ गया करदी )
 
बोले मत रे बोले मत
बोले तो झिखे मत
झीखे तो चिडे मत
चिडे तो रोवे मत
रोवे तो मुंह धोवे मत
मुंह धोवे तो सोवे मत
सो गा तो ले जा गी पुलिस
पुलिस मारेगी डंडे
बोलेमत देवेगा अंडे
(म्हारे गाम में जितने बलमत(बलवंत सिंह ) थे उन् ने चिडाया करदे |
 
कीड़ी का घर कित सी
आगे पाछे नीम तले
खेलन तें जब नाटे
बुढ़िया का जी जले

( खेल्दी हाण जब कोए बुढा/बुढ़िया धम्कांदे जब गाया करदे )
 
ना पाणी का टोटा
सिले पाणी का खल्खोटा
रमलू का मामा मोटा

( लुगाई आपने बालकां नु नुह्वांदी हाण गाया करदी )
 
या देसवाल जी ने पहलम भी छाप राखी स ,थारी खातर फेर छापी जावे स |


आओ रै बाळको खेलांगे, दिल्ली जा कै बोलांगे
दिल्ली की दो रोटी, जीवैं म्हारी झोटी
झोटियां के पाळी, जीवैं म्हारे हाळी
हाळियां की जूत्ती, जीवैं म्हारी कुत्ती
कुत्तियां के पंजे, जीवैं म्हारे गंजे
गंज्यां के रोड़े, जीवैं म्हारे घोड़े
घोड़ां की काठी, जीवैं म्हारे हाथी
हाथियां के सूंड, जीवैं म्हारे भूंड
भूंड़ां की दांतरी. जीवैं म्हारी बांदरी
बांदरियां के चरखे, जीवैं म्हारे घरके
घरक्यां का राम, जीवै सारा गाम ॥
 
कीड़ी का घर
कित सी ?
आगे पाछे
नीम तले |
खेलण तें
जो नाटे,
ऊह बुढ़िया का
जी जले | |

बुढा या बुढ़िया जो खेलण ना देंदे बालकां नु , उन् ने चिडाया करदे |
 
घोघडी ए घोघडी
मारूँ तेरे मोगरी
मोगरी में आई तरेड
घोघडी चरावे काली मेन्ह्स
मेन्ह्स ना दिए डोके
घोघडी के बाबू ने ठोके
 
एक राजा था ,
एक राणी थी,
दोनु मरगे,
ख़तम हुई ,
कहाणी थी ,
तावली जो सो जा
वा बेटी श्यानी थी |
( जब छोटे बालक कहाणी सुणन की जिद्द करदे ,जब उन् ने भालोवन खातर कह्या करदे )
 
काकी री काकी
तू घंणी ताखी ( भेंगी )
मन्ने चिड़ाई
मेरे काका के
रही ना बाकी
 
le bhaai deepak baalkaan aale me bhi ger diyaa teri yaa kahaani

gaadad "चांदी का तेरा चोंतरा जणु सोना लीप्या से... काना मै तेरे गोखले जणु राजा बैठ्या सै"


लोमड़ी ---"गोबर का तेरा चोंतरा जणु गुह का लिप्या से... काना मै तेरे खोंसड़े जणु ढेड बैठ्या सै!!"
 
कीड़ी चढ़ गी पहाड़ पे ,
पी के नो मण तेल |
हाथी घोड़े धरे कान्ध्याँ पे ,
सर पे धर ली रेल | |
 
आद्या -पाद्या
किहने पाद्या
राजा की घोड़ी
सरपट दौड़ी
 
राजा जी की ,
चाली रेल ,
धक्कम पेल ,
धक्कम पेल ,
राजा जी ने जोड़े
ऊह में दो घोड़े ,
झटकम झटकाँ ,
चाली रेल ,
रानी बेठी ,
राजा बेठा ,
बेठा मंत्री ,
उनकी गेल ,
राजा जी के
लागी दाब
राजा उतर कें ,
लिया भाज ,
मंत्री भी हो लिया
गेल्याँ रेल ,
धक्कम पेल ,
धक्कम पेल ,
राजा जी की
चाली रेल
 
Back
Top