Haryana Tasveero Mein (Continued)

Ravinderji thanks for highlighting this EVIL. The problem is as serious in the so-called educated and up-healed urban community of Jats. I personally know quite a few urban Jat families including some in relations which have 2 or more boys and no girls. And then they shamelessly call themselves educated!!!!!


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Jhajjar as a district and Barhana as a village is having the lowest girl child ratio among over 6,00,000 villages in the country at 378 girls to 1000 boys. ADAA is the only organization working in this region for the education, support and promotion of the cause of the girl child. The activities conducted by ADAA are -
1. Educational Activities.
2. Awareness and counselling.
3. Educational visits.
4. Sponsoring needy girl child
5. Sponsoring achievers

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रोहतक नगर में अस्थल बोहर मठ और बोहर गाँव के मध्य शामलात भूमि पर १४ एकड़ के भू-खंड पर आधुनिक और पारम्परिक भारतीय वास्तुशिल्प की विशेषताओं को प्रदर्शित करता हुआ प्रभावशाली अंदाज़ में निर्मित किया गया 'नांदल भवन' सहज ही आकर्षित करता है. सन 2002 के 20 अक्टूबर को बोहर गाँव में संपन्न हुयी नांदल खाप की भाईचारा पंचायत में सर्वसम्मति बनी कि गोत्र खाप के मुखिया गाँव में एक केन्द्रीय कार्यालय एवं सभा भवन का निर्माण होना चाहिये। उत्तरप्र प्रदेश में स्थित गोत्र खाप के गाँव गोदन निवासी एवं विश्व विद्यालय से कुलपति के पद से सेवा निवृत्त हुये आचार्य राम सिंह नान्दल का उक्त सुझाव सभी को पसंद आया था लेकिन वे उक्त दिन की विशाल सभा में शामिल नहीं हो पाये थे। सुझाव पर अमल शुरू हुआ और भवन की रूपरेखा तैयार करने एवं इसके निर्माण हेतु धनराशि एकत्र करने के वास्ते गोत्र खाप के बडेरे अपने गोत्र के गावों में पहुंचे जहां उन्हें समुचित सहयोग राशि हासिल हुई. भवन के वास्तुशिल्पी मदीना गाँव के श्री कुलदीप दांगी ने सुन्दर रचना का अभिकल्प बनाया है। भवन में नीचे और ऊपर की मंजिलों पर बडे हॉल -नीचे वाला सभा मंडप और ऊपर वाला सहभोज कक्ष, हैं। ऊपर की मंजिल पर गुसल समेत १२ कक्ष और दो कक्ष परिवार के लिए बनाये गये हैं। पिछवाडे में बड़ा रसोईघर है. यह एक सुविधा-संपन्न स्थल है. नांदल गोत्र के लोग यदि यहाँ प्रीतिभोज अथवा कोई आयोजन करें तो फीस है 21000 रूपए और बाहर के लोगों के लिये है 51000.अभी तक करीब दो करोड़ पचास लाख रुपये की धनराशि का व्यय हो चुका है और तक़रीबन इतनी ही राशि और खर्च होने की संभावना है. भवन को सज्जित करने और समुदाय के लिये उपयोगी बने रखने के लिये इसमें एक पुस्तकालय, हरियाणा की संस्कृति और इतिहास के प्रतीक छायाचित्र, व्यायामशाला एवं योगाभ्यास कक्ष तथा बौद्धिक समृद्धि लिये विचार-गोष्ठियां आयोजित करने का प्रस्ताव प्रबंध समिति के सामने विचाराधीन हैं। उम्मीद है नांदल खाप का यह प्रयास समाज के लिये बहुविध उपयोगी साबित होगा.
 
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