ravinderjeet
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रोजाँ की डार ,भाजण ने लाचार |
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बह्ड्का अर गोस्स्याँ की हेल , --- छाया चित्रकार :राजकिशन नेन--(गाम :अजायब,रोहतक हरयाणा)
श्री मान जी ये गोसे कोनि ........... यो ते गुड का टोकरा से
सही पकड़ा भाई योगेश ....यो खुरपा पाड़ गुड स |
राणा जी ,हामने ते कदे ना देख्या यु गुड | भेली ते बणाया करदे | पर उनकी शेप न्यारी होया करदी | हो सके स बलध ज्यां तें-ए जीभ काढर्या हो |
राणा जी ,हामने ते कदे ना देख्या यु गुड | भेली ते बणाया करदे | पर उनकी शेप न्यारी होया करदी | हो सके स बलध ज्यां तें-ए जीभ काढर्या हो |
भाई जी खुरपा पाड़ गुड की एक खासियत होया करती के इस मै रवा (खांड का दाना ) बहूत होया करदा | क्योंकि एक त सीजन के आखर मै बनाया करते और दूसरा थोडा ज्यादा पका दिया करते | घरां खान खातर ज्यादातर योहे इस्तेमाल करया करते |राणा जी ,हामने ते कदे ना देख्या यु गुड | भेली ते बणाया करदे | पर उनकी शेप न्यारी होया करदी | हो सके स बलध ज्यां तें-ए जीभ काढर्या हो |
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