Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

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रस भरी देह
सर था हरया
धोळी होई चोटी
जमींदार डरया




बताओ के ?
 
ईंख हो सके से

सही जबाब दीपक | तेरे ताहीं एक गंडा इनाम में | जब शिर्टा लिक्डावे ते गंडे का रस सुखन लाग जाया करे अर तौल में कम उतर्या करे ज्यां तें जमींदार डर्या करे |
 
Ganda ar chilam mein chugda kakda ityadi inseprable part hai joki automatically include ho jate hain

हाँ पेचकस तें टाईट करणे पड़ें सें जाणू ते ये सारे | चलो फेर भी तू कहवे स ते मान ल्यांगे |
 
धोल़ा महल
ना कोए दार
भीतर बेठा
पीला राजकुमार |




बताओ के ?
 
ना में संत
ना में तरुं
जा तू बता दे
तेरे मुंह ने
रस तें भरूँ |




बताओ के ?
 
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